हाथरस। जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज तथा स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया कराने के लिये स्वास्थ्य विभाग को कडे निर्देश दिये हैं। डीएम ने गरीबों के प्रति संवेदनशील होकर उनका बेहतर इलाज करने और अभावग्रस्त मरीजों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिये सरकारी डाक्टरों को कडे निर्देश दिये हैं। डीएम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऐंहन में तैनात चिकित्सक के बिना किसी सूचना के गैरहाजिर रहने पर तत्काल निलंबित करने, शासकीय दायित्व निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने पर हसायन के ब्लाक कम्यूनिटी प्रोग्राम मैनेजर को नोटिस देकर कार्यमुक्त करने और पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पोलियो वैक्सीन पीने से छूटे बच्चों को ट्रेक करने में कोताही बरतने पर डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर को चेतावनी देने के लिये सीएमओ को सख्त निर्देश दिये।
कलक्ट्रेट में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आशा कार्यक्रम, टीकाकरण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण क्षय नियंत्रण, अन्धता नियंत्रण, पीसीपीएनडीटी आदि कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवायें तथा जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं, अतः सभी चिकित्सक सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज तथा चिकित्सा सुविधा मुहैया करायें।
डीएम ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के विभिन्न विभिन्न कार्यक्रमों की खराब स्थिति और पर्यवेक्षण में कमी मिलने पर कडी प्रतिक्रिया व्यक्त की और सभी एसीएमओ तथा डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारियों को जिले के समस्त सीएचसी तथा पीएचसी का नोडल अधिकारी नामित करके उनके द्वारा प्रत्येक माह दो बारे दौरा कर स्थिति की नियमित रूप से समीक्षा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में सीएमओ को निर्देश दिये। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव पर जोर देते हुए सभी लाभार्थी महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत तत्काल भुगतान करने और सभी आशा कार्यकत्रियों को शतप्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के लिये अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना में महौ की स्थिति बेहद खराब मिलने सख्त रवैया अपनाते हुए एमओआईसी महौ को चेतावनी जारी करने के लिये सीएमओ को निर्देश दिये। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंर्तगत चिकित्सकों की टीम द्वारा शतप्रतिशत आंगनबाडी केन्द्रों के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने और जिला टीकाकरण अधिकारी एवं समस्त एमओआईसी को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने और कार्यप्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने की सख्त हिदायत दी और कहा कि लापरवाही मिलने में दोषी अधिकारियों के विरूद्व कडी कार्यवाही की जायेगी-उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी।
अविनाश कृष्ण सिंह ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव की स्थ्तिि को बेहद खराब बताया और ग्रामवार एएनएम तथा आशा बहुओं द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं का सटीक डाटा तैयार करने के लिये सभी एमओआईसी को हिदायत दी। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्राईमरी विद्यालयों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया और स्थिति में सुधार लाने के बारे में अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। डीएम ने मिशन इन्द्रधनुष के प्रस्तावित चरण के जिले में प्रभावी ढंग से संचालित किये जाने पर जोर देते हुए क्षेत्रवार तैयार माइक्रोप्लान को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने हेतु स्वास्थ्य अधिकारियों को कडे निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने जनपद में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत प्रभावी कार्यवाही करने पर जोर देते हुए नियमित रूप से सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों आदि की चैकिंग करने तथा लिंग निर्धारण करने वाले चिकित्सकों के विरूद्ध कडी कार्यवाही करने के बारे में स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्त हिदायत दी।
सीएमओ डा0 रामवीर सिंह ने बैठक में मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आशा कार्यक्रम, टीकाकरण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण क्षय नियंत्रण, अन्धता नियंत्रण, पीसीपीएनडीटी आदि कार्यक्रमों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। बैठक में सीडीओ जावेद अख्तर जैदी, डीडीओ मंजू श्रीवास्तव, सीएमएस डा0 एमएल अग्रवाल, डा0 कंचन लता, एसीएमओ डा0 एसके दीक्षित, डा0 डीके अग्रवाल, डा0 संतोष कुमार, डीआईओ यतीश चन्द्र गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी रामानन्द गुप्ता, सभी एमओआईसी तथा विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
कलक्ट्रेट में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आशा कार्यक्रम, टीकाकरण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण क्षय नियंत्रण, अन्धता नियंत्रण, पीसीपीएनडीटी आदि कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवायें तथा जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं, अतः सभी चिकित्सक सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज तथा चिकित्सा सुविधा मुहैया करायें।
डीएम ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के विभिन्न विभिन्न कार्यक्रमों की खराब स्थिति और पर्यवेक्षण में कमी मिलने पर कडी प्रतिक्रिया व्यक्त की और सभी एसीएमओ तथा डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारियों को जिले के समस्त सीएचसी तथा पीएचसी का नोडल अधिकारी नामित करके उनके द्वारा प्रत्येक माह दो बारे दौरा कर स्थिति की नियमित रूप से समीक्षा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में सीएमओ को निर्देश दिये। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव पर जोर देते हुए सभी लाभार्थी महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत तत्काल भुगतान करने और सभी आशा कार्यकत्रियों को शतप्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के लिये अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना में महौ की स्थिति बेहद खराब मिलने सख्त रवैया अपनाते हुए एमओआईसी महौ को चेतावनी जारी करने के लिये सीएमओ को निर्देश दिये। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंर्तगत चिकित्सकों की टीम द्वारा शतप्रतिशत आंगनबाडी केन्द्रों के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने और जिला टीकाकरण अधिकारी एवं समस्त एमओआईसी को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने और कार्यप्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने की सख्त हिदायत दी और कहा कि लापरवाही मिलने में दोषी अधिकारियों के विरूद्व कडी कार्यवाही की जायेगी-उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी।
अविनाश कृष्ण सिंह ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव की स्थ्तिि को बेहद खराब बताया और ग्रामवार एएनएम तथा आशा बहुओं द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं का सटीक डाटा तैयार करने के लिये सभी एमओआईसी को हिदायत दी। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्राईमरी विद्यालयों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया और स्थिति में सुधार लाने के बारे में अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। डीएम ने मिशन इन्द्रधनुष के प्रस्तावित चरण के जिले में प्रभावी ढंग से संचालित किये जाने पर जोर देते हुए क्षेत्रवार तैयार माइक्रोप्लान को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने हेतु स्वास्थ्य अधिकारियों को कडे निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने जनपद में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत प्रभावी कार्यवाही करने पर जोर देते हुए नियमित रूप से सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों आदि की चैकिंग करने तथा लिंग निर्धारण करने वाले चिकित्सकों के विरूद्ध कडी कार्यवाही करने के बारे में स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्त हिदायत दी।
सीएमओ डा0 रामवीर सिंह ने बैठक में मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आशा कार्यक्रम, टीकाकरण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण क्षय नियंत्रण, अन्धता नियंत्रण, पीसीपीएनडीटी आदि कार्यक्रमों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। बैठक में सीडीओ जावेद अख्तर जैदी, डीडीओ मंजू श्रीवास्तव, सीएमएस डा0 एमएल अग्रवाल, डा0 कंचन लता, एसीएमओ डा0 एसके दीक्षित, डा0 डीके अग्रवाल, डा0 संतोष कुमार, डीआईओ यतीश चन्द्र गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी रामानन्द गुप्ता, सभी एमओआईसी तथा विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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