हाथरस। जिलाधिकारी ने कुपोषण समाज के लिये अभिशाप बताते हुए कुपोषण की रोकथाम के लिये जनपद की गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने हेतु संवेदनशील होने और प्रभावी रणनीति बनाकर अमल में लाने के बारे में अधिकारियों से स्पष्ट अपेक्षा की है। डीएम ने समाज को कुपोषण के अभिशाप से मुक्त दिलाने के लिये 25 जुलाई सोमवार से आरंभ होने वाले ’’हौंसला पोषण योजना-फीडिंग कार्यक्रम’’ के सुचारू क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग प्रदान करने के लिये ग्राम पंचायतों के प्रधानों, समस्त सदस्यों, प्रतिनिधियों, आंगनबाडी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं, मातृ समिति की महिला सदस्यों तथा समाजसेवी व्यक्तियों, संगठनों से इस महत्वपूर्ण योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की पुरजोर अपील की है।
बुद्धवार को कलक्टेªट में सम्पन्न एक अहम बैठक में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने ’’हौंसला पोषण योजना-फीडिंग कार्यक्रम’’ को प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल कार्यक्रम बताते हुए अधिकारियों से कहा कि वे 25 जुलाई से आरंभ होने वाले इस कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिये सभी जरूरी व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करें। डीएम ने जिले में सभी आशा और आंगनबाडी कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर जाकर प्रत्येक गर्भवती महिला और छह माह से लेकर छह साल के बच्चों के नाम सहित पूरा ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज करके 25 जुलाई तक डाटाबेस तैयार करने के बारे में सीएमओ तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये और कहा कि सुपरवाईजर तैयार डाटाबेस के अनुसार गर्भवती महिला और छह माह से लेकर छह साल के बच्चों के विवरण की जांच करेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सटीक डाटाबेस न मिलने पर जिम्मेदार सुपरवाईजर, आंगनबाडी कार्यकत्री और आशा कार्यकत्री के विरूद्ध सख्त एक्शन लिया जायेगा।
अविनाश कृष्ण सिंह ने ’’हौंसला पोषण योजना-फीडिंग कार्यक्रम’’ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत दैनिक रूप से निर्धारित मानकों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को आंगनबाडी केन्द्रों पर गर्म पका-पकाया भोजन,आयरन की गोलियाॅ ख्लिायी जायेंगी और उन्हें स्वास्थ्य पोषण के बारे में चिकित्सकों के द्वारा परामर्श दिया जायेगा। इसी प्रकार अति कुपोषित बच्चों को भी दैनिक रूप से निर्धारित मानकों के अनुसार गर्म पका-पकाया भोजन,खिलाने के अलावा उनकी वृद्धि की निगरानी, बच्चों की माताओं को स्वास्थ्य पोषण के बारे में परामर्श तथा टीकाकरण आदि की सेवायें मुहैया कराई जायेंगी।
जिलाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार कुपोषण की समस्या के निवारण के लिये 25 जुलाई से संचालित होने वाले ’’हौंसला पोषण योजना-फीडिंग कार्यक्रम’’ के सफल क्रियान्वयन के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करने हेतु विभागीय अधिकारियों को को कडे निर्देश दिये हैं। उन्होंने आईसीडीएस विभाग की समस्त सुपरवाईजर को निर्देश दिये कि वह 25 जुलाई को प्रातः 08 बजे से अपने क्षेत्रान्र्तगत समस्त आंगनबाडी केन्द्रों पर अनिवार्य रूप से पहुंचकर व्यवस्थायें देखेंगी। उन्होंने बताया कि जिले के समस्त आंगनबाडी केन्द्रों के निरीक्षण के लिये सैक्टर प्रभारी बतौर 28 ब्लाक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं जो आंगनबाडी केन्द्रों पर पहुंचकर निर्धारित चैकलिस्ट के अनुसार ’’हौंसला पोषण योजना-फीडिंग कार्यक्रम’’ के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये 21 एवं 22 जुलाई को समस्त ग्राम प्रधानों तथा आंगनबाडी कार्यकत्रियों के लिये विकास खण्डवार एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये।
बैठक में सीडीओ जावेद अख्तर जैदी, डीडीओ मंजू श्रीवास्तव,सीएमओ डा0रामवीर सिंह, जिला कार्यक्रत अधिकारी रामानन्द गुप्ता, डीपीआरओ जगदीशराम गौतम सहित सभी सीडीपीओ, सुपरवाईजर, बीडीओ तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
बुद्धवार को कलक्टेªट में सम्पन्न एक अहम बैठक में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने ’’हौंसला पोषण योजना-फीडिंग कार्यक्रम’’ को प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल कार्यक्रम बताते हुए अधिकारियों से कहा कि वे 25 जुलाई से आरंभ होने वाले इस कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिये सभी जरूरी व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करें। डीएम ने जिले में सभी आशा और आंगनबाडी कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर जाकर प्रत्येक गर्भवती महिला और छह माह से लेकर छह साल के बच्चों के नाम सहित पूरा ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज करके 25 जुलाई तक डाटाबेस तैयार करने के बारे में सीएमओ तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये और कहा कि सुपरवाईजर तैयार डाटाबेस के अनुसार गर्भवती महिला और छह माह से लेकर छह साल के बच्चों के विवरण की जांच करेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सटीक डाटाबेस न मिलने पर जिम्मेदार सुपरवाईजर, आंगनबाडी कार्यकत्री और आशा कार्यकत्री के विरूद्ध सख्त एक्शन लिया जायेगा।
अविनाश कृष्ण सिंह ने ’’हौंसला पोषण योजना-फीडिंग कार्यक्रम’’ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत दैनिक रूप से निर्धारित मानकों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को आंगनबाडी केन्द्रों पर गर्म पका-पकाया भोजन,आयरन की गोलियाॅ ख्लिायी जायेंगी और उन्हें स्वास्थ्य पोषण के बारे में चिकित्सकों के द्वारा परामर्श दिया जायेगा। इसी प्रकार अति कुपोषित बच्चों को भी दैनिक रूप से निर्धारित मानकों के अनुसार गर्म पका-पकाया भोजन,खिलाने के अलावा उनकी वृद्धि की निगरानी, बच्चों की माताओं को स्वास्थ्य पोषण के बारे में परामर्श तथा टीकाकरण आदि की सेवायें मुहैया कराई जायेंगी।
जिलाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार कुपोषण की समस्या के निवारण के लिये 25 जुलाई से संचालित होने वाले ’’हौंसला पोषण योजना-फीडिंग कार्यक्रम’’ के सफल क्रियान्वयन के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करने हेतु विभागीय अधिकारियों को को कडे निर्देश दिये हैं। उन्होंने आईसीडीएस विभाग की समस्त सुपरवाईजर को निर्देश दिये कि वह 25 जुलाई को प्रातः 08 बजे से अपने क्षेत्रान्र्तगत समस्त आंगनबाडी केन्द्रों पर अनिवार्य रूप से पहुंचकर व्यवस्थायें देखेंगी। उन्होंने बताया कि जिले के समस्त आंगनबाडी केन्द्रों के निरीक्षण के लिये सैक्टर प्रभारी बतौर 28 ब्लाक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं जो आंगनबाडी केन्द्रों पर पहुंचकर निर्धारित चैकलिस्ट के अनुसार ’’हौंसला पोषण योजना-फीडिंग कार्यक्रम’’ के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये 21 एवं 22 जुलाई को समस्त ग्राम प्रधानों तथा आंगनबाडी कार्यकत्रियों के लिये विकास खण्डवार एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये।
बैठक में सीडीओ जावेद अख्तर जैदी, डीडीओ मंजू श्रीवास्तव,सीएमओ डा0रामवीर सिंह, जिला कार्यक्रत अधिकारी रामानन्द गुप्ता, डीपीआरओ जगदीशराम गौतम सहित सभी सीडीपीओ, सुपरवाईजर, बीडीओ तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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