हाथरस। पिछले वर्ष के मुकाबले अच्छा भाव मिलने से खरीफ के सीजन में धान की फसल जिले के किसानों की पहली पसंद बन गई है। यही कारण है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जिले में धान का क्षेत्रफल करीब तीन हजार हेक्टेयर बढ़ गया है। हाथरस में उगने वाला धान हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों में भेजा जाता है। खरीफ के सीजन में जिले के किसान प्रमुख रूप से धान, बाजरा, उड़द, मूंग आदि फसलों की खेती करते हैं।
पिछले कुछ सालों में जिले के किसानों का रुझान धान की फसल की तरफ बढ़ा है। पिछले वर्ष धान चार हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। इस कारण इस वर्ष धान जिले के किसानों की पहली पसंद बन गया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष जिले में करीब 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई हुई थी। इस वर्ष यह आंकड़ा करीब 25 हजार हेक्टेयर है। इस समय धान की फसल खेतों में लहलहा रही है।जिले में प्रमुख रूप से 1509 किस्म के धान की खेती होती है। यह बासमती किस्म का धान है। इसकी गुणवत्ता काफी अच्छी होती है। यही कारण है कि यह दूसरे प्रदेशों में भेजा जाता है।
जिले में धान की खेती पर एक नजर-
- पिछले वर्ष जिले में धान की फसल का क्षेत्रफल 22 हजार हेक्टेयर
- इस वर्ष जिले में धान की फसल का क्षेत्रफल 25 हजार हेक्टेयर
- पिछले वर्ष धान का अधिकतम भाव चार हजार रुपये प्रति क्विंटल
जिला कृषि अधिकारी का कहना...
हाथरस। आरके सिंह, जिला कृषि अधिकारी का कहना पिछले वर्ष धान का भाव अच्छा रहा था। पिछले वर्ष चार हजार रुपये प्रति क्विंटल तक धान का भाव पहुंच गया था। यही कारण है कि इस वर्ष जिले में धान का क्षेत्रफल बढ़ गया है।
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