- प्रधान ने कहा कि ग्राम पंचायत की जगह पर बना हुआ था दिव्यांग का मकान
हाथरस। कोतवाली हाथरस जंक्शन की कैशोपुर पुलिस चैकी क्षेत्र के गांव नगला अहीर में एक दिव्यांग का तीस बर्ष पुराना आवास लेखपाल,पुलिस ने गांव के ही एक व्यक्ति की शिकायत पर बिना कसूर के ही दिव्यांग का मकान बिना नोटिस दिए ही सरकारी ग्राम पंचायत की जमीन पर अबैध कब्जा होना बताकर तुडवा दिया गया।जब कि उक्त दिव्यांग व्यक्ति ने पुलिस प्रशासन के साथ लेखपाल पर शिकायत कर्ता से सांठगांठ किए जाने का आरोप लगाते हुए दिव्यांग व उसके परिवार को खुले में रहने के लिए छोड दिया।दिव्यांग सूरज कुमार पुत्र प्रेमचन्द्र निवासी नगला अहीर ग्राम पंचायत बरवाना ने पुलिस,प्रशासन व लेखपाल पर गांव के ही शिकायतकर्ता राजवीर सिंह से सांठगांठ करके सूरज कुमार के घर को सरकारी जमीन पर बना हुआ बताकर तुडवा दिया गया।दिव्यांग सूरज कुमार ने पुलिस,प्रशासन लेखपाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के ही राजवीर सिंह ने उसके खिलाफ शिकायत की थी।राजवीर सिंह का ही घर ग्राम पंचायत की जमीन पर बना हुआ था।दिव्यांग सूरज कुमार ने बताया कि पूर्व में लेखपाल धर्मेन्द्र शर्मा,रवेन्द्र सिंह सेंगर ने ग्राम पंचायत की जगह की माप की गई तो उस बक्त राजवीर सिंह का मकान ही अबैध रूप से बना हुआ पाया गया था।इस मामलें में तहसीलदार के यहां पर केस दर्ज होने के कारण राजवीर सिंह पर 1800 रूपए का जुर्माना हुआ थां।मगर उसके बाद भी कैशोंपुर पुलिस चैकी प्रभारी कमल किशोर,उपनिरीक्षक कोमल सिंह,लेखपाल लाखनू सर्किल ने दिव्यांग दपंति के घर पर बिना नोटिस दिए ही जेसीबी चलवाकर मकान को क्षतिग्रस्त करा दिया गया।दिव्यांग सूरज कुमार ने जिलधिकारी से शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की।वही इस संबध में ग्राम प्रधान बिमलेश देबी व प्रधान पति रवेन्द्र सिंह ने बताया कि गांव बरवाना पंचायत के माजरा नगला अहीर में ग्राम पंचायत के चकरोड पर पूर्व प्रधान नीरज कुमार द्वारा गांव केे ही दिव्यांग सूरज कुमार का ग्राम पंचायत की खाली भूमि पर अबैध रूप से मकान बनवा दिया गया था। इस मामलें में एसडीएम व तहसीलदार के आदेश पर ही उक्त जमीन को लेखपाल ने पैमाइश कराकर कब्जा मुक्त कराया गया है।
हाथरस। कोतवाली हाथरस जंक्शन की कैशोपुर पुलिस चैकी क्षेत्र के गांव नगला अहीर में एक दिव्यांग का तीस बर्ष पुराना आवास लेखपाल,पुलिस ने गांव के ही एक व्यक्ति की शिकायत पर बिना कसूर के ही दिव्यांग का मकान बिना नोटिस दिए ही सरकारी ग्राम पंचायत की जमीन पर अबैध कब्जा होना बताकर तुडवा दिया गया।जब कि उक्त दिव्यांग व्यक्ति ने पुलिस प्रशासन के साथ लेखपाल पर शिकायत कर्ता से सांठगांठ किए जाने का आरोप लगाते हुए दिव्यांग व उसके परिवार को खुले में रहने के लिए छोड दिया।दिव्यांग सूरज कुमार पुत्र प्रेमचन्द्र निवासी नगला अहीर ग्राम पंचायत बरवाना ने पुलिस,प्रशासन व लेखपाल पर गांव के ही शिकायतकर्ता राजवीर सिंह से सांठगांठ करके सूरज कुमार के घर को सरकारी जमीन पर बना हुआ बताकर तुडवा दिया गया।दिव्यांग सूरज कुमार ने पुलिस,प्रशासन लेखपाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के ही राजवीर सिंह ने उसके खिलाफ शिकायत की थी।राजवीर सिंह का ही घर ग्राम पंचायत की जमीन पर बना हुआ था।दिव्यांग सूरज कुमार ने बताया कि पूर्व में लेखपाल धर्मेन्द्र शर्मा,रवेन्द्र सिंह सेंगर ने ग्राम पंचायत की जगह की माप की गई तो उस बक्त राजवीर सिंह का मकान ही अबैध रूप से बना हुआ पाया गया था।इस मामलें में तहसीलदार के यहां पर केस दर्ज होने के कारण राजवीर सिंह पर 1800 रूपए का जुर्माना हुआ थां।मगर उसके बाद भी कैशोंपुर पुलिस चैकी प्रभारी कमल किशोर,उपनिरीक्षक कोमल सिंह,लेखपाल लाखनू सर्किल ने दिव्यांग दपंति के घर पर बिना नोटिस दिए ही जेसीबी चलवाकर मकान को क्षतिग्रस्त करा दिया गया।दिव्यांग सूरज कुमार ने जिलधिकारी से शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की।वही इस संबध में ग्राम प्रधान बिमलेश देबी व प्रधान पति रवेन्द्र सिंह ने बताया कि गांव बरवाना पंचायत के माजरा नगला अहीर में ग्राम पंचायत के चकरोड पर पूर्व प्रधान नीरज कुमार द्वारा गांव केे ही दिव्यांग सूरज कुमार का ग्राम पंचायत की खाली भूमि पर अबैध रूप से मकान बनवा दिया गया था। इस मामलें में एसडीएम व तहसीलदार के आदेश पर ही उक्त जमीन को लेखपाल ने पैमाइश कराकर कब्जा मुक्त कराया गया है।


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