जनपद की प्रत्येक तहसील में बनाये जायेगें चार-चार गौशाला
हाथरस। जनपद के आवारा तथा निराश्रित पशु के आतंक से किसान की फसल को हो रहे नुकसान से बचाने के लिये गौशाला बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डा0 रमा शंकर मौर्य ने कलेक्ट्रेट सभागार में सम्बन्धित अधिकारीगणों के साथ बैठक की।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विगत दिनों में तहसील सादाबाद तथा हाथरस में कुछ अराजक तत्वों द्वारा आवारा तथा लावरिस पशुओं को सरकारी विद्यालयों में बन्द करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध नामजद रूप से एफआईआर की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि इसके पश्चात भी यदि सरकारी विद्यालयों एवं भवनों में इस प्रकार की दुस्साहस किया जाये तो सम्बन्धित के विरूद्ध गोवध निवारण अधिनियम, पशु कु्ररत अधिनियम के साथ एनएसए की कार्यवाही अमल में लाई जायें।
जिलाधिकारी ने आवारा पशुओं के लिये प्रत्येक तहसील में खाली पड़ी ग्राम समाज की भूमि पर गौशाला बनाने की प्रक्रिया प्रारम्भ करने के निर्देश दिये है। उन्होने कहा है कि प्रत्येक तहसील में चार चार गौशाला बनाये जायेगें। जिसके तहत तहसील सादाबाद में गांव बीजलपुर, चमरपुरा, उघैना, कुरसुण्डा, तहसील सासनी में ग्राम नगला फतेला, सुसाइत कला, पिलखौरा, तहसील सदर में मंगुसा, जटोई, जलालपुर, दयालपुर तथा तहसील सिकन्दराराव में ग्राम देव पनखरा, नगरिया पट्टी देवरी, टटी डंडिया तथा नगला काच में आवारा पशुओ के लिये गौशाला बनाने के निर्देश दिये। उन्होने प्रत्येक तहसील में गौशाला बनाने हेतु तत्कालिक रूप से 01 लाख रूपयें की धनिराशि आंवटित करने के भी निर्देश दिये। उन्होने कहा कि गौशाला की देखभाल करने के लियें ग्राम स्तर पर उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान तथा सम्भ्रांत लोगों को सदस्य के रूप में रखा जाये। यह समिति गौशाला में रहने वाले पशुओं के लिये चारा, पानी तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायेगे। साथ ही गौशाला पर देखभाल के लिये कुछ लोगों की ड्यूटी भी लगाई जायेगी। जिलाधिकारी ने तत्कालिक रूप से अस्थाई व्यवस्था के लियें विकास खण्ड सासनी के पराग डेरी के प्लांट का पर व्यवस्था करने के उपजिलाधिकारी सासनी से भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिये। उन्होने समस्त उपजिलाधिकारी से खाली पडे कोल्ड स्टोरेज तथा सरकारी परित्यक्त भवनों को भी गौशाला के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि सभी उपजिलाधिकारी तथा खण्ड विकास अधिकारी सम्बन्धित स्थानों का सयुक्त रूप से निरीक्षण करके प्रथामिकता के आधार पर कार्यवाही प्रारम्भ करें।
अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 ने गौशाला में चारा आादि की व्यवस्था के लियें एलडीएम से सीएसआर फण्ड के उपयोग करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि सभी कार्यवाहियों की वीडियोंग्राफी अवश्य करा ली जाये। जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की करने में समस्या न हों। गौशाला को विकसित करने के लियें मनरेगा के माध्यम से फिनिश्ंिग तथा अन्य कार्य सम्पन्न किये जायें।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश, मुख्य विकास अधिकारी एस0 पी0 सिंह, उप जिलाधिकारी सादाबाद ज्योत्स्ना बंधु, उप जिलाधिकारी सासनी नितीश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सिकन्द्राराऊ अंजुम बी, उप जिलाधिकारी हाथरस अरूण कुमार सिंह, परियोजना निदेशक चन्द्र शेखर शुक्ला, जिला वन अधिकारी मुकेश शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरीश चन्द्र, खण्ड विकास अधिकारी हसायन शैली गोबिल, खण्ड विकास अधिकारी सासनी धनी राम शर्मा तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हाथरस। जनपद के आवारा तथा निराश्रित पशु के आतंक से किसान की फसल को हो रहे नुकसान से बचाने के लिये गौशाला बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डा0 रमा शंकर मौर्य ने कलेक्ट्रेट सभागार में सम्बन्धित अधिकारीगणों के साथ बैठक की।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विगत दिनों में तहसील सादाबाद तथा हाथरस में कुछ अराजक तत्वों द्वारा आवारा तथा लावरिस पशुओं को सरकारी विद्यालयों में बन्द करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध नामजद रूप से एफआईआर की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि इसके पश्चात भी यदि सरकारी विद्यालयों एवं भवनों में इस प्रकार की दुस्साहस किया जाये तो सम्बन्धित के विरूद्ध गोवध निवारण अधिनियम, पशु कु्ररत अधिनियम के साथ एनएसए की कार्यवाही अमल में लाई जायें।
जिलाधिकारी ने आवारा पशुओं के लिये प्रत्येक तहसील में खाली पड़ी ग्राम समाज की भूमि पर गौशाला बनाने की प्रक्रिया प्रारम्भ करने के निर्देश दिये है। उन्होने कहा है कि प्रत्येक तहसील में चार चार गौशाला बनाये जायेगें। जिसके तहत तहसील सादाबाद में गांव बीजलपुर, चमरपुरा, उघैना, कुरसुण्डा, तहसील सासनी में ग्राम नगला फतेला, सुसाइत कला, पिलखौरा, तहसील सदर में मंगुसा, जटोई, जलालपुर, दयालपुर तथा तहसील सिकन्दराराव में ग्राम देव पनखरा, नगरिया पट्टी देवरी, टटी डंडिया तथा नगला काच में आवारा पशुओ के लिये गौशाला बनाने के निर्देश दिये। उन्होने प्रत्येक तहसील में गौशाला बनाने हेतु तत्कालिक रूप से 01 लाख रूपयें की धनिराशि आंवटित करने के भी निर्देश दिये। उन्होने कहा कि गौशाला की देखभाल करने के लियें ग्राम स्तर पर उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान तथा सम्भ्रांत लोगों को सदस्य के रूप में रखा जाये। यह समिति गौशाला में रहने वाले पशुओं के लिये चारा, पानी तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायेगे। साथ ही गौशाला पर देखभाल के लिये कुछ लोगों की ड्यूटी भी लगाई जायेगी। जिलाधिकारी ने तत्कालिक रूप से अस्थाई व्यवस्था के लियें विकास खण्ड सासनी के पराग डेरी के प्लांट का पर व्यवस्था करने के उपजिलाधिकारी सासनी से भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिये। उन्होने समस्त उपजिलाधिकारी से खाली पडे कोल्ड स्टोरेज तथा सरकारी परित्यक्त भवनों को भी गौशाला के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि सभी उपजिलाधिकारी तथा खण्ड विकास अधिकारी सम्बन्धित स्थानों का सयुक्त रूप से निरीक्षण करके प्रथामिकता के आधार पर कार्यवाही प्रारम्भ करें।
अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 ने गौशाला में चारा आादि की व्यवस्था के लियें एलडीएम से सीएसआर फण्ड के उपयोग करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि सभी कार्यवाहियों की वीडियोंग्राफी अवश्य करा ली जाये। जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की करने में समस्या न हों। गौशाला को विकसित करने के लियें मनरेगा के माध्यम से फिनिश्ंिग तथा अन्य कार्य सम्पन्न किये जायें।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश, मुख्य विकास अधिकारी एस0 पी0 सिंह, उप जिलाधिकारी सादाबाद ज्योत्स्ना बंधु, उप जिलाधिकारी सासनी नितीश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सिकन्द्राराऊ अंजुम बी, उप जिलाधिकारी हाथरस अरूण कुमार सिंह, परियोजना निदेशक चन्द्र शेखर शुक्ला, जिला वन अधिकारी मुकेश शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरीश चन्द्र, खण्ड विकास अधिकारी हसायन शैली गोबिल, खण्ड विकास अधिकारी सासनी धनी राम शर्मा तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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