हाथरस। उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश सतेन्द्र कुमार के निर्देशानुसार जनपद न्यायालय, हाथरस, में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस द्वारा भारत का संविधान दिवस जनपद न्यायालय, परिसर हाथरस में जनपद न्यायाधीश सतेन्द्र कुमार एवं प्रधान न्यायाधीश रविन्द्र कुमार व अपर जनपद न्यायाधीश पारूल वर्मा तथा अपर जनपद न्यायाधीश, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस अजय कुमार व समस्त कर्मचारीगणों की उपस्थिति में भारत के संविधान की उद्देशिका का पाठन जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा प्रातः 11ः00 बजे पढ़ कर दिलायी गई, जिसे समस्त न्यायिक अधिकारीगण व समस्त कर्मचारीगण द्वारा अक्षरसः पाठन किया गया। जनपद न्यायाधीश द्वारा अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा गया कि भारत के प्रत्येक व्यक्ति को भारतीय संविधान का अनुपालन करने की नैतिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंनें यह भी कहा कि सभी न्यायिक अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण से अपेक्षा है कि वे भारतीय संविधान को अक्षुण बनाये रखें। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि हर वर्ष 26 नवम्बर का दिन देश में संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता है। 26 नवंबर, 1949 को ही देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। हालांकि इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था। भारतीय संविधान में सभी वर्गाे के हितों के मद्देनजर विस्तृत प्रावधानों को शामिल किया गया है। सर्वाेच्च न्यायालय की विभिन्न व्याख्याओं के माध्यम से भी बदलती परिस्थितियों के अनुसार विभिन्न अधिकारों को इसमें सम्मिलित किया गया।
प्रधान न्यायाधीश रविन्द्र कुमार द्वारा अपने वक्तव्य में कहा कि संविधान देश में शासन के लिए आधार प्रदान करता है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि सभी के हितों और जरूरतों को ध्यान में रखा जाए। भारत विविधताओं का देश है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैले विशाल भारत देश में सैकड़ों भाषाएं, बोली, पहनावे, खान-पान और अन्य विविधताएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में संविधान ही वह एक कड़ी है जो हर भारतवासी को एक साथ पिरोती है। संविधान देश को हर नागरिक को एक समान अधिकार देता है और एक समान नियमों में बांधता भी है।
अपर जनपद न्यायाधीश/एफ0टी0सी0 कोर्ट संख्या-1, हाथरस पारूल वर्मा द्वारा अपने वक्तव्य में सभी कर्मचारियों से कहा कि संविधान का पालन करें और ईमानदारी के साथ कार्य करें। अपर जनपद न्यायाधीश, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस अजय कुमार ने अपने वक्तव्य में संविधान की व्याख्या करते हुये कहा कि संविधान हम सभी का समानता का अधिकार देता है। इसी क्रम में उक्त पत्र के आलोक एवं माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय के निर्देश के अनुपालन में समस्त पराविधिक स्वयं संवकों द्वारा भिन्न-भिन्न स्थानों पर विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन कर संविधान दिवस मनाते हुये भारत के संविधान की उद्देशिका का पाठन किया गया।

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