हाथरस। जनवरी 2010 मे तत्कालीन तानाशाह मुख्यमंत्री को अपनी ताकत का लोहा मनावकर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को मोर्च ने बहुत सारी उपलव्यियां प्रदान करवाई जिसमे लाखों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित किये जाने जैसी कई समस्यायें शामिल है। वर्तमान सरकार का कार्यकाल भी समाप्त होने के कगार पर है किन्तु प्रदेश के मुख्यमंत्री से लगातार पत्राचार किये जाने के बाबजूद भी पूरे कार्यकाल मे मुख्यमंत्री द्वारा एक वार भी कर्मचारी प्रतिनिधियों से मिलकर समस्यायें निराकरण करायें जाने का प्रयास नहीं किया गया, जिसके कारण तमाम सारी समस्यायें लम्बित है। वर्तमान समय मे यह अति आवश्यक है कि हम सव अपनी एकजुटता का परिचय देते हुये एक वार पुनः सरकार से दो-दो हाथ करके लम्बित चल रही समस्याओं का निराकरण करवा ले अन्यथा विधानसभा चुनावों की घोषणा होने के बाद मे समस्यायें फिर से लम्बे समय के लिये टल जायेगी। जिसे लेकर 20 सितम्बर से कर्मचारी, शिक्षक संयुक्त मोर्चा उ.प्र. के बैनर तले कलैक्ट्रेट मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन हडताल कर धरना प्रदर्शन होगा।उक्त उद्गार कर्मचारी, शिक्षक संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष राहुल सिंह ने अलीगढ रोड स्थित एक होटल मे आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान व्यक्त करते हुये कहा कि प्रदेश सरकार से हमारी 18 सूत्रीय मांगे काफी लम्बे समय से लम्बित है। जिसमे पूर्व मे भी धरना प्रदर्शन किये गये है। हमारी मांगों मे छठे वेतनमानों की बेतन विसंगतियों को दूर करने के उपरांत ही 7 वें वेतनमान राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, स्थानीय व सार्वजनिक निगमों, उपक्रम व विकास प्राधिकरण तथा स्वशासित संस्थानों पर एक साथ लागू किये जाये तथा केन्द्र सरकार की भत्तों की समानता दी जाये। लेखा एवं लेखा परीक्षा संवर्ग, डिप्लोमा फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन एवं आप्ट्रोमेट्रिस्ट के वर्तमान ग्रेड पे रू. 2800 को उच्चीकृत कर 4200 किया जाये। स्थानीय निकाय कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों की भांति वेतन ढांचा, भत्ते व अन्य समस्त सुविधायें दी जाये तथा सफाई व अन्य संवर्गो के संविदा पर कार्यरत व निकालें गये कर्मचारियों को विनियमित किया जाये। चतुर्थ श्रेणी की भर्ती खोली जाये। स्वीकृत पदों पर आउट सोसिंग बन्द की जाये। सहायता प्राप्त शिक्षा संस्थाओं के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर 300 दिन का अवकाश नगदीकरण किया जाये। विकास प्राधिकरण कर्मचारियों का राज्य कर्मचारियों की भांति 10 वर्ष की सेवा पर पेंशन उपलब्ध कराया जाये। कलैक्ट्रेट को जनपद का सचिवालय धोषित किया जाये। विभागीय लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को पदनाम सचिवालय की भांति धोषित किया जाये। स्अेनोग्राफर कर्मचारियों का ग्रेड वेतन 2800 से बढाकर 4200 किया जाये। सीचपाल, सींच पर्यवेक्षक, जिलेदार एवं नलकूप प्रभारी सेवा नियमावली शीघ्र प्रख्यापित की जायेें।
पत्रकार वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष राहुल सिंह, महेश सेंगर, संजय शर्मा, शीतल प्रसाद शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, नरेन्द्र सिंह, जगदीश सिंह, सुधीर शर्मा, हरीश कुमार, विनोद कुमार, मदन मोहन शर्मा, अशोक कुमार कश्यप, किशन प्रसाद शर्मा, नागेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।
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