हाथरस। जनपद के बिसाना की रहने वाली महिला के पति के अपहरण की पुलिस ने सुनवाई नही की थी। जिसके आरोपी खुले घूम रहे थे और लगातार महिला के परिजनों को धमकिया भी मिल रही थी। तब महिला ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। सुप्रीम कोर्ट ने महिला को राहत देते हुए आरोपों की सीबी/सीआईडी की जाँच के आदेश उप्र सरकार को दिए है।
आपको बतादे की नबम्बर 2009 बीडीसी मेंबर वीरेंद्र को कुछ लोग जबरन उठा ले गए थे। जिसकी रिपोर्ट वीरेंद्र की पत्नी मीरा देवी ने थाने में करवाई थी। मीरा देवी की माने तो उसने हर दरवाजा न्याय के लिए खट-खटाया था। लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई तब जाकर उसने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। सुप्रीम कोर्ट ने उप्र सरकार को घटना की सीबी/सीआईडी जाँच के आदेश दिए है। वही पीड़ित की माने तो उसके अनुसार तत्कालीन ऊर्जा मंत्री के दो भाइयो ने हथियारों के बल पर जबरन उसका अपहरण कर लिया था जब वह देवेंद्र अग्रवाल खेत पर मजदूरी कर रहा था।
आपको बतादे की नबम्बर 2009 बीडीसी मेंबर वीरेंद्र को कुछ लोग जबरन उठा ले गए थे। जिसकी रिपोर्ट वीरेंद्र की पत्नी मीरा देवी ने थाने में करवाई थी। मीरा देवी की माने तो उसने हर दरवाजा न्याय के लिए खट-खटाया था। लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई तब जाकर उसने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। सुप्रीम कोर्ट ने उप्र सरकार को घटना की सीबी/सीआईडी जाँच के आदेश दिए है। वही पीड़ित की माने तो उसके अनुसार तत्कालीन ऊर्जा मंत्री के दो भाइयो ने हथियारों के बल पर जबरन उसका अपहरण कर लिया था जब वह देवेंद्र अग्रवाल खेत पर मजदूरी कर रहा था।

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