हाथरस। पत्नी की हत्या में दोष सिद्व करते हुये कोर्ट ने युवक को उम्र कैद की सजा सुनाई है। ढाई साल पहले महिला ससुराल में फंदे पर लटकी मिली थी। लड़की के घर वालों ने पति, देवर, सास के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट ने सास व देवर को दोष मुफ्त किया है।
सत्यवीर सिंह ने कोतवाली हाथरस गेट में 21 अप्रैल 2014 को अपने दामाद राजकुमार उर्फ राजू पुत्र बिरजू व उसके भाई नीरज, बहन पूजा व मां गुडडी निवासीगण खंदरीगढी के खिलाफ आइपीसी की धारा 498ए, 304 बी व 3/4 दहेज प्रतिषेश अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राजकुमार से पिंकी की शादी 2011 में हुई थी। सत्यवीर 204 को पिंकी ने फोन पर मायके में खबर दी कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई है तथा कमरे में बंद कर दिया था। इसकी जानकारी पर मायके वाले गांव के लोगों के साथ पिंकी की ससुराल आ गये थे। यहां ससुरालियों को मांग पूरी करने का आश्वासन देकर वे चले गये। दूसरे दिन सुबह उन्हे पता चला कि पिंकी की मौत हो गई है। पिंकी का शव पंखे से लटका मिला था। हत्या का आरोप लगाते हुये सत्यवीर ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने राजकुमार, नीरज व गुडडी के खिलाफ चार्जशाीट दाखिल की। मामला सत्र न्यायालय में पहुचा एडीजे/एफटीसी कोर्ट प्रथम राजकुमार बंसल ने मामले को गंभीरता से लिया। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिये ट्रायल तेजी से हुआ। ढाई साल के अंदर मामला निर्णय तक पहुंच गया। इस मामले में राजकुमार उर्फ राजू को पत्नी पिंकी की हत्या का दोषी ठहराया गया। देहज उत्पीड़न के आरोप सिद्व नही हो सके। कोर्ट ने आइपीसी की धारा 302 में राजकुमार को उम्र कैद व तीस हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनाई।
सत्यवीर सिंह ने कोतवाली हाथरस गेट में 21 अप्रैल 2014 को अपने दामाद राजकुमार उर्फ राजू पुत्र बिरजू व उसके भाई नीरज, बहन पूजा व मां गुडडी निवासीगण खंदरीगढी के खिलाफ आइपीसी की धारा 498ए, 304 बी व 3/4 दहेज प्रतिषेश अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राजकुमार से पिंकी की शादी 2011 में हुई थी। सत्यवीर 204 को पिंकी ने फोन पर मायके में खबर दी कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई है तथा कमरे में बंद कर दिया था। इसकी जानकारी पर मायके वाले गांव के लोगों के साथ पिंकी की ससुराल आ गये थे। यहां ससुरालियों को मांग पूरी करने का आश्वासन देकर वे चले गये। दूसरे दिन सुबह उन्हे पता चला कि पिंकी की मौत हो गई है। पिंकी का शव पंखे से लटका मिला था। हत्या का आरोप लगाते हुये सत्यवीर ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने राजकुमार, नीरज व गुडडी के खिलाफ चार्जशाीट दाखिल की। मामला सत्र न्यायालय में पहुचा एडीजे/एफटीसी कोर्ट प्रथम राजकुमार बंसल ने मामले को गंभीरता से लिया। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिये ट्रायल तेजी से हुआ। ढाई साल के अंदर मामला निर्णय तक पहुंच गया। इस मामले में राजकुमार उर्फ राजू को पत्नी पिंकी की हत्या का दोषी ठहराया गया। देहज उत्पीड़न के आरोप सिद्व नही हो सके। कोर्ट ने आइपीसी की धारा 302 में राजकुमार को उम्र कैद व तीस हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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