हाथरस/सासनी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधन में प्राथमिक विद्यालय ग्राम विजाहरी तहसील सासनी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शिव कुमारी की अध्यक्षता में किया गया।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उपस्थित जनता को मीडियेशन के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि जिला मीडियेशन सेन्टर जनपद न्यायालय में स्थित है, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा पक्षकारों के मध्य सुलह समझौता कराया जाता है। मीडियेशन में पति-पत्नी के विवाद, सिविल वाद तथा ऐसे सभी विवाद जो समझौते के माध्यम से निस्तारित किये जा सकते हो उनमें मध्यस्थगण द्वारा सुलह समझौता कराया जाता है। समझौते के उपरान्त उसकी आख्या सम्बन्धित न्यायालय को भेज दी जाती है, और मीडियेशन की रिपोर्ट के आधार पर मामलें का निस्तारण कर दिया जाता है। इससे दोनो पक्षों के मध्य सामंजस्य बना रहता है। उन्होंने लोक अदालत के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि प्रदेश स्तर, जनपद स्तर, तालुका, तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। जिसमें प्रीलेटीगेशन, बीमा, बैंक, विद्युत, वैवाहिक वाद, सिविल वाद, क्रिमिनल वाद, एम0बी0 एक्ट, आदि के मुकद्दमों को सुलह समझौता के आधार पर निस्तारण किया जायेगा। उन्होने कहा कि अपने आस-पास के व्यक्तियों को लोक अदालत के बारे में जानकारी दें, और अधिक से अधिक मुकद्दमों को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण कराकर लोक अदालत का लाभ उठाये। उन्होने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों की अपील नहीं की जा सकती तथा सिविल मामलों में अदा की गई कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है। उन्होने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डालते हुये बताया कि जिला प्राधिकरण का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति पैसे के अभाव में न्याय पाने से वंचित न रह जाये। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में एक्ट में वर्णित श्रेणी के व्यक्तियों द्वारा विधिक सहायता के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देने पर प्राधिकरण द्वारा जाॅच उपरान्त निःशुल्क अधिवक्ता से परामर्श हेतु आदेश दिया जाता है। तहसीलदार सासनी श्री मनोज कुमार वाष्र्णेय ने अपने वक्तव्य में शिविर में उपस्थित जनता को जनसुनावई पोर्टल, मतगणना सूची में अपना नाम बढवाने, वृद्धा पेंशन, आॅनलाइन नकल खतौनी प्राप्त करने सम्बन्ध में जानकारी देते हुये कहा कि अब आप लोंगांे को तहसील के चक्कर नही लगाने पड़ेग,ें आप लोग किसी भी जनसुविधा केन्द्र पर जाकर नकल खतौनी प्राप्त कर सकते हैं। आय एवं जाति, निवास, प्रमाण प्रमाण बनवाने के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुये कहा कि आप लोग अब घर बैठे अपने प्रमाण पत्र तैयार करा सकते है। जिसके लिए आप को राजस्व विभाग की बेवसाइट पर आॅन लाइन आवेदन करके अपने प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि किसी किसान की आकस्मिक दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसे 5,00,000 रूपये शासन द्वारा दिये जाने का प्राविधान है, इसके लिये उस व्यक्ति को पोस्ट मार्टम कराया जाना आवश्यक है। राजस्व निरीक्षक श्री ओमप्रकाश ठैंनुआ द्वारा सभी का आभार व्यक्त करते हुये सरकार द्वारा चलाई जा रही ग्रामीण योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी दी। इस अवसर पर ग्रामीण जनता उपस्थित रही। ग्रामीण जनता ने अपनी समस्यायें बताई जिनके सम्बन्ध में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, द्वारा परामर्श दिया गया।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उपस्थित जनता को मीडियेशन के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि जिला मीडियेशन सेन्टर जनपद न्यायालय में स्थित है, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा पक्षकारों के मध्य सुलह समझौता कराया जाता है। मीडियेशन में पति-पत्नी के विवाद, सिविल वाद तथा ऐसे सभी विवाद जो समझौते के माध्यम से निस्तारित किये जा सकते हो उनमें मध्यस्थगण द्वारा सुलह समझौता कराया जाता है। समझौते के उपरान्त उसकी आख्या सम्बन्धित न्यायालय को भेज दी जाती है, और मीडियेशन की रिपोर्ट के आधार पर मामलें का निस्तारण कर दिया जाता है। इससे दोनो पक्षों के मध्य सामंजस्य बना रहता है। उन्होंने लोक अदालत के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि प्रदेश स्तर, जनपद स्तर, तालुका, तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। जिसमें प्रीलेटीगेशन, बीमा, बैंक, विद्युत, वैवाहिक वाद, सिविल वाद, क्रिमिनल वाद, एम0बी0 एक्ट, आदि के मुकद्दमों को सुलह समझौता के आधार पर निस्तारण किया जायेगा। उन्होने कहा कि अपने आस-पास के व्यक्तियों को लोक अदालत के बारे में जानकारी दें, और अधिक से अधिक मुकद्दमों को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण कराकर लोक अदालत का लाभ उठाये। उन्होने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों की अपील नहीं की जा सकती तथा सिविल मामलों में अदा की गई कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है। उन्होने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डालते हुये बताया कि जिला प्राधिकरण का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति पैसे के अभाव में न्याय पाने से वंचित न रह जाये। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में एक्ट में वर्णित श्रेणी के व्यक्तियों द्वारा विधिक सहायता के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देने पर प्राधिकरण द्वारा जाॅच उपरान्त निःशुल्क अधिवक्ता से परामर्श हेतु आदेश दिया जाता है। तहसीलदार सासनी श्री मनोज कुमार वाष्र्णेय ने अपने वक्तव्य में शिविर में उपस्थित जनता को जनसुनावई पोर्टल, मतगणना सूची में अपना नाम बढवाने, वृद्धा पेंशन, आॅनलाइन नकल खतौनी प्राप्त करने सम्बन्ध में जानकारी देते हुये कहा कि अब आप लोंगांे को तहसील के चक्कर नही लगाने पड़ेग,ें आप लोग किसी भी जनसुविधा केन्द्र पर जाकर नकल खतौनी प्राप्त कर सकते हैं। आय एवं जाति, निवास, प्रमाण प्रमाण बनवाने के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुये कहा कि आप लोग अब घर बैठे अपने प्रमाण पत्र तैयार करा सकते है। जिसके लिए आप को राजस्व विभाग की बेवसाइट पर आॅन लाइन आवेदन करके अपने प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि किसी किसान की आकस्मिक दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसे 5,00,000 रूपये शासन द्वारा दिये जाने का प्राविधान है, इसके लिये उस व्यक्ति को पोस्ट मार्टम कराया जाना आवश्यक है। राजस्व निरीक्षक श्री ओमप्रकाश ठैंनुआ द्वारा सभी का आभार व्यक्त करते हुये सरकार द्वारा चलाई जा रही ग्रामीण योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी दी। इस अवसर पर ग्रामीण जनता उपस्थित रही। ग्रामीण जनता ने अपनी समस्यायें बताई जिनके सम्बन्ध में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, द्वारा परामर्श दिया गया।



एक टिप्पणी भेजें
जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।