हाथरस (रिषभ प्रताप)। आवारा तथा निराश्रित पशुओं के लिये अस्थायी रूप से बनायी गयी गौशाला पराग डेरी सासनी का निरीक्षण आज नोडल अधिकारी/आई0ए0एस0 सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग उ0प्र0 शासन श्री बी0 राम शास्त्री जी ने सम्बन्धित अधिकारियों के साथ किया।
अस्थायी गौशाला में आवारा पशुओं के संख्या, चारा तथा पानी के लिये किये गये प्रबंध के बारे में उपजिलाधिकारी सासनी नितीश कुमार सिंह से जानकारी ली। उपजिलाधिकारी सासनी ने बताया कि वर्तमान में लगभग दो हजार पांच सौ आवारा तथा निराश्रित पशुओं को यहा पर रखा गया है। उन्होने बताया कि चारे के लिये भूसा तथा मण्डी से हरी पत्तेदार सब्जिया लायी जाती है। उन्होने बताया कि पशुओ के देख रेख के लिये पीआरडी जवानों को लगाया गया है। उन्होने बताया कि जो व्यक्ति आवारा तथा निराश्रित को यहा पर लाता है उस व्यक्ति का नाम मोबाइल नम्बर तथा लाये गयेपशुओ की संख्या को एक रजिस्टर पर दर्ज किया जाता है। इस परिसर में दो समर सेविल तथा एक हैण्डपम्प है जिनके द्वारा गढ्डों में पीने के लिये पानी भरा जाता है। साथ ही उन्होने बताया कि जो एजेसिया आवारा तथा निराश्रित के लिये कार्य कर रही है। उनकी लिस्ट तैयार कर ली गयी है। उन एजेसियों को 26 जनवरी को सम्मानित किया जायेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से जनपद में कुल कितने आवारा एवं निराश्रित पशु तथा लोगो के पास कितने पशु है। इसके बारे में जानकारी ली गयी। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में लगभग 8 हजार आवारा तथा निराश्रित पशु एवं पुरानी गणना के अनुसार लोगो के पास लगभग 70 हजार पशु है। अभी नई गणना की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी श्री बी0 राम शास्त्री जी ने खाली पडी पराग डेरी सासनी का उपयोग अस्थायी गौशाला के रूप में करने पर जिलाधिकारी की प्रशंसा की। उन्होने कहा कि इतने अल्प समय में ज्वलंत समस्या का समाधान करना अपने आप में बड़ी बात है। उन्होने कहा कि इस अस्थायी गौशाला के बनने से आस पास के आवारा पशुओं के समस्या का समाधान हो जायेगा।
जिलाधिकारी डा0 रमा शंकर मौर्य ने नोडल अधिकारी को जानकारी देते हुए बताया कि इस अस्थायी गौशाला में आवारा पशुओं के लियें चारा का भी प्रबन्ध किया गया है। साथ ही पशुओं के पानी पीने के लियें पूरे परिसर में कई जगहों पर गढ्डे बनाकर पानी भरा गया है। उन्होने बताया कि पशुओं के देखभाल के लियें पशु चिकित्साधिकारी की ड्यूटी लगायी गयी है। जिलाधिकारी ने बताया कि पराग डेरी सासनी का लगभग 149 बीघा क्षेत्रफल होने से आस पास के कई विकास खण्डों की आवारा पशुओं की समस्या का समाधान हो सकेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी एस0पी0 सिंह, खण्ड विकास अधिकारी सासनी तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
अस्थायी गौशाला में आवारा पशुओं के संख्या, चारा तथा पानी के लिये किये गये प्रबंध के बारे में उपजिलाधिकारी सासनी नितीश कुमार सिंह से जानकारी ली। उपजिलाधिकारी सासनी ने बताया कि वर्तमान में लगभग दो हजार पांच सौ आवारा तथा निराश्रित पशुओं को यहा पर रखा गया है। उन्होने बताया कि चारे के लिये भूसा तथा मण्डी से हरी पत्तेदार सब्जिया लायी जाती है। उन्होने बताया कि पशुओ के देख रेख के लिये पीआरडी जवानों को लगाया गया है। उन्होने बताया कि जो व्यक्ति आवारा तथा निराश्रित को यहा पर लाता है उस व्यक्ति का नाम मोबाइल नम्बर तथा लाये गयेपशुओ की संख्या को एक रजिस्टर पर दर्ज किया जाता है। इस परिसर में दो समर सेविल तथा एक हैण्डपम्प है जिनके द्वारा गढ्डों में पीने के लिये पानी भरा जाता है। साथ ही उन्होने बताया कि जो एजेसिया आवारा तथा निराश्रित के लिये कार्य कर रही है। उनकी लिस्ट तैयार कर ली गयी है। उन एजेसियों को 26 जनवरी को सम्मानित किया जायेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से जनपद में कुल कितने आवारा एवं निराश्रित पशु तथा लोगो के पास कितने पशु है। इसके बारे में जानकारी ली गयी। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में लगभग 8 हजार आवारा तथा निराश्रित पशु एवं पुरानी गणना के अनुसार लोगो के पास लगभग 70 हजार पशु है। अभी नई गणना की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी श्री बी0 राम शास्त्री जी ने खाली पडी पराग डेरी सासनी का उपयोग अस्थायी गौशाला के रूप में करने पर जिलाधिकारी की प्रशंसा की। उन्होने कहा कि इतने अल्प समय में ज्वलंत समस्या का समाधान करना अपने आप में बड़ी बात है। उन्होने कहा कि इस अस्थायी गौशाला के बनने से आस पास के आवारा पशुओं के समस्या का समाधान हो जायेगा।
जिलाधिकारी डा0 रमा शंकर मौर्य ने नोडल अधिकारी को जानकारी देते हुए बताया कि इस अस्थायी गौशाला में आवारा पशुओं के लियें चारा का भी प्रबन्ध किया गया है। साथ ही पशुओं के पानी पीने के लियें पूरे परिसर में कई जगहों पर गढ्डे बनाकर पानी भरा गया है। उन्होने बताया कि पशुओं के देखभाल के लियें पशु चिकित्साधिकारी की ड्यूटी लगायी गयी है। जिलाधिकारी ने बताया कि पराग डेरी सासनी का लगभग 149 बीघा क्षेत्रफल होने से आस पास के कई विकास खण्डों की आवारा पशुओं की समस्या का समाधान हो सकेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी एस0पी0 सिंह, खण्ड विकास अधिकारी सासनी तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।



एक टिप्पणी भेजें
जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।