हाथरस। माध्यमिक शिक्षा विभाग से मान्यता कक्षा आठ तक के कई विद्यालय संचालकों ने नियमों को ताक पर रख दिया है। नियम विरूद्व स्कूल संचालक कक्षा आठ की जगह दस तक की कक्षायें संचालित कर रहे है। जिला विद्यालय निरीक्षण अब निरीक्षण कर ऐसे विद्यालयों की तहकीकात करेगंें।
यूपी बोर्ड परीक्षा में हाथरस नकल के लिये बदनाम है। यहां दूसरे जनपदों से छात्र-छात्रायें आती है। इसके एवज में उनसे मनमनी फीस स्कूल संचालक बसूलते है। विभागीय अधिकारी बोर्ड परीक्षा में नकल को रोकने में पूरी तरह असमर्थ हो जाते है। मुरसान और सादाबाद क्षेत्र में कई स्कूल ऐसे है, जिन्हे कक्षा आठ तक की मान्यता है, लेकिन यह स्कूल संचालक छात्रों को झांसे में देकर अपने यहां कक्षा नौ व दस में प्रवेश दे रहे है। बोर्ड परीक्षा में आवेदन फार्म किसी दूसरे विद्यालय से भरवा देते है। जिससे बच्चों का भाविष्य खराब हो रहा है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में हाथरस नकल के लिये बदनाम है। यहां दूसरे जनपदों से छात्र-छात्रायें आती है। इसके एवज में उनसे मनमनी फीस स्कूल संचालक बसूलते है। विभागीय अधिकारी बोर्ड परीक्षा में नकल को रोकने में पूरी तरह असमर्थ हो जाते है। मुरसान और सादाबाद क्षेत्र में कई स्कूल ऐसे है, जिन्हे कक्षा आठ तक की मान्यता है, लेकिन यह स्कूल संचालक छात्रों को झांसे में देकर अपने यहां कक्षा नौ व दस में प्रवेश दे रहे है। बोर्ड परीक्षा में आवेदन फार्म किसी दूसरे विद्यालय से भरवा देते है। जिससे बच्चों का भाविष्य खराब हो रहा है।
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