
हाथरस। बुधवार को मां कूष्माण्डा जी की पूजा अर्चना की गई। वैसे तो मां दुर्गा का हर रूप बहुत सरस होता है। लेकिन मां का कूष्माण्डा रूप बहुत मोहक और मधुर है। नवरात्र के चैथे दिन मां के इस रूप की पूजा होती है। कहते है नवरात्र के चैथे दिन साधक का मन अदाहत चक्र में अवस्थित होता है। नवरात्र के चैथे कूष्माण्डा देवी के स्वरूप

को ध्यान में रखकर पूजा करनी चाहियेे। शहर की प्रमुख देवी बौहरे वाली देवी यहां नवरात्रों से ही भक्तों का तांता लगाना शुरू हो जाता है। नवरात्रों के दिनों में बौहरे वाली देवी के दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनायें अवश्य पूरी होती है। जो भक्त सच्चे मन से मां की आशीर्वाद लेता है उसकी मनोकामनायें पूरी होती है। तो वही अब विजय दशमी की तैयारी जोर-शोर के साथ चल रही है। आगरा रोड़ स्थित गिजरौली के निकट एम.जी पौल्ट्रेनिक्न के पैदान में रावण का पुतला दहन किया जायेगा। जहां पुलिस प्रशासन ने विजय दशमी के मेले की तैयारियां में लग गई है। क्योकि रावण का मेला देखने के लिये लोग दूर दराज से आते है। रावण का मेला काफी वर्षो से गिजरौली के मैदान में ही लगता चला आ रहा है। वही शहर के रामलीला मैदान में रामलीला महोत्सव का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भक्तों देर रात तक रामलीला महोत्सव का आनन्द ले रहे है।
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