हाथरस। जिलाधिकारी डा0 रमा श्ंकर मौर्य ने कलेक्ट्रेट सभागार में लाइसेन्स नवीनीकरण तथा किसानो कि समस्याओं के संदर्भ में शीतग्रह स्वामियों तथा कृषको के साथ बैठक की।
बैठक के दौरान जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने शासन द्वारा लाइसेन्स नवीनीकरण के सम्बन्ध में शीतग्रह स्वामियों को शासन द्वारा दिये निर्देशों के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि आवेदन पर नियमावली में दी गयी सूचनायें स्पष्ट रूप से अंकित की जायेगी। लाइसेंस शुल्क नवीनीकरण शुल्क कोषागार में जमा किये जाने की मूल प्रति आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना होगा। भवन सुदृढ़तः प्रमाण पत्र, मशीनिरी कार्यशीलता, अवसीतन क्षमता, शीतग्रह के भवन की मशीनरी का ब्रेकडाउन प्रमाण पत्र किसी सक्षम संस्था से पंजीकृत की निरीक्षण रिपोर्ट लगानी होगी। गत वर्ष करायी गयी बीमा पाॅलसी कवर नोट की सत्यापित प्रति एवं शीतग्रह की क्षमता के अनुसार शीतग्रह पर अग्निशमन सुविधा की उपलब्धता के सम्बन्ध में प्रमाण पत्र भवन सुदृणी करण में शीतग्रह भवन, मशीनरी तथा लकडी की रैक्स आदि की मरम्त का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा। शीतग्रह के नवीनीकरण के लिये अन्तिम विद्युत बिल के भुगतान की रसीद तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण कन्ट्रोल बोर्ड द्वारा जारी किये गये प्रमाण पत्र की छायाप्रति संलग्न करनी होगी। शीतग्रहो में आलू भण्डारण से पूर्व जारी किये जाने वाले किसान अधिकार पत्र में जिलाधिकारी, सम्बन्धित उप जिलाधिकारी का सीयूजी नम्बर तथा जिला उद्यान अधिकारी का मोबाइल नम्बर अंकित करना अनिवार्य होगा। इसके उपरान्त उन्होने किसान अधिकार प्रपत्र के बारे में किसानो को विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुये बताया कि शीतग्रह स्वामियों द्वारा लोडिंग-अनलोडिंग करने के लिए अन्य कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। शीतग्रह भण्डारण हेतु रखने वाले के लिये पूर्व में निर्धारित बुकिंग व्यवस्था लागू करनी होगी। भण्डारण कर्ता को शीतग्रह स्वामी द्वारा जमा किये गये माल एवं जमा किये गये आरक्षण शुल्क की रसीद पर्ची पर अंकित करना होगा। प्रत्येक शीतग्रह में एक पुस्थिका रखी जायेगी। जिसमे भण्डारण कर्ता अपने सुझाव शिकायत दर्ज कर सकेगे। यदि कोई शीतग्रह स्वामी भण्डारण कर्ताओं को किसान अधिकारी पत्र में दिये गये अधिकारो से वंचित करता है। तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जायेगी। इसके अलावा यदि किसानों के द्वारा फुटकर रूप से एक या दो बोरी आलू निकाली जाती है। तो उसका चार्ज नहीं लिया जायेगा। किसानों के द्वारा आलू की बोरियों के पलटायी न होने की शिकायत की गयी। जिस पर जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने कोल्ड स्टोरेज मालिकों से आलू के बोरी को पलटायी आनिवार्य रूप से समय-समय पर करने को कहा।
जिलाधिकारी ने आलू किसानों तथा कोल्ड स्टोरेज मालिकों से आपस में समन्वय बनानें को कहा। उन्होने कहा कि कोल्ड स्टोरेज मालिक भी किसी न किसी रूप से खेती-बाडी से जुडें हुये है। उन्हे किसानो समस्याओं के बारे में सोचना चहियें। जिलाधिकारी ने किसानो से कहा कि वे जब चाहे कोल्ड स्टोर पर जा कर अपना आलू देख सकते हैं। किसान कोल्ड में रखे हुये आलू को जब चाहे उठा सकता है तथा जब चाहे बेच सकता है। इसके लिये कृषक पूर्ण रूप से स्वतंत्र है। बैठक के दौरान अनूप ठाकुर द्वारा की गयी शिकायत की जांच जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह को करने के निर्देश दिये। साथ ही जिलाधिकरी महोदय ने कृषको से कहा कि यदि उन्हे किसी भी प्रकार समस्या है तो हमें अवश्य अवगत करायें। जिलाधिकारी ने किसानों को सचेत करते हुए कहा की ट्यूबबेल का प्रयोग सीमित मात्रा में ही करें अन्यथा जल संसाधन के बेवजह दोहन से जल संकट उत्पन्न हो जायेगा। अतः सभी किसान बंधु स्प्रिंक्लर तथा टपक सिचाई को अपने खेतों में प्रयोग करें। जिससे लागत कम तथा उत्पादन भी अधिक होता है। अधिक जल दोहन से जल स्तर नीचे चला जायेगा। जिसके गम्भीर परिणाम भुगतना पडेगा।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक चन्द्र शेखर शुक्ला, जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह, कोल्ड स्टोरेज संघ के अध्यक्ष, सचिव, प्रगतिशील किसान तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण मौजूद थे।
बैठक के दौरान जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने शासन द्वारा लाइसेन्स नवीनीकरण के सम्बन्ध में शीतग्रह स्वामियों को शासन द्वारा दिये निर्देशों के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि आवेदन पर नियमावली में दी गयी सूचनायें स्पष्ट रूप से अंकित की जायेगी। लाइसेंस शुल्क नवीनीकरण शुल्क कोषागार में जमा किये जाने की मूल प्रति आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना होगा। भवन सुदृढ़तः प्रमाण पत्र, मशीनिरी कार्यशीलता, अवसीतन क्षमता, शीतग्रह के भवन की मशीनरी का ब्रेकडाउन प्रमाण पत्र किसी सक्षम संस्था से पंजीकृत की निरीक्षण रिपोर्ट लगानी होगी। गत वर्ष करायी गयी बीमा पाॅलसी कवर नोट की सत्यापित प्रति एवं शीतग्रह की क्षमता के अनुसार शीतग्रह पर अग्निशमन सुविधा की उपलब्धता के सम्बन्ध में प्रमाण पत्र भवन सुदृणी करण में शीतग्रह भवन, मशीनरी तथा लकडी की रैक्स आदि की मरम्त का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा। शीतग्रह के नवीनीकरण के लिये अन्तिम विद्युत बिल के भुगतान की रसीद तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण कन्ट्रोल बोर्ड द्वारा जारी किये गये प्रमाण पत्र की छायाप्रति संलग्न करनी होगी। शीतग्रहो में आलू भण्डारण से पूर्व जारी किये जाने वाले किसान अधिकार पत्र में जिलाधिकारी, सम्बन्धित उप जिलाधिकारी का सीयूजी नम्बर तथा जिला उद्यान अधिकारी का मोबाइल नम्बर अंकित करना अनिवार्य होगा। इसके उपरान्त उन्होने किसान अधिकार प्रपत्र के बारे में किसानो को विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुये बताया कि शीतग्रह स्वामियों द्वारा लोडिंग-अनलोडिंग करने के लिए अन्य कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। शीतग्रह भण्डारण हेतु रखने वाले के लिये पूर्व में निर्धारित बुकिंग व्यवस्था लागू करनी होगी। भण्डारण कर्ता को शीतग्रह स्वामी द्वारा जमा किये गये माल एवं जमा किये गये आरक्षण शुल्क की रसीद पर्ची पर अंकित करना होगा। प्रत्येक शीतग्रह में एक पुस्थिका रखी जायेगी। जिसमे भण्डारण कर्ता अपने सुझाव शिकायत दर्ज कर सकेगे। यदि कोई शीतग्रह स्वामी भण्डारण कर्ताओं को किसान अधिकारी पत्र में दिये गये अधिकारो से वंचित करता है। तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जायेगी। इसके अलावा यदि किसानों के द्वारा फुटकर रूप से एक या दो बोरी आलू निकाली जाती है। तो उसका चार्ज नहीं लिया जायेगा। किसानों के द्वारा आलू की बोरियों के पलटायी न होने की शिकायत की गयी। जिस पर जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने कोल्ड स्टोरेज मालिकों से आलू के बोरी को पलटायी आनिवार्य रूप से समय-समय पर करने को कहा।
जिलाधिकारी ने आलू किसानों तथा कोल्ड स्टोरेज मालिकों से आपस में समन्वय बनानें को कहा। उन्होने कहा कि कोल्ड स्टोरेज मालिक भी किसी न किसी रूप से खेती-बाडी से जुडें हुये है। उन्हे किसानो समस्याओं के बारे में सोचना चहियें। जिलाधिकारी ने किसानो से कहा कि वे जब चाहे कोल्ड स्टोर पर जा कर अपना आलू देख सकते हैं। किसान कोल्ड में रखे हुये आलू को जब चाहे उठा सकता है तथा जब चाहे बेच सकता है। इसके लिये कृषक पूर्ण रूप से स्वतंत्र है। बैठक के दौरान अनूप ठाकुर द्वारा की गयी शिकायत की जांच जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह को करने के निर्देश दिये। साथ ही जिलाधिकरी महोदय ने कृषको से कहा कि यदि उन्हे किसी भी प्रकार समस्या है तो हमें अवश्य अवगत करायें। जिलाधिकारी ने किसानों को सचेत करते हुए कहा की ट्यूबबेल का प्रयोग सीमित मात्रा में ही करें अन्यथा जल संसाधन के बेवजह दोहन से जल संकट उत्पन्न हो जायेगा। अतः सभी किसान बंधु स्प्रिंक्लर तथा टपक सिचाई को अपने खेतों में प्रयोग करें। जिससे लागत कम तथा उत्पादन भी अधिक होता है। अधिक जल दोहन से जल स्तर नीचे चला जायेगा। जिसके गम्भीर परिणाम भुगतना पडेगा।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक चन्द्र शेखर शुक्ला, जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह, कोल्ड स्टोरेज संघ के अध्यक्ष, सचिव, प्रगतिशील किसान तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण मौजूद थे।


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