हाथरस। जिलाधिकारी डा0 रमा शंकर मौर्य ने जिले में विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की। जिसके दौरान उन्होने कार्यो में तेजी लाने हेतु विभागीय अधिकारियों को कडे निर्देश दिये हैं। उन्होने जोर देकर कहा कि प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं में शामिल योजनाओं सहित जनपद के निर्माण कार्य, जनकल्याणकारी, गरीबी उन्मूलन एवं रोजगारपरक योजनाओं एवं विभागीय कार्यो को गुणवत्ता सहित समय से पूरा करने के लिये तबज्जो दी जाये।
उन्होंने कहा की विकास एवं निर्माण कार्यो की वित्तीय एवं भौतिक कार्यप्रगति की विभागवार समीक्षा के दौरान सभी स्वीकृत परियोजनाओं का प्रभावी अनुश्रवण करने के बारे में विभागीय अधिकारियों को कडे़ निर्देश दिये। उन्होंने आगाह किया कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार विकास एवं निर्माण कार्यो की गुणवत्ता में शिकायत अथवा लापरवाही पाये जाने पर जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध कडी कार्यवाही की जायेगी। पीडी ने विकास विभाग के अनुभागो के आईजीआरएस पर लम्बित प्रकरणों के बारें में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विभाग के द्वारा आॅनलाइन डिफाल्टर होने पर कडी कार्यवाही की जायेगी।
उन्होने समाज कल्याण अधिकारी से छात्रवृत्ति, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन तथा विकलांग पेशन योजना के बारे में जानकारी ली। अधीक्षण अभियन्ता जल निगम ने हाथरस शहर में अमृत पेयजल योजना के प्रगति की जानकारी दी। जिला दिव्यांगजन सश्कतीकरण अधिकारी प्रतिभा पाल ने बताया कि कुल 86 प्रतिशत दिव्यागजन पेंशन धारक का आधार लिंक कराया जा चुका हैं। जिलाधिकारी ने आधार लिंक शत प्रतिशत करने के निर्देश दिये। सडकों की गढ्ढा मुक्त की समीक्षा के दौरान बताया कि जनपद के कुल 415 सडकों में से 411 सडकों को गढ्ढा मुक्त कर दिया गया है। जनपद में कुल 14 सडकें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चिन्हित कि गयी है। जिसमें से 05 सड़कों को पूरा कर लिया गया हैं शेष 09 सड़कों को अपै्रल तक पूरा कर लिया जायेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने पूर्ण सड़कों का माननीय सांसद महोदय से उद्घाटन कराने को कहा। अधीक्षण अभियन्ता विद्युत ने बताया कि जनपद की कुल 1282 मजरों में से 750 मजरों को विद्युतीकृत कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने विद्युतीकरण की सप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि पूर्व दशम छात्रवृत्ति के तहत कुल 64 लाख 30 हजार रूपयें छात्रवृत्ति के रूप में वितरित किये गये। जिलाधिकारी ने विभागों द्वारा भेजी गयी सूचनाओं में विषमता होने पर जिम्मेंदार व्यक्ति से सूचनायें भेजनें के निर्देश दियें।
इसके अलावा विकास तथा योजनाओं की समीक्षा हेतु प्रत्येक सोमवार को सायं 08ः00 बजें सीएमओं, मुख्य विकास अधिकारी, सभी एसडीएम तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिये। जिला कार्यक्रम अधिकारी मुन्नी देवी दिवाकर ने बताया कि 0-6 वर्ष के लगभग 56 हजार बच्चों के आधार बनने शेष है। जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुयें ग्रामवार सूची उपलब्ध कराने के साथ प्रति सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दियें। उन्होने बताया कि जनपद जनपद में केवल 27 कुपोषित गांव है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को कुपोषित गांव के नोडल अधिकारी के साथ शीघ्र बैठक करने के निर्देश दियें तथा एक माह में सभी गांव को कुपोषित मुक्त करने को कहा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल बैग, जूता, मोजा तथा मिडडेमील वितरण के बारे में जानकारी दी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बृजेश राठौर, जिला अर्थ एव सख्यिकी अधिकारी देवेन्द्र, उप निदेशक कृषि, जिला समाज कल्याण अधिकारी एस पी सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी रेखा सुमन, जिला उद्यान अधिकारी गम पाल सिंह, जिला आबकारी अधिकारी, सरम परवर्तन अधिकारी मथुरा प्रसाद गुप्ता, सहित पीडब्लूडी, विद्युत, आरईडी, जल निगम, नलकूप, सिंचाई, आदि विभागों के अभियन्ता तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
उन्होंने कहा की विकास एवं निर्माण कार्यो की वित्तीय एवं भौतिक कार्यप्रगति की विभागवार समीक्षा के दौरान सभी स्वीकृत परियोजनाओं का प्रभावी अनुश्रवण करने के बारे में विभागीय अधिकारियों को कडे़ निर्देश दिये। उन्होंने आगाह किया कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार विकास एवं निर्माण कार्यो की गुणवत्ता में शिकायत अथवा लापरवाही पाये जाने पर जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध कडी कार्यवाही की जायेगी। पीडी ने विकास विभाग के अनुभागो के आईजीआरएस पर लम्बित प्रकरणों के बारें में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विभाग के द्वारा आॅनलाइन डिफाल्टर होने पर कडी कार्यवाही की जायेगी।
उन्होने समाज कल्याण अधिकारी से छात्रवृत्ति, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन तथा विकलांग पेशन योजना के बारे में जानकारी ली। अधीक्षण अभियन्ता जल निगम ने हाथरस शहर में अमृत पेयजल योजना के प्रगति की जानकारी दी। जिला दिव्यांगजन सश्कतीकरण अधिकारी प्रतिभा पाल ने बताया कि कुल 86 प्रतिशत दिव्यागजन पेंशन धारक का आधार लिंक कराया जा चुका हैं। जिलाधिकारी ने आधार लिंक शत प्रतिशत करने के निर्देश दिये। सडकों की गढ्ढा मुक्त की समीक्षा के दौरान बताया कि जनपद के कुल 415 सडकों में से 411 सडकों को गढ्ढा मुक्त कर दिया गया है। जनपद में कुल 14 सडकें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चिन्हित कि गयी है। जिसमें से 05 सड़कों को पूरा कर लिया गया हैं शेष 09 सड़कों को अपै्रल तक पूरा कर लिया जायेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने पूर्ण सड़कों का माननीय सांसद महोदय से उद्घाटन कराने को कहा। अधीक्षण अभियन्ता विद्युत ने बताया कि जनपद की कुल 1282 मजरों में से 750 मजरों को विद्युतीकृत कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने विद्युतीकरण की सप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि पूर्व दशम छात्रवृत्ति के तहत कुल 64 लाख 30 हजार रूपयें छात्रवृत्ति के रूप में वितरित किये गये। जिलाधिकारी ने विभागों द्वारा भेजी गयी सूचनाओं में विषमता होने पर जिम्मेंदार व्यक्ति से सूचनायें भेजनें के निर्देश दियें।
इसके अलावा विकास तथा योजनाओं की समीक्षा हेतु प्रत्येक सोमवार को सायं 08ः00 बजें सीएमओं, मुख्य विकास अधिकारी, सभी एसडीएम तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिये। जिला कार्यक्रम अधिकारी मुन्नी देवी दिवाकर ने बताया कि 0-6 वर्ष के लगभग 56 हजार बच्चों के आधार बनने शेष है। जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुयें ग्रामवार सूची उपलब्ध कराने के साथ प्रति सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दियें। उन्होने बताया कि जनपद जनपद में केवल 27 कुपोषित गांव है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को कुपोषित गांव के नोडल अधिकारी के साथ शीघ्र बैठक करने के निर्देश दियें तथा एक माह में सभी गांव को कुपोषित मुक्त करने को कहा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल बैग, जूता, मोजा तथा मिडडेमील वितरण के बारे में जानकारी दी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बृजेश राठौर, जिला अर्थ एव सख्यिकी अधिकारी देवेन्द्र, उप निदेशक कृषि, जिला समाज कल्याण अधिकारी एस पी सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी रेखा सुमन, जिला उद्यान अधिकारी गम पाल सिंह, जिला आबकारी अधिकारी, सरम परवर्तन अधिकारी मथुरा प्रसाद गुप्ता, सहित पीडब्लूडी, विद्युत, आरईडी, जल निगम, नलकूप, सिंचाई, आदि विभागों के अभियन्ता तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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