हाथरस । जिले के स्वाथ्य महकमे को भ्रष्टाचार की बीमारी लगी हुई है । सरकारी अस्पतालों और स्वाथ्य केंद्रों पर मरीजों को मूल रूप से दी जाने बाली सरकारी दवाएं और सुविधाओ को भ्रष्टाचार की इस बीमारी ने निगल लिया है। एक तरफ तो मरीजों को देने के लिए स्वाथ्य महकमे के पास दवाएं नहीं है वही दूसरी और उन्ही दवाओं को जलाया जा रहा है। महीनो और हफ्तों बंद रहने की बजह से इस स्वाथ्य केंद्र में गंदगी का अम्बार लगा हुआ है स्वाथ्य केंद्र में जब कभी डाक्टर आते है और अगर कोई मरीज यहाँ अपनी बीमारी की दवा लेने आता है तो उससे पैसे लिए जाते है।एक तरफ तो देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश और प्रदेश को साफ और स्वच्छ बनाये रखने के लिए स्वच्छ भारत अभियान चला रहे है वही दूसरी ओर हाथरस का स्वाथ्य महकमा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के इस अभियान को ठेंगा दिखाते हुए स्वाथ्य केंद्र को ही कूड़े दान बना दिया गया है। आइये आपको हाथरस जिले के बीमार और गंदे स्वाथ्य केंद्र की तस्बीरे दिखाते है। जी हा आप खुद देखिये हाथरस जिले के नगला मनी में बने इस स्वाथ्य केंद्र को। वैसे मरीजों के लिए यहाँ बेड तो है लेकिन उनकी हालत खुद एक बीमार मरीज की तरह है। ग्रामीणों की माने तो स्वाथ्य केंद्र पर डॉक्टर आते ही नहीं हैं मरीजों को दवा देने के नाम पर पैसे लिए जाते हैं और जब मरीज पैसा नहीं देते है तोउनका इलाज करने से मना कर दिया जाता है। मरीजों को दी जाने बाली दवाओं को जला दिया जाता है। इस स्वाथ्य केंद्र को देख कर आप खुद ही जान जायेंगे की ये कोई सरकारी स्वाथ्य केंद्र है या नगर पालिका का कोई कूड़े दान। स्वाथ्य केंद्र के अंदर बाहर चारो तरफ गंदगी ने अपने पैर पसार रखे है। अगर इस गन्दगी में किसी मरीज का इलाज किया जाये तो उसकी हालत और भी ज्यादा बिगड़सकती है
वही जब इस बारे में मुख्य चिकित्साधिकारी, हाथरस डा0 रामवीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया की दवाये जलाने का मामला उनके संज्ञान में नही है। आप लोगो से ही मालूम पड़ा है। अगर ऐसा कुछ है तो में जांच करवाऊंगा।
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