हाथरस। जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय ने जेल में निरूद्ध सादाबाद के पूर्व विधायक एवं उनके भाई, भतीजे व पुत्र आदि पर जेल में ही उनकी व उनके भतीजे की हत्या की साजिश रचने व 2 करोड रूपये में सुपारी देकर हत्या करवाये जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस कप्तान को शिकायती पत्र सौंपकर शिकायत की है और अपनी व अपने भतीजे तथा परिवार की सुरक्षा देने की मांग की है।
पुलिस कप्तान को आज दिये शिकायती पत्र में जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय ने आरोप लगाते हुए शिकायत की है कि मेरे बडे भाई श्री रामवीर उपाध्याय सादाबाद विधानसभा से बसपा से 2017 का चुनाव लडे थे और इसी विधानसभा क्षेत्र से तत्कालीन विधायक देवेन्द्र अग्रवाल भी सपा से चुनाव लडे थे और गत 8 फरवरी को जब उनका भतीजा चिरागवीर उपाध्याय, रामहरी शर्मा, पुष्पेन्द्र शर्मा, नागेन्द्र शर्मा, आलोक शर्मा, शशिकांत शर्मा आदि के साथ चुनाव प्रचार हेतु गया था तो मेरे भतीजे व समर्थकों पर मानिकपुर कोकना मोड पर पहले से घात लगाकर बैठक देवेन्द्र अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, चन्दन अग्रवाल, राकेश अग्रवाल व विनीत गुप्ता तथा 25-30 अन्य लोगों ने घेर लिया और जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग की जिसमें पुष्पेन्द्र शर्मा ने मेरे भतीजे को बचाने का प्रयास किया तो उक्त लोगों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी जिसकी रिपोर्ट पुष्पेन्द्र के पिता रामहरी शर्मा थाना सहपऊ में देवेन्द्र अग्रवाल आदि के खिलाफ दर्ज करायी और उक्त सभी आरोपी जेल में हैं।
पूर्व ब्लाक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय ने शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी भाभी श्रीमती सीमा उपाध्याय (तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष) ने जिले के किसानों की शिकायत पर देवेन्द्र अग्रवाल के पेट्रोल पम्पों पर मिलावटी तकल बिक्री की शिकायत करने पर उक्त देवेन्द्र अग्रवाल के खिलाफ आर्थिक अनुसंधान कानपुर के निरीक्षक रमेशचन्द्र आजाद ने थाना सहपऊ में रिपोर्ट दर्ज करायी। इसी राजनैतिक रंजिश को मानते हुए उक्त के पुत्र, साले, भतीजे आदि ने उनके घर में घुसकर सुरक्षा कर्मियों से मारपीट व गाली गलौज की गई जिसकी रिपोर्ट उन्होंने कोतवाली में दर्ज करायी थी। उक्त नामजद लोग उनसे व उनके परिवार से राजनैतिक रंजिश मानते हैं और बौखला गये हैं।
पुलिस कप्तान को दिये शिकायत पत्र में रामेश्वर उपाध्याय का आरोप है कि उक्त नामजद पूर्व विधायक देवेन्द्र अग्रवाल, भतीजा अतुल अग्रवाल, भाई राकेश अग्रवाल, पुत्र चन्दन अग्रवाल, विनीत गुप्ता आदि अलीगढ जेल में निरूद्ध हैं लेकिन उनका आरोप है कि उनके एक शुभचिन्तक अपने भाई से जेल में मिलने गये थे तो उन्हें उनके भाईयों ने बताया कि पूर्व विधायक व उनके साथी जेल की बैरक नं. 4 में कुख्यात अपराधियों से वार्ता कर उनकी व उनके भतीजे चिरागवीर उपाध्याय की हत्या की साजिश रच रहे हैं। उक्त बातें उनके शुभचिन्तकों ने जेल में अपने भाईयों से मिलकर लौटने के बाद उन्हें बतायी हैं।
पूर्व ब्लाक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय का आरोप है कि पूर्व विधायक व उनके साथियों ने उनकी व उनके भतीजे की हत्या की सुपारी 2 करोड रूपये में कुख्यात अपराधियों को दी है और इनमें एक करोड रूपये पहले व एक करोड रूपये हत्या के बाद देना तय हुआ है। शिकायती पत्र में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में उन्हें व उनके भतीजे तथा परिवार को भय है कि कहीं कोई अप्रिय घटना घटित न हो जाये।
बसपा नेता रामेश्वर उपाध्याय ने पुलिस कप्तान से उक्त मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तत्काल उनकी व उनके भतीजे तथा परिवार के जान-माल की सुरक्षा की मांग की है और कहा है कि अगर कोई अप्रिय घटना घटित हो जाती है तो इसके लिये शासन-प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
पुलिस कप्तान को आज दिये शिकायती पत्र में जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय ने आरोप लगाते हुए शिकायत की है कि मेरे बडे भाई श्री रामवीर उपाध्याय सादाबाद विधानसभा से बसपा से 2017 का चुनाव लडे थे और इसी विधानसभा क्षेत्र से तत्कालीन विधायक देवेन्द्र अग्रवाल भी सपा से चुनाव लडे थे और गत 8 फरवरी को जब उनका भतीजा चिरागवीर उपाध्याय, रामहरी शर्मा, पुष्पेन्द्र शर्मा, नागेन्द्र शर्मा, आलोक शर्मा, शशिकांत शर्मा आदि के साथ चुनाव प्रचार हेतु गया था तो मेरे भतीजे व समर्थकों पर मानिकपुर कोकना मोड पर पहले से घात लगाकर बैठक देवेन्द्र अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, चन्दन अग्रवाल, राकेश अग्रवाल व विनीत गुप्ता तथा 25-30 अन्य लोगों ने घेर लिया और जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग की जिसमें पुष्पेन्द्र शर्मा ने मेरे भतीजे को बचाने का प्रयास किया तो उक्त लोगों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी जिसकी रिपोर्ट पुष्पेन्द्र के पिता रामहरी शर्मा थाना सहपऊ में देवेन्द्र अग्रवाल आदि के खिलाफ दर्ज करायी और उक्त सभी आरोपी जेल में हैं।
पूर्व ब्लाक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय ने शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी भाभी श्रीमती सीमा उपाध्याय (तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष) ने जिले के किसानों की शिकायत पर देवेन्द्र अग्रवाल के पेट्रोल पम्पों पर मिलावटी तकल बिक्री की शिकायत करने पर उक्त देवेन्द्र अग्रवाल के खिलाफ आर्थिक अनुसंधान कानपुर के निरीक्षक रमेशचन्द्र आजाद ने थाना सहपऊ में रिपोर्ट दर्ज करायी। इसी राजनैतिक रंजिश को मानते हुए उक्त के पुत्र, साले, भतीजे आदि ने उनके घर में घुसकर सुरक्षा कर्मियों से मारपीट व गाली गलौज की गई जिसकी रिपोर्ट उन्होंने कोतवाली में दर्ज करायी थी। उक्त नामजद लोग उनसे व उनके परिवार से राजनैतिक रंजिश मानते हैं और बौखला गये हैं।
पुलिस कप्तान को दिये शिकायत पत्र में रामेश्वर उपाध्याय का आरोप है कि उक्त नामजद पूर्व विधायक देवेन्द्र अग्रवाल, भतीजा अतुल अग्रवाल, भाई राकेश अग्रवाल, पुत्र चन्दन अग्रवाल, विनीत गुप्ता आदि अलीगढ जेल में निरूद्ध हैं लेकिन उनका आरोप है कि उनके एक शुभचिन्तक अपने भाई से जेल में मिलने गये थे तो उन्हें उनके भाईयों ने बताया कि पूर्व विधायक व उनके साथी जेल की बैरक नं. 4 में कुख्यात अपराधियों से वार्ता कर उनकी व उनके भतीजे चिरागवीर उपाध्याय की हत्या की साजिश रच रहे हैं। उक्त बातें उनके शुभचिन्तकों ने जेल में अपने भाईयों से मिलकर लौटने के बाद उन्हें बतायी हैं।
पूर्व ब्लाक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय का आरोप है कि पूर्व विधायक व उनके साथियों ने उनकी व उनके भतीजे की हत्या की सुपारी 2 करोड रूपये में कुख्यात अपराधियों को दी है और इनमें एक करोड रूपये पहले व एक करोड रूपये हत्या के बाद देना तय हुआ है। शिकायती पत्र में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में उन्हें व उनके भतीजे तथा परिवार को भय है कि कहीं कोई अप्रिय घटना घटित न हो जाये।
बसपा नेता रामेश्वर उपाध्याय ने पुलिस कप्तान से उक्त मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तत्काल उनकी व उनके भतीजे तथा परिवार के जान-माल की सुरक्षा की मांग की है और कहा है कि अगर कोई अप्रिय घटना घटित हो जाती है तो इसके लिये शासन-प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
एक टिप्पणी भेजें
जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।