- 1 घंटे तक बीच सडक पर बेहोश पडा रहा युवक
- आने जाने वाले लोगों की लगी भीड
- सूचना पर पंहुची पुलिस युवक को लेकर आयी कोतवाली
- अंगूर की बेटी के नशे को उतारने के इस पुलिसिया फारमूले की खूब हुयी चर्चा
सिकन्दराराव। एक बार फिर खाकी की कार्यशैली और जनता के प्रति उसके व्यवहार पर सवाल खडे हुये हैं। सिकन्दराराव के स्टेट बैंक के पास एक युवक को पुलिस कर्मी बीच सडक पर डंडों से बेरहमी से पीटते रहे और जब तक वह बेहोश होकर सडक पर ना गिर गया तब तक पुलिस कर्मियोंके डंडे नही रूके। युवक का गुनाह यह था कि वह शराब का सेवन कर अपने घर जा रहा था। जब हमने वहां मौजूद लोगों से इसका कारण पूछा तो पता चला कि व्यक्ति शराब पिये हुये था और टिर्री में बैठकर जा रहा था तभी अचानक स्टेट बैंक पर सुरक्षा हेतु डयूटी पर तैनात 2 पुलिस कर्मी आये और उसे टिर्री से जबरदस्ती उतारने लगे। उसने इसका विरोध किया तो पुलिस कर्मी आग बबूला हो गये और शराबी युवक पर बेरहमी से दनादन डंडे बरसाने लगे। जब तक युवक वेहोश होकर जमीन पर ना गिर गया तब तक उसपर डंडे बरसते रहे। युवक के जमीन पर गिरते ही दोनों पुलिस कर्मी वहां से निकल गये। 1 घंटे तक बीच सडक पर शराबी युवक पडा रहा जिसे देखकर आने जाने वाले लोगों की भीड लग गयी। और पुलिस कर्मियों के इस व्यवहार और कार्यशेली को लेकर तरह तरह की चर्चायें होने लगी। सूचना पर पुलिस मौके पर पंहुची और युवक को उठाकर कोतवाली ले आयी। हालांकि पुलिस इस मामले पर कुछ कहने से बच रही है पर युवक के नशे में होने की बात को जोर-जोर से कह रही है। अब सवाल यह है कि पुलिस को किसी शराबी कोभी इस तरह बेरहमी से पीटने का अधिकार आखिर किसने दिया। जबकि हयूमन राइट्स अपराधियों के साथ भी पुलिस को इस तरह के व्यवहार की अनुमति नही देता।
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