हाथरस। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लहरा रोड स्थित माँ रामवती महाविद्यलय में योग कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय के प्रबन्धक, प्राचार्य, शिक्षकों के साथ-साथ बी.टी.सी.2014 व बी.टी.सी. 2015 के प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस अवसर पर योगाचार्य राजकुमार वाष्र्णेय व योगेश का फूल माला व पगड़ी पहनाकर तथा शॉल उढ़ाकर एवं राधाकृष्ण की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्रबंधक रामेश्वर उपाध्याय, प्राचार्य हेमंत सिसोदिया, योगाचार्य राजकुमार वाष्र्णेय ने ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के छविचित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया। लगभग चार घण्टे तक चली योग की कक्षा में राजकुमार वाष्र्णेय ने योग से निरोग कैसे हो पर अपने विचार व स्वस्थ्य जीवन शैली के लिए कैसा हो आधार पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि प्राणायाम से हमें 54 प्रतिशत ऊर्जा मिलती है। हमें अपनी दिनचर्या में भोजन का समय निर्धारित कर प्रातः 10 बजे तक व शाम 8 बजे तक भोजन कर लेना चाहिए। अन्यथा हार्ट, बी.पी. मधुमेह, थायराइड, डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ेगा। योग की नया मिल शाखा से आये योगाचाये योगेश ने योग, प्राणायाम, सूक्ष्म व्यायाम एवं सूर्य नमस्कार जैसी महत्वपूर्ण क्रियाओं को कराया।
प्रबंधक रामेश्वर उपाध्याय ने बी.टी.सी. प्रशिक्षुओं के लिए योग का एक कालांश पाठ्यक्रम में सम्मलित करने के निर्देश देते हुए माह में एक दिन पूर्ण रूप से योगाभ्यास एवं निर्देशन हेतु निर्धारित करने का राजकुमार वाष्र्णेय से अनुरोध किया। जिससे वाष्र्णेय ने माह के अंतिम गुरुवार को योगाभ्यास हेतु कराने की सहमति दे दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सुनीता उपाधयाय, डॉ. श्रद्धा शर्मा, गोपाल शर्मा, हरीश कुलश्रेष्ठ, अनुज सारस्वत, अशोक शर्मा, ध्रुव शर्मा, पवन गोस्वामी, रमेश व आशिक आदि थे।
इस अवसर पर योगाचार्य राजकुमार वाष्र्णेय व योगेश का फूल माला व पगड़ी पहनाकर तथा शॉल उढ़ाकर एवं राधाकृष्ण की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्रबंधक रामेश्वर उपाध्याय, प्राचार्य हेमंत सिसोदिया, योगाचार्य राजकुमार वाष्र्णेय ने ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के छविचित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया। लगभग चार घण्टे तक चली योग की कक्षा में राजकुमार वाष्र्णेय ने योग से निरोग कैसे हो पर अपने विचार व स्वस्थ्य जीवन शैली के लिए कैसा हो आधार पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि प्राणायाम से हमें 54 प्रतिशत ऊर्जा मिलती है। हमें अपनी दिनचर्या में भोजन का समय निर्धारित कर प्रातः 10 बजे तक व शाम 8 बजे तक भोजन कर लेना चाहिए। अन्यथा हार्ट, बी.पी. मधुमेह, थायराइड, डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ेगा। योग की नया मिल शाखा से आये योगाचाये योगेश ने योग, प्राणायाम, सूक्ष्म व्यायाम एवं सूर्य नमस्कार जैसी महत्वपूर्ण क्रियाओं को कराया।
प्रबंधक रामेश्वर उपाध्याय ने बी.टी.सी. प्रशिक्षुओं के लिए योग का एक कालांश पाठ्यक्रम में सम्मलित करने के निर्देश देते हुए माह में एक दिन पूर्ण रूप से योगाभ्यास एवं निर्देशन हेतु निर्धारित करने का राजकुमार वाष्र्णेय से अनुरोध किया। जिससे वाष्र्णेय ने माह के अंतिम गुरुवार को योगाभ्यास हेतु कराने की सहमति दे दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सुनीता उपाधयाय, डॉ. श्रद्धा शर्मा, गोपाल शर्मा, हरीश कुलश्रेष्ठ, अनुज सारस्वत, अशोक शर्मा, ध्रुव शर्मा, पवन गोस्वामी, रमेश व आशिक आदि थे।
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