हाथरस। नगर पालिका परिषद वार्ड नं. 21 की सभासद श्रीमती राधाराज ने उ. प्र. अनुसूचित जाति आयोग के राज्यमंत्री गौरव दयाल बाल्मीकि तथा उ. प्र. सफाई मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राहुल दयाल बाल्मीकि को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि पालिका बोर्ड व पालिका प्रशासन द्वारा बरती जा रही घोर अनियमितताओं की जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये।
श्रीमती राधाराज ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि पालिका बोर्ड व पालिका प्रशासन पिछले चार वर्षों से घोर अनियमितताओं का अड्डा बना हुआ है। पिछले चार वर्षों से विकास कार्य कतई नहीं कराये गये। मात्र लीपापोती की गई है। अपने-अपने कमीशन के लिये आपाधापी की जा रही है। प्रदेश सरकार की अनुदान राशि का जमकर दुरूपयोग किया गया है। विकास का कार्य केवल कागजों पर ही दर्शाया गया है। सड़क पर कुछ नहीं है। करीब 5 करोड़ की राशि प्रकाश पथ व्यवस्था पर खर्च की गई। तब भी पूरा शहर अन्धकार में है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि शहर की सफाई व्यवस्था के लिये बोर्ड द्वारा 120 सफाई मजदूर रखने थे, जिनमें से कुछ ही सफाई मजदूर रखे गये। शेष मजदूरों की रकम पालिका ने डकार ली। बोर्ड द्वारा 250 नल इंडिया मार्का-टू शहर की पेयजल सुचारू व्यवस्था करने के लिये स्वीकृत किये गये। लेकिन कुछ ही नल डेढ़ साल में शहर में लगे हैं। शेष बाकी नल कागजों पर ही दर्शाकर इतिश्री कर ली गई। वर्तमान में पालिका भ्रष्टाचार का अड्डा बनी हुई है। पालिका के सफाई कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार अपनाया जा रहा है।
सभासद श्रीमती राधाराज ने शिकायती पत्र में कहा है कि उनके वार्ड के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। वार्ड की सफाई व्यवस्था बहुत ही खराब है। वार्ड में सफाई कर्मचारियों की कमी हमेशा ही रही है तथा पूरे वार्ड के लिये तीन नल इंडिया मार्क-टू दिये गये हैं। जबकि 10 नलों की आवश्यकता है। सड़क व नाली निर्माण भी नहीं कराये गये हैं।
श्रीमती राधाराज ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि पालिका बोर्ड व पालिका प्रशासन पिछले चार वर्षों से घोर अनियमितताओं का अड्डा बना हुआ है। पिछले चार वर्षों से विकास कार्य कतई नहीं कराये गये। मात्र लीपापोती की गई है। अपने-अपने कमीशन के लिये आपाधापी की जा रही है। प्रदेश सरकार की अनुदान राशि का जमकर दुरूपयोग किया गया है। विकास का कार्य केवल कागजों पर ही दर्शाया गया है। सड़क पर कुछ नहीं है। करीब 5 करोड़ की राशि प्रकाश पथ व्यवस्था पर खर्च की गई। तब भी पूरा शहर अन्धकार में है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि शहर की सफाई व्यवस्था के लिये बोर्ड द्वारा 120 सफाई मजदूर रखने थे, जिनमें से कुछ ही सफाई मजदूर रखे गये। शेष मजदूरों की रकम पालिका ने डकार ली। बोर्ड द्वारा 250 नल इंडिया मार्का-टू शहर की पेयजल सुचारू व्यवस्था करने के लिये स्वीकृत किये गये। लेकिन कुछ ही नल डेढ़ साल में शहर में लगे हैं। शेष बाकी नल कागजों पर ही दर्शाकर इतिश्री कर ली गई। वर्तमान में पालिका भ्रष्टाचार का अड्डा बनी हुई है। पालिका के सफाई कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार अपनाया जा रहा है।
सभासद श्रीमती राधाराज ने शिकायती पत्र में कहा है कि उनके वार्ड के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। वार्ड की सफाई व्यवस्था बहुत ही खराब है। वार्ड में सफाई कर्मचारियों की कमी हमेशा ही रही है तथा पूरे वार्ड के लिये तीन नल इंडिया मार्क-टू दिये गये हैं। जबकि 10 नलों की आवश्यकता है। सड़क व नाली निर्माण भी नहीं कराये गये हैं।
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