हाथरस। आगामी 1 जुलाई से केन्द्र सरकार द्वारा लागू किये जा रहे जीएसटी के विरोध में आज अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल द्वारा प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया तथा ऐलान किया कि जीएसटी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं है और इसे 6 महीने के लिये बढाया जाये।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के पदाधिकारी आज जिलाध्यक्ष अशोक बागला के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में व्यापारियों द्वारा कहा गया है कि अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार का जीएसटी की कमियों पर ध्यान दें और 1 जुलाई से किसी कीमत पर जीएसटी स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इसके लिये अभी सरकार की तैयारी पूरी नहीं हुई है। व्यापारियों को भी अभी तक कोई विशेष जानकारी नहीं है। इसलिये जीएसटी को कम से कम 6 माह के लिये आगे बढाया जाये। जीएसटी में ई-बिलिंग के अलावा मैन्युअल बिलिंग की सुविधा पहले जैसा व्यापार रखा जाये। व्यापारी के लिये कम्प्यूटर और चार्टट एकाउंटेंट रखना सम्भव नहीं है इसलिये उसे वैकल्पिक रखा जाये। किसी भी प्रकार से सजा के प्रावधान को अ.भा. उद्योग व्यापार मण्डल स्वीकार नहीं करेगा। जुर्माना और अर्थदण्ड व्यापारी के ऊपर किसी प्रकार का स्वीकार नहीं है। दो सालों तक अर्थ दण्ड नहीं लगना चाहिये। कपडे पर से जीएसटी हटना चाहिए। जीएसटी लागू करने से पूर्व व्यापारी को प्रशिक्षित करना चाहिये। जीएसटी इतना जटिल है कि बिना वकील व चार्टेड एकाउंटेंट की मदद से व्यापार नहीं किया जा सकता इसको सरल बनाया जाये। केन्द्र सरकार द्वारा एक देश एक विधान एक टैक्स का नारा दिया गया है तो जीएसटी के साथ अन्य राज्यों में लगने वाले अलग-अलग टैक्सों को (मण्डी शुल्क, प्रवेश शुल्क आदि) पूर्णतयाः समाप्त किया जाये।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष अशोक बागला, प्रदेश सचिव योगेन्द्र शर्मा योगा पंडित, प्रांतीय सदस्य गोविन्द अग्रवाल, जिला महामंत्री कपिल अग्रवाल, शहराध्यक्ष पदम अग्रवाल, अरूण कुलश्रेष्ठ, राजकुमार वर्मा, ललतेश गुप्ता, अनुज कुमार संत, गिर्राज किशोर गुप्ता गुड वाले, टिक्कू अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, विजय वाष्र्णेय, प्रेमप्रकाश शर्मा पागल गुरू, बलवीर वर्मा, अंकुर अग्रवाल, शेखर वाष्र्णेय आदि लोग शामिल थे।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के पदाधिकारी आज जिलाध्यक्ष अशोक बागला के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में व्यापारियों द्वारा कहा गया है कि अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार का जीएसटी की कमियों पर ध्यान दें और 1 जुलाई से किसी कीमत पर जीएसटी स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इसके लिये अभी सरकार की तैयारी पूरी नहीं हुई है। व्यापारियों को भी अभी तक कोई विशेष जानकारी नहीं है। इसलिये जीएसटी को कम से कम 6 माह के लिये आगे बढाया जाये। जीएसटी में ई-बिलिंग के अलावा मैन्युअल बिलिंग की सुविधा पहले जैसा व्यापार रखा जाये। व्यापारी के लिये कम्प्यूटर और चार्टट एकाउंटेंट रखना सम्भव नहीं है इसलिये उसे वैकल्पिक रखा जाये। किसी भी प्रकार से सजा के प्रावधान को अ.भा. उद्योग व्यापार मण्डल स्वीकार नहीं करेगा। जुर्माना और अर्थदण्ड व्यापारी के ऊपर किसी प्रकार का स्वीकार नहीं है। दो सालों तक अर्थ दण्ड नहीं लगना चाहिये। कपडे पर से जीएसटी हटना चाहिए। जीएसटी लागू करने से पूर्व व्यापारी को प्रशिक्षित करना चाहिये। जीएसटी इतना जटिल है कि बिना वकील व चार्टेड एकाउंटेंट की मदद से व्यापार नहीं किया जा सकता इसको सरल बनाया जाये। केन्द्र सरकार द्वारा एक देश एक विधान एक टैक्स का नारा दिया गया है तो जीएसटी के साथ अन्य राज्यों में लगने वाले अलग-अलग टैक्सों को (मण्डी शुल्क, प्रवेश शुल्क आदि) पूर्णतयाः समाप्त किया जाये।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष अशोक बागला, प्रदेश सचिव योगेन्द्र शर्मा योगा पंडित, प्रांतीय सदस्य गोविन्द अग्रवाल, जिला महामंत्री कपिल अग्रवाल, शहराध्यक्ष पदम अग्रवाल, अरूण कुलश्रेष्ठ, राजकुमार वर्मा, ललतेश गुप्ता, अनुज कुमार संत, गिर्राज किशोर गुप्ता गुड वाले, टिक्कू अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, विजय वाष्र्णेय, प्रेमप्रकाश शर्मा पागल गुरू, बलवीर वर्मा, अंकुर अग्रवाल, शेखर वाष्र्णेय आदि लोग शामिल थे।
एक टिप्पणी भेजें
जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।