हाथरस। श्री दाऊजी महाराज मेला परिसर में बीस दिन खूब रंगत रही। चहुओर शोर ही सुनाई दिया। अब मेला परिसर में एक बार फिर से खामोशी छाएगी और ग्यारह महीने तक यंहा पर सन्नाटा रहेगा। शिविरों का उखड़ना शुरू हो गया है। झूला वालों ने भी अपने सामान को समेटना शुरू कर दिया है। इसका विधिवत समापन 28 सितम्बर को किया जायेगा। मेला परिसर में अब विभिन्न शिविरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का समापन हो जाने के साथ ही उनका सामान सिमटना शुरू हो गया है। यहां से अब झूलों का भी उखड़ना शुरू हो गया है। खेंल तमाशें वाले अब विभिन्न जनपदों के मेलों में अपने आइटम लगायेगें।
हाथरस। श्री दाऊजी महाराज मेला परिसर में बीस दिन खूब रंगत रही। चहुओर शोर ही सुनाई दिया। अब मेला परिसर में एक बार फिर से खामोशी छाएगी और ग्यारह महीने तक यंहा पर सन्नाटा रहेगा। शिविरों का उखड़ना शुरू हो गया है। झूला वालों ने भी अपने सामान को समेटना शुरू कर दिया है। इसका विधिवत समापन 28 सितम्बर को किया जायेगा। मेला परिसर में अब विभिन्न शिविरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का समापन हो जाने के साथ ही उनका सामान सिमटना शुरू हो गया है। यहां से अब झूलों का भी उखड़ना शुरू हो गया है। खेंल तमाशें वाले अब विभिन्न जनपदों के मेलों में अपने आइटम लगायेगें।
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