हाथरस। एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है जिसके कारण दुर्घटना में एक छात्र की जान पर बन आई है। रफ्तार के कहर के साथ ही स्कूल प्रबंधन, अविभावकों और प्रसाशन में जागरूकता की कमी भी आज की दुर्घटना का कारण बनी है। स्कूल प्रबंधन अगर नाबालिग छात्रों के दो पहिया वाहनों को स्कूल लाने पर रोक लगा देता तो शायद आज छात्रों की जान पर ना बनती।
हाथरस के आरपीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के दो छात्र लोकेश और जितेंद्र छुट्टी के बाद अपनी बाइक से काफी तेज गति से आ रहे थे जैसे ही वह थाना हाथरस गेट इलाके के ओढ़पुरा तिराहे पर आये तभी सामने से तेज गति से आ रहे डग्गेमार मैजिक टेम्पो ने छात्रों की बाइक में टक्कर मार दी। चालक टेम्पो को मौके पर ही छोड़ कर फरार हो गया। दोनों घायल छात्रों को स्कूल स्टाफ द्वारा जिला हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। ट्रॉमा सेंटर से गंभीर रूप से घायल छात्र लोकेश को आगरा रैफर कर दिया गया वही दूसरे छात्र जितेंद्र का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। बड़ा सवाल ये है की नाबालिग दिन भर रोड पर अपने दोपहिया वाहनों से फर्राटा भरते रहते है जिन्हे ना तो अविभावकों द्वारा रोका जाता है ना ही इन पर प्रसाशनिक अधिकारियो की नजर पड़ती है। अगर सभी स्कूलों के प्रबंधन ही अपने अपने स्कूलों में नाबालिग छात्र-छात्राओं के दोपहिया वाहनों पर रोक लगा दे तो शायद नाबालिग वाहन चालकों की दुर्घटनाओ को काफी हद तक रोका जा सकता है। वही आरपीएम स्कूल के डायरेक्टर और ट्रांसपोर्ट मैनेजर ने इस दुर्घटना से सबक लेते हुए नाबालिग छात्रों के स्कूल में दोपहिया वाहन लाने पर रोक की बात कही है।
हाथरस के आरपीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के दो छात्र लोकेश और जितेंद्र छुट्टी के बाद अपनी बाइक से काफी तेज गति से आ रहे थे जैसे ही वह थाना हाथरस गेट इलाके के ओढ़पुरा तिराहे पर आये तभी सामने से तेज गति से आ रहे डग्गेमार मैजिक टेम्पो ने छात्रों की बाइक में टक्कर मार दी। चालक टेम्पो को मौके पर ही छोड़ कर फरार हो गया। दोनों घायल छात्रों को स्कूल स्टाफ द्वारा जिला हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। ट्रॉमा सेंटर से गंभीर रूप से घायल छात्र लोकेश को आगरा रैफर कर दिया गया वही दूसरे छात्र जितेंद्र का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। बड़ा सवाल ये है की नाबालिग दिन भर रोड पर अपने दोपहिया वाहनों से फर्राटा भरते रहते है जिन्हे ना तो अविभावकों द्वारा रोका जाता है ना ही इन पर प्रसाशनिक अधिकारियो की नजर पड़ती है। अगर सभी स्कूलों के प्रबंधन ही अपने अपने स्कूलों में नाबालिग छात्र-छात्राओं के दोपहिया वाहनों पर रोक लगा दे तो शायद नाबालिग वाहन चालकों की दुर्घटनाओ को काफी हद तक रोका जा सकता है। वही आरपीएम स्कूल के डायरेक्टर और ट्रांसपोर्ट मैनेजर ने इस दुर्घटना से सबक लेते हुए नाबालिग छात्रों के स्कूल में दोपहिया वाहन लाने पर रोक की बात कही है।
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