Top News

हाथरस- रामनगर (पंजाबी) कालौनी स्थित बी. एम. पब्लिक स्कूल में काव्य संध्या के साथ मनाई गई अक्रूर इंटर कालेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता तथा सैन्ट आर. एच. कान्वेंट स्कूल के संस्थापक स्व. पं. श्याम सुन्दर शर्मा की 8 वीं पुण्यतिथि

हाथरस । अक्रूर इंटर कालेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता तथा सैन्ट आर. एच. कान्वेंट स्कूल के संस्थापक स्व. पं. श्याम सुन्दर शर्मा की 8 वीं पुण्यतिथि रामनगर (पंजाबी) कालौनी स्थित बी. एम. पब्लिक स्कूल में काव्य संध्या के साथ मनाई गई। बी. एम. पब्लिक स्कूल के निदेशक एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री एस. के. शर्मा के साथ-साथ ओंकार सिंह वर्मा, मुकेश दीक्षित, तुलाराम सुमन, हरीमोहन शर्मा गुरूजी, प्रशान्त शर्मा, चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य, अरूण शर्मा, लालता प्रसाद सारस्वत आदि ने मां सरस्वती के छविचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन किया।
पं. श्याम सुन्दर शर्मा शिक्षक थे इसलिये शिक्षाविद् व जनता इंटर कालेज के पूर्व      प्रधानाचार्य रामनाथ कौशिक एवं राजकीय इंटर कालेज अलीगढ़ के प्रवक्ता राजीव मोहन भारद्वाज के अलावा चूंकि शिक्षा और साहित्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं इसलिये साहित्य क्षेत्र में मेला श्री दाऊजी महाराज में आयोजित अ.भा. कवि सम्मेलन के संयोजक दैनिक जागरण ग्रुप, अ.भा. ब्रजभाषा कवि सम्मेलन के संयोजक आशुकवि अनिल बौहरे, अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन की संयोजिका मीरा दीक्षित तथा जनपदीय कवि सम्मेलन के संयोजक श्याम बाबू चिन्तन का शाॅल उढ़ाकर, प्रतीक चिन्ह भेंट कर, पगड़ी पहनाकर तथा फूलमालाओं से लादकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम राकेश किशोर गौड़ एड., अजयकिशोर गौड़ एड., जयशंकर पाराशर, समाजसेवी डा. जितेन्द्र शर्मा के संयोजकत्व में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में कवियों ने काव्य पाठ कर पं. श्याम सुन्दर शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित कीं। निधि शर्मा-घेरे था मुझे तुम्हारी सांसों का पवन, जब मैं बालक अबोध अनजान था। बाबा देवीसिंह निडर-अतिथि का सम्मान करेंगे जो नरनार, उनके सदैव ही बजेंगी हर मुनियार। सुरेशचन्द्र शर्मा-मान-सम्मान जितना मिला आपको, वह तो कर्मों के प्रतिफल की आवाज है। रामभजन राम-अर्थ हुये हैं व्यर्थ रावण पुतले बहुत पड़े हैं, मत फूको कागज के रामन, जिन्दा रामन बहुत खड़े हैं। प्रभूदयाल दीक्षित प्रभू-मां चन्दा, मां चांदनी, मां सूरज, मां धूप, मां जननी, मां है गुरू, मां है शक्ति स्वरूप। पं. मनोज द्विवेदी-यह पंचतत्व रचित तन संस्कारित है तो जिन्दा है, मातृ पितृ, राष्ट्र भक्त जो कर्मयोगी है वो जिन्दा है। बासुदेव          उपाध्याय-तू धरती का भाग्य   विधाता, इस धरती से नाता है, सागर और अम्बर में हलचल, शत्रु प्रबल घबड़ाता है। सुरेशचन्द्र रावत- धारे धरनी को भार,     हलधर नन्दलाल, दाऊ बलदाऊ बलभद्र नाम राम जूं।
इस अवसर पर सुरेश शर्मा, रामजीलाल शर्मा शिक्षक, ब्रजेश वशिष्ठ, द्वारिका प्रसाद, विक्रम सिंह, प्रशान्त उपाध्याय, राजू पंडित, प्रवीन चैधरी एड., मुकुल दीक्षित, राहुल देव शर्मा, नरेन्द्र शर्मा, चै. जगवीर सिंह, आदित्य शर्मा, सचिन गौड़, दीपक शर्मा, महेशचन्द्र अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, रिषीपाल सिंह, सुधीर शर्मा, निर्भय पाठक, विनोद गुप्ता, विजयलक्ष्मी कुलश्रेष्ठ, मनीषा शर्मा, निधि शर्मा, बबिता गुप्ता, प्रमिला गौड़, लज्जावती गुप्ता आदि उपस्थित थे।

Post a Comment

जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

और नया पुराने