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हाथरस- मेला श्री दाऊजी महाराज के रिसीवर शिविर में युनिवर्सल ह्यूमन राइट्स काउंसिल द्वारा मानवाधिकार सम्मेलन हुआ सम्पन्न

हाथरस। मानव योनि में जन्म लिया है कुछ तो फर्ज निभा प्यारे, मानव योनि सर्वश्रेष्ठ योनि मानी गई है। जिसमें सोचने-समझने और अच्छे बुरे की पहचान करने की शक्ति दी गई है।
आज मेला श्री दाऊजी महाराज के रिसीवर शिविर में यूनीवर्सल ह्यूमेन राइट्स काउंसिल के तत्वावधान में ‘‘मानव अधिकर जागरूकता सम्मेलन’’ हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर मां सरस्वती के छविचित्र पर माल्यार्पण कर हुआ। अतिथियों में सूचना अधिकारी यतीश गुप्ता ने कहा कि समाज में जितनी विषमतायें हैं वह मनुष्य के द्वारा स्वयं उत्पन्न की हुई हैं। प्रकृति ने सबको समान अधिकार प्रदान किये हैं। जो भी भेदभाव हैं वह स्वयं के उत्पन्न किये हुये हैं।
प्राचार्य राजकमल दीक्षित ने कहा कि मानवाधिकार सिक्के के दो पहलू हैं। एक तरफ अधिकार व दूसरी तरफ कर्तव्य व्यक्ति अधिकार तो चाहता है लेकिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करना चाहता है। एसपीओ शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि जागरूकता ही मानवाधिकार हनन का उपचार है। स्वयं जागरूक होंगे और दूसरों को भी जागरूक करेंगे। पूर्व सीएमएस डा. आर.के. उपाध्याय ने कहा कि मानवाधिकार के क्षेत्र में इस टीम द्वारा सदा से ही सराहनीय व समाज के संरक्षण व संवहीन में कार्य किये हैं। इनके इन्हीं कार्यों से प्रभावित होकर इन लोगों से जुडा हूं। अधिवक्ता जालिम सिंह ने कहा कि जातिवादी की व्यवस्था ने मानवाधिकार के हनन की घटनाओं को बढावा किया है जो कि काफी निन्दनीय है। पीओ हरीशचन्द्र ने कहा कि नाम के पीछे जाति का उल्लेख करना समाज के घातक है। समाज में विघटन का कारण भी है। जो अब खतरनाक स्थिति में है। पीओ सुबोध कुमार शर्मा ने कहा कि मानवाधिकार की सार्वभौम घोषणा के बाद भी विश्व में मानवाधिकार हनन की घटनाएं नहीं रूक रही हैं। कश्मीर में निर्दोष नागरिकों व सेवा के जवानों को निशाना बनाया जा रहा है।
संचालन करते हुए प्रवीन वाष्र्णेय राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार चार्टर को विश्व के अन्दर प्रभावी तरीके से लागू करने में नाकाम रहा है जो कि उसकी कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। भारत के अन्दर पाकिस्तान के आतंकवादियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के द्वारा यूएचआरडी का सरेआम मजाक बनाया जा रहा है। जो बर्दाश्त से बाहर है। यूएचआरडी अपने अध्यक्षीय भाषण में मोहनलाल अग्रवाल ने कहा कि संगठन का विस्तार पूरे भारत में त्वरित गति से कर मानवाधिकार हनन के खिलाफ आन्दोलन छेडा जायेगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश कुमार शर्मा ने कहा कि सभी एनसीओ को एक साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। सुरेन्द्र शर्मा कवाडी बाबा, समन्वयक बतन सिंह, बाबा देवी सिंह निडर, विद्या सागर विकल, देवेन्द्र गोयल आदि ने भी अपने-अपने विचार रखे। अतिथियों का स्वागत तुलसी जी का पौधा देकर व दुपट्टा पहनाकर किया गया। सम्मेलन में 14 जून को रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं कर सम्मान प्रशस्ति पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में युनिवर्सल ह्यूमन राइट्स काउंसिल के प्रोस्पेक्टस का विमोचन किया गया राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वाष्र्णेय ने कहा कि पूरे भारत में जुडने वाले सदस्य को प्रोस्पेक्टस के माध्यम से मानवाधिकार की जानकारी दी जायेगी।
अंत में जिलाध्यक्ष विमलेश बंसल ने सभी का आभार प्रकट किया और अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। सम्मेलन में प्रवीन कौशिक, शैलेन्द्र सांवलिया, हीरेन्द्र वाष्र्णेय, राजीव वाष्र्णेय एड., आनन्द चतुर्वेदी एड., शशिरंजन द्विवेदी, सुनील दत्त शर्मा एड., योगेश वाष्र्णेय, नवीन गुप्ता, बालप्रकाश वाष्र्णेय, मोहन कुमार वाष्र्णेय, कौशल किशोर गुप्ता, आशीष उपाध्याय, ऋषि अग्रवाल, सुधीर शर्मा, देवेन्द्र कुमार वाष्र्णेय, मोहन कुमार वाष्र्णेय, भानु प्रकाश वाष्र्णेय, अरूण कुमार शर्मा, संजीव वाष्र्णेय, दीपेश अग्रवाल, मुकेश सिंह वर्मा, सौरभ सिंघल, मुकेश गोयल, गोपाल बाबू, अनिल दीक्षित, पुनीत पोद्दार, अरविन्द अग्रवाल, राजीव कुमार अग्निहोत्री, डौली मित्तल, हृदेश मित्तल, देवेन्द्र कुमार अग्रवाल, गोविन्द शर्मा, दाऊदयाल सिंह आदि सैकडों छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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