हाथरस। कहने को तो अस्पताल के डाक्टर मरीजो के हितो के लिये बड़े बड़े दाबे करते है, मगर आज फिर एक बार ऐमरजैन्सी मे मानबियता सर्मशार हुई। सर्प के डसने से गरीब के मासूम की हालत बिगड़ने पर उसको बागला अस्पताल मे लाया गया। डाक्टरो ने प्राथमिक उपचार के नाम पर खानापूर्ती कर उसको अलीगढ रैफर कर दिया गया। अलीगढ ले जाने के लिये पैसो के आभाव मे वह डाक्टरो के आगे गिड़गिड़ाता रहा मगर उसको कोई राहत नही मिली हार थक कर लोगो ने उसके बच्चे को 108 एम्बूलेंस से अलीगढ भेजने की व्यबस्था की गई। बताया गया कि अलीगढ मे भी उसके सामने पैसो की कमी आड़े आई मगर वंहा के लोगो ने उसकी व्यवस्था को कर दिया जाना बताया गया है।
थाना चंदपा क्षेत्र के गांव मीतई निवासी बदन सिंह का पांच साल का मासूम प्रातः अपने घर के आंगने मे खेल रहा था कि उसी दौरान उसको सर्प ने डस लिया, बच्चे की हालत बिगडी तो उसके परिजन उसे आनन फानन मे बागला जिला अस्पताल इस उम्मीद मे लेकर आये कि यंहा उनके बच्चे का अच्छा उपचार मिल जायेगा और वह जल्द स्वस्थ्य हो जायेगा, मगर यंहा का हाल बुरा है घंटो अपने बच्चे को लेकर भटकता रहा उसके बाद अमरजेंसी में तैनात डाक्टर ने जो बना वह उपचार देने के बाद उसकी हालत को बिगड़ता देख अलीगढ के लिये रैफर कर दिया। बच्चे के परिजन निहात गरीब है उन्होने पैसो का आभाव बताते हुए अपने बच्चे को यंही उपचार देने की गुजारिस की मगर डाक्टरो ने हाथ खड़े कर दिये। लोगो की माने तो अगर इस गरीब के जगह अगर कोई रसूक दार व्यक्ति होता तो डाक्टर सर्प रोग के जानकार डाक्टर आरपी सिंह की मददत लेते और वह ठीक हो जाता। घ्ंाटो के वाद सरकारी एम्बूलेंस से उस बच्चे को अलीगढ ले जाने की व्यवस्था किया जाना और घंटो अस्पताल मे रोना बिलखना देख लोगो ने यही कहा कि गरीबी सबसे बड़ी बीमारी है जिसका कोई इलाज नही है।
थाना चंदपा क्षेत्र के गांव मीतई निवासी बदन सिंह का पांच साल का मासूम प्रातः अपने घर के आंगने मे खेल रहा था कि उसी दौरान उसको सर्प ने डस लिया, बच्चे की हालत बिगडी तो उसके परिजन उसे आनन फानन मे बागला जिला अस्पताल इस उम्मीद मे लेकर आये कि यंहा उनके बच्चे का अच्छा उपचार मिल जायेगा और वह जल्द स्वस्थ्य हो जायेगा, मगर यंहा का हाल बुरा है घंटो अपने बच्चे को लेकर भटकता रहा उसके बाद अमरजेंसी में तैनात डाक्टर ने जो बना वह उपचार देने के बाद उसकी हालत को बिगड़ता देख अलीगढ के लिये रैफर कर दिया। बच्चे के परिजन निहात गरीब है उन्होने पैसो का आभाव बताते हुए अपने बच्चे को यंही उपचार देने की गुजारिस की मगर डाक्टरो ने हाथ खड़े कर दिये। लोगो की माने तो अगर इस गरीब के जगह अगर कोई रसूक दार व्यक्ति होता तो डाक्टर सर्प रोग के जानकार डाक्टर आरपी सिंह की मददत लेते और वह ठीक हो जाता। घ्ंाटो के वाद सरकारी एम्बूलेंस से उस बच्चे को अलीगढ ले जाने की व्यवस्था किया जाना और घंटो अस्पताल मे रोना बिलखना देख लोगो ने यही कहा कि गरीबी सबसे बड़ी बीमारी है जिसका कोई इलाज नही है।
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