हाथरस। आर्य समाज कौमरी का 24 वां वार्षिकोत्सव एवं सामवेद परायण यज्ञ धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर आर्य विद्वानों ने वर्तमान पीढ़ी को धू्रमपान, गुटखा, शराब, मांसाहार, नास्तिकता, स्वार्थता एवं कर्तव्यहीनता आदि नारकीय दुर्गुणों से दूर रहने का आग्रह किया।
जिला प्रधान रमेशचन्द्र आर्य ने कहा कि आज अन्ध विश्वास, अन्याय, अधर्म, अनाचार बढ़ता जा रहा है, यदि इसकी रफ्तार इसी तरह से बढ़ती गई तो यह देश, परिवार व समाज नरक बन जायेगा। मदनलाल आर्य ने कहा कि केवल वेदों का स्वध्याय करने से तथा उसके ऊपर चलने से मानव का कल्याण हो सकता है। मनुष्य के साथ ज्ञान व कर्म ही जाते हैं, यदि हमको सच्चा ज्ञान प्राप्त नहीं हुआ तो हमारे कर्म भी सही नहीं होंगे और हम अपने ज्ञान से भटक जायेंगे। श्रीमती बीना आर्य ने कहा कि हमको अपने पूर्वजों ने मार्ग दिखलाया है उसी पर चलना चाहिये। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य समाज कौमरी के प्रधान हरपाल सिंह तथा संचालन भंवरपाल सिंह ने किया। इस अवसर पर देवेन्द्र शर्मा प्रधान, श्यामवीर, हरीशंकर आर्य, बनवारीलाल गोस्वामी, राजेन्द्र पलावत, शेरसिंह आर्य, महेशचन्द आदि उपस्थित थे।
जिला प्रधान रमेशचन्द्र आर्य ने कहा कि आज अन्ध विश्वास, अन्याय, अधर्म, अनाचार बढ़ता जा रहा है, यदि इसकी रफ्तार इसी तरह से बढ़ती गई तो यह देश, परिवार व समाज नरक बन जायेगा। मदनलाल आर्य ने कहा कि केवल वेदों का स्वध्याय करने से तथा उसके ऊपर चलने से मानव का कल्याण हो सकता है। मनुष्य के साथ ज्ञान व कर्म ही जाते हैं, यदि हमको सच्चा ज्ञान प्राप्त नहीं हुआ तो हमारे कर्म भी सही नहीं होंगे और हम अपने ज्ञान से भटक जायेंगे। श्रीमती बीना आर्य ने कहा कि हमको अपने पूर्वजों ने मार्ग दिखलाया है उसी पर चलना चाहिये। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य समाज कौमरी के प्रधान हरपाल सिंह तथा संचालन भंवरपाल सिंह ने किया। इस अवसर पर देवेन्द्र शर्मा प्रधान, श्यामवीर, हरीशंकर आर्य, बनवारीलाल गोस्वामी, राजेन्द्र पलावत, शेरसिंह आर्य, महेशचन्द आदि उपस्थित थे।
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