हाथरस। मेला श्री दाऊजी महाराज के पंडाल में मुकाबला ए कब्बाली का आयोजन किया गया। इस दौरान एक समां दो परवानों के बीच जंगी मुकाबला हुआ। इस दौरान तालियों की गड़गड़ाहट के साथ पूरा वातावरण भी गुंजायमान रहा। सभी ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और मुकाबला ए कब्बाली का दौर सुबह की भोर तक चला।
मेला में आयोजित मुकाबला ए कब्बाली का उद्घाटन फीता काटकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन व डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने किया। संयोजक हाजी फजलुर्रहमान व सहसंयोजक मुजीबुर्रहमान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसी के साथ मुकाबला ए कब्बाली का दौर शुरू हुआ। इसमें कलकत्ता की वफा नियाजी, मुजफ्फरनगर के अल्ताफ अयान साबरी, नागपुर से रियाज साबरी के मध्य मुकाबला हुआ। सबसे पहले कव्वालों ने कब्बाली में देव अर्चना की। नागपुर से आए रियाज साबरी ने कुछ इस प्रकार सुनाया-मेरे अल्लाह ये आरजू है मेरी काश पूरा मेरे दिल का अरमान हो। इसके बाद उन्होंने सुनाया-आदमी-आदमी से करे मोहब्बत, चाहे हिन्दू हो या मुसलमान हो। मैं तुझसे प्यार करना चाहता हूं तेरी बाहों में मरना चाहता हूं। इसके बाद मुजफ्फरनगर से आए अल्ताफ अयान साबरी ने सुनाया-तेरा जलवा जिसने देखा है हैरान है फरिश्ते जलवा देख कर। हमेशा सोचते रहे हमेशा सोचते रहे। इसके बाद कलकत्ता से आयी वफा नियाजी ने सुनाया- वेबफा-वेबफा वेबफा है इतनी जल्दी भी करो न जाने की। तोड़कर दिल मेरा जाने वाला बेवफा है बेवफा है। जाओगे कहां बचकर जब दिल में बसा लेंगे। सुनाकर मेला पाण्डाल में मौजूद भीड़ की जमकर तालियां बटोंरीं और वाह वाही लूटी।
इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष चै. भाजुद्दीन, महेन्द्र सिंह सोलंकी, राजेश सिंह गुड्डू, विजय प्रेमी, वीरेन्द्र सिंह कुशवाहा, सभासद प्रशांत शर्मा, बौहरे कृष्ण बिहारी शर्मा, अशोक बागला, मोहम्मद इमरान, इसलाम, हाफिज सफीक, नाजिम, राजपाल दिसवार, मंसूर अहमद राहुल जैन, मान्धाता सिंह सामुराई, शमशाद मुल्लाजी, मोहम्मद अज्जू, अब्दुल हमीद, रोहताश यादव आदि मौजूद थे। अंत में सभी का आभार संयोजक हाजी फजलुर्रहमान ने प्रकट किया।
मेला में आयोजित मुकाबला ए कब्बाली का उद्घाटन फीता काटकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन व डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने किया। संयोजक हाजी फजलुर्रहमान व सहसंयोजक मुजीबुर्रहमान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसी के साथ मुकाबला ए कब्बाली का दौर शुरू हुआ। इसमें कलकत्ता की वफा नियाजी, मुजफ्फरनगर के अल्ताफ अयान साबरी, नागपुर से रियाज साबरी के मध्य मुकाबला हुआ। सबसे पहले कव्वालों ने कब्बाली में देव अर्चना की। नागपुर से आए रियाज साबरी ने कुछ इस प्रकार सुनाया-मेरे अल्लाह ये आरजू है मेरी काश पूरा मेरे दिल का अरमान हो। इसके बाद उन्होंने सुनाया-आदमी-आदमी से करे मोहब्बत, चाहे हिन्दू हो या मुसलमान हो। मैं तुझसे प्यार करना चाहता हूं तेरी बाहों में मरना चाहता हूं। इसके बाद मुजफ्फरनगर से आए अल्ताफ अयान साबरी ने सुनाया-तेरा जलवा जिसने देखा है हैरान है फरिश्ते जलवा देख कर। हमेशा सोचते रहे हमेशा सोचते रहे। इसके बाद कलकत्ता से आयी वफा नियाजी ने सुनाया- वेबफा-वेबफा वेबफा है इतनी जल्दी भी करो न जाने की। तोड़कर दिल मेरा जाने वाला बेवफा है बेवफा है। जाओगे कहां बचकर जब दिल में बसा लेंगे। सुनाकर मेला पाण्डाल में मौजूद भीड़ की जमकर तालियां बटोंरीं और वाह वाही लूटी।
इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष चै. भाजुद्दीन, महेन्द्र सिंह सोलंकी, राजेश सिंह गुड्डू, विजय प्रेमी, वीरेन्द्र सिंह कुशवाहा, सभासद प्रशांत शर्मा, बौहरे कृष्ण बिहारी शर्मा, अशोक बागला, मोहम्मद इमरान, इसलाम, हाफिज सफीक, नाजिम, राजपाल दिसवार, मंसूर अहमद राहुल जैन, मान्धाता सिंह सामुराई, शमशाद मुल्लाजी, मोहम्मद अज्जू, अब्दुल हमीद, रोहताश यादव आदि मौजूद थे। अंत में सभी का आभार संयोजक हाजी फजलुर्रहमान ने प्रकट किया।
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