हाथरस। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया है कि जनपद में बोई गयी फसल में चन्द्रमोहन शर्मा और संतोष कुमार शर्मा, व.प्रा.सहा. कृषि रक्षा द्वारा मुरसान विकास खण्ड के नगला हीरा, दर्शना, गारवगढी, भगतुआ, कोटा आदि ग्रामों में क्षेत्रीय भ्रमण करके आलू, सरसों फसल में कृषकों के खेतों पर कीट, रोग सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के समय सरसों फसल में कहीं कहीं पर न्यूसघनता में आरा मक्खी दिखाई दी, जिसके नियंत्रण हेतु कृषकों का निम्न सुक्षाव दिये गये।
आरा मख्खी-यह काले चमकदार रंग की घरेलू मक्खी के आकार मे छोटी लगभग 4-5 मिली मीटर लम्बी मक्खी होती है। मादा मक्खी का अंडरोपक आरी के आकार का होने के कारण ही इसे आरा मक्खी कहते हैं। इस कीट की सूडियां काले स्लेटी रंग की होती हैं। ये पत्तियों को किनारों से अथवा विभिन्न आकार के छेद बनाती हुई बहुत तेजी से खाती है। इसके नियत्रंण हेतु मैलाथियान 5 प्रति. अथवा फेनवेलरेट 4 प्रति. धूल 20-25 किलोग्राम प्रति. हैक्टेयर की दर से सुबह खेत में भुरखाव करें अथवा क्यूनालफास 25 प्रति. ई.सी. रसायन 1.25-1.50 लीटर अथवा एजाडीरेक्टिन (नीम ओयल) 0.15 ई.सी. अथवा इमिडाक्लोपिड 17.8 एस.एल. 250 एम.एल. प्रति हैक्टेयर की दर से लगभग 600 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें। कृषक भाई किसी भी कीट, रोग व खरपतवार की समस्या के निवारण हेतु व्हाटसप न. 9452247111 अथवा 9452257111 पर प्रभावित पौधों की फोटो सहित अपनी समस्या व पता लिखकर मैसेज भेंजे जिसका 48 घंटे में समस्या का निस्तारण कर आपके मोबाइल पर भेज दिया जायेगा। अधिक जानकारी के लिये प्रभारी राजकीय कृ.र. इकाई अथवा जनपदस्तर पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क करें।जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने मुरसान में खेती का लिया जायजा
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