हाथरस/सासनी। नोट बंदी के बाद बाजार में जहां बड़े नोटों ने अपने पैर जमा लिए वहीं बाजारों में रेजगारी की समस्या ने भी लोगों को पूरी तरह जकड़ लिया है। हालात यहां तक आ पहुंचे हैं कि कमीशन पर हजारों रुपए की रेजगारी का लेन देन हो रहा है। पेट भरने को एक रुपए की भीक मांगने वाले भिकारी भी अब एक के बजाय पांच रुपए के सिक्के की मांग करने लगे हैं। बच्चे भी एक या दो रुपए के सिक्कों से नहीं बहलते इसी कारण वस्तुओं की दरों में भी इजाफा हो रहा है दूकानदारों और व्यापारियों का कहना है कि बैंक दो से पांच हजार तक के मूल्य के सिक्के तो दे देती है मगर लेने से परहेज करती हैं और तो और बाजार में कमीशन पर भी एक दो पाँच के सिक्कों का लेन देन धड़ल्ले से चल रहा है। जिससे बाजार में रेज गारी की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। ऐसा ही रहा तो इस समस्या के चलते एक और दो के सिक्के चलन से बाहर हो जाएँगे । हालात बिगड़ने से पहले सरकार को सिक्कों को कागज के नोटों में बदलने की पहल करनी चाहिए ।
अंगद का पैर बनी रेजगारी की समस्या, कमीशन पर हो रहा है लेन देन
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