हाथरस/सिकंदराराऊ। स्थानीय संत गेस्ट हाउस में हिन्दी पखवाडे के अंतर्गत हिन्दी प्रोत्साहन समिति के बैनर तले हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में रातभर कवियों द्वारा प्रस्तुत की गयी ओज, श्रंगार, हास्य, व्यंग्य की रचनाओं से श्रोता सराबोर हुए। उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान व उत्तराखण्ड से आये कवि एवं कवियत्रियों की रचनाओं को सुधि श्रोताओं ने भोर की किरण तक सुना। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता मध्य प्रदेश से पधारे डा. शिवेन्द्र सिंह शिवेन्द्र ने की तथा संचालन समिति अध्यक्ष व हास्य व्यग्य कवि देवेन्द्र दीक्षित शूल ने किया। कवि सम्मेलन का शुभारम्भ विशिष्ठ अतिथि हसायन ब्लाक प्रमुख पति सुमंत किशोर सिंह एवं नोएडा की समाजसेविका ममता तिवारी, बंदायूं से पधारे सहखण्ड विकास अधिकारी अशोक गोस्वामी, लखनऊ के कवि विशाल उपाध्याय, ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण करके किया। इस मौके पर कवियों को स्मृति चिन्ह देकर तथा शाॅल उढा कर सम्मानित किया गया। वहीं हिन्दी की सेवा के लिए समिति के सरंक्षक गिरजा शंकर शर्मा एवं रामौतार सिंह चैहान को सम्मानित किया गया।स्व. कृष्णकांत देव गर्ग स्मृति सम्मान सेनवाजे गये मधुर गीत
कार राधा गोविन्द पाठक की रचनाओं पर श्रोता झूम उठे। स्व. कल्याणदत्त शास्त्री स्मृति सम्मान प्राप्त कवि सतीश शुक्ल खीरी ने रचना सुनाई। फरीदाबाद हरियाणा से आये कवि मोहन शास्त्री ने पढा। स्व. हर प्रसाद शर्मा सम्मान से नवाजे गये दिल्ली के वरिष्ठ साहित्य कार राधेश्याम बंधु ने रचना सुनाई। हरदोई से आये कवि सुखदेव पाण्डे सरल ने रचना पढी। राजस्थान से आये हास्य कवि बाबू लाल डीगिंया ने खूब हसायां। इन्हें एसयू जुबैरी सम्मान दिया गया। उत्तराखण्ड के कवि अनिल सारस्वत की रचना ने यूं जोश भरा। स्व. जयप्रकाश शर्मा स्मृति सम्मान प्राप्त कवि ओम प्रकाश शुक्ल अज्ञात ने रचना यूं सुनाई। बरेली के कवि कमल सक्सैना ने रचना सुनाई। कवियत्री मंजूरी मनोज ने दर्द यूं बयां किया। कवि महेश मंगल की ओज की कविता ने लोगों में जोश भर दिया वहीं कवियत्री स्नेहा शर्मा की रचना खूब सराही गयी। सतीश समर्थ मैनपुरी ने शहीदों पर कविता पढ कर खूब तालियां बजवायी तो पं. नरेन्द्रशर्मा नरेन्द्र ने दोहों पर खूब वाहवाह लूटी। मथुरा की कवियत्री डा. रश्मि वर्मा, सुनीत बाजपेयी खीरी, पवन पागल पलवल, गाफिल स्वामी, ठाकुर श्रीपाल सिंह, डा. दत्तात्रेय द्विवेदी, सूरजपाल दद्दा, सत्येन्द्र भारद्वाज, अवशेष विमल, प्रेम सिंह यादव प्रेम, चंाद हुसैन, प्रमोद विषधर, शिवम यादव आदि कवियों नेभी काव्य पाठ किया।
इस अवसर पर सभासद अजय चोहान, पं. चेतन शर्मा, कुमुद कांत गर्ग, शालिनी गर्ग, हरपाल सिंह यादव, विपिन कुमार सिंह, मुकुल गुप्ता, राजीव शर्मा, बब्बी पण्डित, पीपी सिंह, महेश यादव सघर्षी, देवेन्द्र शर्मा लेखपाल, विवेकशील राघव, शशी कांत शर्मा, शिवेन्दु दीक्षित, पवन पण्डित, मित्रेश चतुर्वेदी, अरविन्द शर्मा एडवोकेट, सौरभ जादोंन, अशोक शर्मा, रामदास यादव, ललित भारद्वाज, दिनेश स्नेही, विजेन्द्र प्रताप सिंह, अशोक गुप्ता, सुबोध गुप्ता, मुकेश शर्मा, डा. शरीफ अली, सुभाष यादव, लाल साहब, रामदत्त उपाध्याय, बनी सिंह बघेल, चन्द्रप्रकाश शर्मा, हिमांशु दीक्षित एडवोकेट आदि थे।
इससे पूर्वआयोजित विचार गोष्ठी का शुभारम्भ मुख्य अतिथि राजा महेन्द्र प्रताप समिति के अध्यक्ष कप्तान सिंह ठैनुआं, हिन्दी प्रोत्साहन समिति के संस्थापक अध्यक्ष देवेन्द्र दीक्षित शूल, जीवन आयुर्वेद के रामौतार सिंह चैहान, नरेन्द्रशर्मा, महेश यादव संघर्षी, भद्रपाल सिंह चैहान ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया। अध्यक्षता कवि नरेन्द्र शर्मा नरेन्द्र ने की तथा संचालन समिति अध्यक्ष देवेन्द्रदीक्षित शूल ने किया। समिति के सरंक्षक गिरजाशंकर शर्मा एवं रामौतार सिंह चोहान ने आभार प्रकट किया।
इस मौके पर बनी सिंह बघेल एडवोकेट, हरपाल सिंह यादव, विपिन कुमार सिंह, भद्रपाल सिंह चैहान, सीपी शर्मा एडवोकेट, कुंवर पाल शर्मा कुंवर, रामसनेही संत, जहीरूद्दीन पीरजादा, महेश यादव संघर्षी, डा. अरविन्द चैधरी, सूरजपाल दद्दा, प्रो. विजेन्द्र प्रताप सिंह, ओमप्रकाश सिहं, कामता प्रसाद शर्माआदि थे।
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