Top News

अतिथि कवियों के सम्मान में आयोजित हुयी काव्य गोष्ठी

हाथरस/सिकन्दराराव। भूतेश्वर कालोनी स्थित कवि विमल उपाध्याय के आवास पर आगरा से आये अतिथि कवि शेषपाल सिंह शेष और रवीन्द्र वर्मा जी के सम्मान में काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि बलवीर सिंह पौरुष एवं संचालन अवशेष कुमार विमल ने किया। शिवम कुमार आजाद की सरस्वती वंदना के बाद चन्द्रवीर सिंह चंद्र ने सुनाया - याद आ तेरी मुझको सताती रही। तेरे जुल्मों को मुझको बताती रही। विवेकशील राघव ने पढ़ा - मूढ़ करकमलों से पाखण्डों के अभिनंदन रहे। विषधरों से ही सदा अभिसक्त चन्दन वन रहे। प्रमोद विषधर के शब्द थे - रंग लगाइ गयी हमकूँ चुपके चुपके एक फूल कुमारी। डॉ शेषपाल सिंह श्शेषश् ने सुनाया - मखमली पैबन्द से क्यों ये समस्या हल करें। गुदड़िया पूरी बदलकर आइये मखलम करें। रवींद्र वर्मा के शब्द थे - ध्यान मुद्रा तप बढ़ाते साधना। योग पावन जप सुहाते याचना। इनके अलावा विमल उपाध्याय, बलवीर सिंह पौरुष, अवशेष कुमार विमल, शिवम कुमार आजाद, कुंवरपाल शर्मा कुँवर आदि ने भी काव्यपाठ किया।

Post a Comment

जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

और नया पुराने