हाथरस। दलितों के प्रति बढ़ रही हिंसा, शाब्दिक हिंसा और भाजपा नेता द्वारा सुश्री मायावती के बारे में की गई बेहद घृणित टिप्पणी के विरूद्ध भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यहां चामड़ गेट चैराहे पर केन्द्र व गुजरात सरकार और भाजपा के पुतले जलाये।
इस अवसर पर भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि केन्द्र व कई राज्यों की सत्ता पा जाने के बाद भाजपाईयों और संघियों का गुरूर सातवें आसमान पर है और गुजरात सहित समूचे देश में वे दलितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं तथा अन्य कमजोर तबकों के विरूद्ध हिंसा व घृणा का अभियान चलाये हुये हैं। प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व से उन्हें सह मिली हुई है।
भाजपा के प्रांतीय उपाध्यक्ष द्वारा सुश्री मायावती के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी, दलितों, महिलाओं एवं कमजोरों के प्रति भाजपा व आरएसएस के नेताओं की मानसिकता व नीति का प्रतीक है जिसकी जितनी निन्दा की जाये उतनी कम है। पार्टी से निकाला जाना तो इस अपराध का दंड ही नहीं।
डा. गिरीश ने कहा कि संघ की शाखाओं में कार्यकर्ताओं के मन में जो जहर घोला जाता है, सत्ता प्राप्ति के बाद वह भाजपा नेताओं के मुख से छलक कर बाहर आ रहा है और इसी घृणाभाव के चलते वे देश भर में दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों की हत्या कर रहे हैं व उन्हें अपमानित कर रहे हैं। वे दमन और शोषण की सामंती व पूंजीवादी व्यवस्था को मजबूत रखना चाहते हैं। भाकपा घृणित वयान देने वाले भाजपा नेता की गिरफ्तारी व देश भर में दलित, कमजोरों की हिंसा पर रोक लगाने की मांग करती है।
भाकपा राज्य कमेटी के आव्हान पर किये गये इस विरोध प्रदर्शन में जिला सचिव चरन सिंह बघेल, जगदीश आर्य, सत्यपाल रावल, दुर्गपाल सिंह, संजय खान, पप्पेन्द्र कुमार, बाबू सिंह थंबार, गौरीशंकर बघेल, आर.डी. आर्य, ओमप्रकाश सविता, महेन्द्र सिंह, किशन स्वरूप सविता, ईश्वरी पहलवान, चोबसिंह, विजय कुमार कुशवाहा, विपिन कुमार आदि शामिल थे।
इस अवसर पर भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि केन्द्र व कई राज्यों की सत्ता पा जाने के बाद भाजपाईयों और संघियों का गुरूर सातवें आसमान पर है और गुजरात सहित समूचे देश में वे दलितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं तथा अन्य कमजोर तबकों के विरूद्ध हिंसा व घृणा का अभियान चलाये हुये हैं। प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व से उन्हें सह मिली हुई है।
भाजपा के प्रांतीय उपाध्यक्ष द्वारा सुश्री मायावती के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी, दलितों, महिलाओं एवं कमजोरों के प्रति भाजपा व आरएसएस के नेताओं की मानसिकता व नीति का प्रतीक है जिसकी जितनी निन्दा की जाये उतनी कम है। पार्टी से निकाला जाना तो इस अपराध का दंड ही नहीं।
डा. गिरीश ने कहा कि संघ की शाखाओं में कार्यकर्ताओं के मन में जो जहर घोला जाता है, सत्ता प्राप्ति के बाद वह भाजपा नेताओं के मुख से छलक कर बाहर आ रहा है और इसी घृणाभाव के चलते वे देश भर में दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों की हत्या कर रहे हैं व उन्हें अपमानित कर रहे हैं। वे दमन और शोषण की सामंती व पूंजीवादी व्यवस्था को मजबूत रखना चाहते हैं। भाकपा घृणित वयान देने वाले भाजपा नेता की गिरफ्तारी व देश भर में दलित, कमजोरों की हिंसा पर रोक लगाने की मांग करती है।
भाकपा राज्य कमेटी के आव्हान पर किये गये इस विरोध प्रदर्शन में जिला सचिव चरन सिंह बघेल, जगदीश आर्य, सत्यपाल रावल, दुर्गपाल सिंह, संजय खान, पप्पेन्द्र कुमार, बाबू सिंह थंबार, गौरीशंकर बघेल, आर.डी. आर्य, ओमप्रकाश सविता, महेन्द्र सिंह, किशन स्वरूप सविता, ईश्वरी पहलवान, चोबसिंह, विजय कुमार कुशवाहा, विपिन कुमार आदि शामिल थे।
एक टिप्पणी भेजें
जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।