हाथरस। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के पानीपत से आये हुए मोटीवेटर भारत भूषण ने शहर के पुरातन एम.जी.पाॅलीटैक्निक में आयोजित कार्यशाला में अपने जीवन का उदाहरण सामने रखते हुए कार्यक्षेत्र में ईमानदारी से सेवा करने का बडी संख्या में
उपस्थित विद्यार्थियों का देश के लिए ईमानदार जीवन जीने का आह्वान किया और संकल्प भी कराया।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आनन्दपुरी केन्द्र के संरक्षण एवं एम.जी.पाॅलीटैक्निक के अध्यक्ष जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह की अगुवाई में स्वप्रबन्धन एवं तनाव प्रबन्धन कार्यशाला का आयोजन विद्यार्थियों को अध्ययन में ऊंचाई प्राप्त करने एवं प्रेरित करने के लिए किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ शारदे की वंदना एवं छवि चित्र के आगे दीप प्रज्जवलन द्वारा किया गया। संस्थान की बालिकाओं ने अतिथियों के स्वागत में स्वागत गान एवं नृत्य प्रस्तुत किया।
अपने प्रेरणादायी अतिथि सम्बोधन में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कहा कि पढ़ाई को छोड़कर जितना समय किसी मित्र से मोबाइल या इण्टरनेट पर उसके चेहरे को सामने रखकर लगाते हो यदि उससे भी कम समय योग द्वारा समय मन को एकाग्र करने में और एक ऐसे महान व्यक्तित्व के चेहरे को सामने प्रेरणा के रूप में लाकर लगाओ तो ऐसे महान कार्य कर दोगे कि मित्र बनने वालों की लाइन लग जायेगी।
प्रसिद्ध प्रेरक एवं इंजीनियर भारत भूषण ने इंजीनियर में पाये जाने वाले गुणों में एकाग्रता, आत्मविश्वास का होना आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि भले ही स्वच्छता और ईमानदारी में विदेशी आगे हैं परन्तु मर्यादाओं, संयुक्त परिवार, त्याग, संहिष्णुता आदि की मिसाल अन्यत्र नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपने सिविल इंजीनियर के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कभी भी गलत तरीके से धन नहीं कमाया। उन्होंने कहा कि कार्यक्षेत्र पर तनाव डिप्रेशन, थकान से बचना चाहते हो तो राजयोग का जीवन में प्रयोग करना सीखो, यह राजयोग कर्मयोग भी है जो व्यक्ति को हल्का तनावमुक्त रखने में मदद करता है।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आनन्दपुरी केन्द्र की संचालिका बी.के. शान्ता बहिन ने एकाग्रता के लिए युवाओं को बाहयमुखता के साथ-साथ अन्तःमुखता का अभ्यास बढ़ाना चाहिए। अधिक बातचीत में आने से शक्तियों का क्षरण होता है। इसके साथ ही उन्होंने मन की एकाग्रता के लिए गाइडैड काॅमेन्ट्री भी कराई। बी.के. रानी बहिन ने संस्था का परिचय कराया।
संस्था के प्राचार्य इंजीनियर मुकेश कुमार ने ब्रह्माकुमार भारत भूषण एवं जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षाओं आदि के कारण कई बार विद्यार्थी तनावयुक्त हो जाते हैं अतः विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी कार्यक्रम समय प्रति समय आयोजित होते रहने से सफलता मिलती है। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से वरिष्ठ प्रवक्ता इंजीनियर चन्द्रकान्त कुलश्रेष्ठ, इंजीनियर ब्रजभूषण द्विवेदी, सुरेश यादव, सुमित अग्रवाल, के.पी. सिंह, पूर्व प्राचार्य नसिरूददीन, आर.बी. सिंह, प्रेमचन्द्र शर्मा, भूपेन्द्र कुमार, गिरीश बाबू भटनागर, दीप्ति सिंह, राजकुमारी, श्वेता शाक्य, आर.के. जिन्दल, विपिन कुमार मोर्या, चेतन शर्मा, ईश्वर दयाल, बाँके लाल यादव सहित हजारों की संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
उपस्थित विद्यार्थियों का देश के लिए ईमानदार जीवन जीने का आह्वान किया और संकल्प भी कराया।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आनन्दपुरी केन्द्र के संरक्षण एवं एम.जी.पाॅलीटैक्निक के अध्यक्ष जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह की अगुवाई में स्वप्रबन्धन एवं तनाव प्रबन्धन कार्यशाला का आयोजन विद्यार्थियों को अध्ययन में ऊंचाई प्राप्त करने एवं प्रेरित करने के लिए किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ शारदे की वंदना एवं छवि चित्र के आगे दीप प्रज्जवलन द्वारा किया गया। संस्थान की बालिकाओं ने अतिथियों के स्वागत में स्वागत गान एवं नृत्य प्रस्तुत किया।
अपने प्रेरणादायी अतिथि सम्बोधन में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कहा कि पढ़ाई को छोड़कर जितना समय किसी मित्र से मोबाइल या इण्टरनेट पर उसके चेहरे को सामने रखकर लगाते हो यदि उससे भी कम समय योग द्वारा समय मन को एकाग्र करने में और एक ऐसे महान व्यक्तित्व के चेहरे को सामने प्रेरणा के रूप में लाकर लगाओ तो ऐसे महान कार्य कर दोगे कि मित्र बनने वालों की लाइन लग जायेगी।
प्रसिद्ध प्रेरक एवं इंजीनियर भारत भूषण ने इंजीनियर में पाये जाने वाले गुणों में एकाग्रता, आत्मविश्वास का होना आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि भले ही स्वच्छता और ईमानदारी में विदेशी आगे हैं परन्तु मर्यादाओं, संयुक्त परिवार, त्याग, संहिष्णुता आदि की मिसाल अन्यत्र नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपने सिविल इंजीनियर के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कभी भी गलत तरीके से धन नहीं कमाया। उन्होंने कहा कि कार्यक्षेत्र पर तनाव डिप्रेशन, थकान से बचना चाहते हो तो राजयोग का जीवन में प्रयोग करना सीखो, यह राजयोग कर्मयोग भी है जो व्यक्ति को हल्का तनावमुक्त रखने में मदद करता है।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आनन्दपुरी केन्द्र की संचालिका बी.के. शान्ता बहिन ने एकाग्रता के लिए युवाओं को बाहयमुखता के साथ-साथ अन्तःमुखता का अभ्यास बढ़ाना चाहिए। अधिक बातचीत में आने से शक्तियों का क्षरण होता है। इसके साथ ही उन्होंने मन की एकाग्रता के लिए गाइडैड काॅमेन्ट्री भी कराई। बी.के. रानी बहिन ने संस्था का परिचय कराया।
संस्था के प्राचार्य इंजीनियर मुकेश कुमार ने ब्रह्माकुमार भारत भूषण एवं जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षाओं आदि के कारण कई बार विद्यार्थी तनावयुक्त हो जाते हैं अतः विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी कार्यक्रम समय प्रति समय आयोजित होते रहने से सफलता मिलती है। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से वरिष्ठ प्रवक्ता इंजीनियर चन्द्रकान्त कुलश्रेष्ठ, इंजीनियर ब्रजभूषण द्विवेदी, सुरेश यादव, सुमित अग्रवाल, के.पी. सिंह, पूर्व प्राचार्य नसिरूददीन, आर.बी. सिंह, प्रेमचन्द्र शर्मा, भूपेन्द्र कुमार, गिरीश बाबू भटनागर, दीप्ति सिंह, राजकुमारी, श्वेता शाक्य, आर.के. जिन्दल, विपिन कुमार मोर्या, चेतन शर्मा, ईश्वर दयाल, बाँके लाल यादव सहित हजारों की संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।


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