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तालाब में दस दिनों से तैर रहे भयानक मगरमच्छ को लेकर ग्रामीण हुए आक्रोशित, नारेबाजी कर किया प्रदर्शन

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हाथरस/सिकंदराराव। तहसील क्षेत्र के गांव कपसिया में पिछले दस दिनों से ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर हैं। विदित हो कि गांव कपसिया के तालाब में पिछले दस दिनों से रोजाना एक भयानक मगरमच्छ को देखा जा रहा है। जोकि गांव के आधा दर्जन से अधिक पशुओं को अपना शिकार बना चुका है। ग्रामीणों की कई बकरियां तथा कुत्ते मगरमच्छ के चंगुल में फसकर काल के गाल में समा चुके हैं। जिसको लेकर गांव के बच्चे तथा ग्रामीण दहशत में हैं। गांव के तालाब में मगरमच्छ बेखौफ होकर तैर रहा है और मासूम जानवरों को अपना शिकार बना रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पनपने लगा है और शुक्रवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत घर पर भारी संख्या में एकत्र होकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही ग्रामीणों ने समस्या का समाधान न होने पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी देते हुए उच्च अधिकारियों से इस ओर ध्यान देने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अब भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह तो वह धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगें। अब इस मामले में देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी कब तक इसका संज्ञान लेते हैं और कब इन ग्रामीणों को खोफ और दहशत से निजात मिल पाती है ?

क्या कहते हैं ग्रामीण .....

"समस्या से गांव के लोगों में आक्रोश पनपने लगा है अगर जल्द प्रशासन ने इस और ध्यान न दिया तो ग्रामीणों का गुस्सा उबाल ले सकता है"।  -तेजपाल सिंह, ग्रामीण

" जब से मगरमच्छ देखा है बच्चे और महिलाएं डरे और सहमे हुए हैं, तालाब के किनारे ही हमारे खेत मौजूद हैं मगरमच्छ के डर के चलते हम उसमे समय से खाद, दवा आदि भी नहीं लगा पा रहे हैं"।   - गिरीश कुमार, ग्रामीण

"पिछले दस बारह दिनों से हम दहशत और खोफ के साथ जीने को मजबूर है। बच्चो को घरों में कैद करके रखना पड़ रहा है। अगर अब भी समस्या से निजात नहीं मिलती तो धरना प्रदर्शन करना हमारी मजबूरी होगी"।   - नीरज कुमार, ग्रामीण

"पिछले दस बारह दिनों के अंदर दो बार प्रशासन की टीम आई है पर हमें समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। हमें अपने बच्चो के साथ रोजाना डर डर कर जीने को मजबूर होना पड़ रहा है"। - सतेंद्र कठेरिया, ग्रामीण

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