- बाल विवाह कराने पर 1 लाख रूपया जुर्माना अथवा 2 वर्ष की सजा
- बाल विवाह कराना दंडनीय अपराध है - विमल कुमार शर्मा संरक्षण अधिकारी
जिसमें संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा ने समस्त छात्राओं को उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य, किशोर न्याय अधिनियम, पोक्सो अधिनियम 2012, एवं बाल विवाह अधिनियम 2006 की अंतर्गत 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका एवं 21 वर्ष से कम उम्र के बालक का विवाह न कराये जाने की अपील कर जागरूक किया गया तथा समस्त छात्राओं को बाल विवाह न होने देने की शपथ दिलाते हुये उन्हे बाल विवाह होने के कारण एवं उसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत रूप से जानकरी देते हुए कहा सामाजिक कुरीतियां, आर्थिक स्थिति , प्रथाएं एवं परम्पराओं के कारण बाल विवाह कर दिया जाता है। जिसके कारण बालिकाओं को शक्ति, परिपक्वता न होने के कारण घरेलू हिंसा, शिक्षा से वंचित हो जाना, गम्भीर बीमारी से ग्रसित होना तथा मातृत्व सम्बन्धित एवं शिशु मृत्यु की दर भी बढ़ जाती हैं। बाल विवाह की जानकारी होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 (24 Hours Toll Free) महिला हेल्पलाइन नम्बर -181 (24 Hours Toll Free) पर सूचित करने के साथ ही पास के पुलिस थाने में अथवा 112- इमरजेंसी नम्बर पर सूचना दिये जाने को जागरूक किया गया।
उन्होने यह भी बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा-9 एवं 10 के अन्तर्गत बाल विवाह सम्पादित किये जाने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना अथवा 2 वर्ष तक की सजा हो सकती है। इस अवसर पर इण्टर कालेज की प्रधानाचार्या ममता उपाध्याय ने भी अपने विचार व्यक्त किये तथा महिला कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पात्रता के अनुसार लाभ लेने हेतु छात्राओं को प्रेरित किया साथ ही बाल विवाह न होने के लिये जागरूक किया।
प्रबंधक, वन स्टॉप सेंटर मनीषा भारद्वाज द्वारा कन्या सुमंगला योजना, वन स्टॉप सेंटर के बारे में जानकारी देने के साथ साथ सभी छात्राएं अपने आस-पास के लोगों को भी बाल विवाह के दुष्परिणामों के विषय में जानकारी देकर जागरूक करें और यदि कोई बाल विवाह होने की जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल हेल्पलाइन नम्बरों पर सूचना दें। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कुमुद शर्मा द्वारा किया गया
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षकाए नीलम दिनकर, चमन शर्मा ,साधना, रजनी, श्वेता, नीतू मोनिका वार्ष्णेय ,दीपिका , सीमा दिवाकर, मधु रानी शर्मा महिला कल्याण विभाग से केस वर्कर फारिहा नोशी एवं बंटी कुशवाह आदि उपस्थित रही ।
उन्होने यह भी बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा-9 एवं 10 के अन्तर्गत बाल विवाह सम्पादित किये जाने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना अथवा 2 वर्ष तक की सजा हो सकती है। इस अवसर पर इण्टर कालेज की प्रधानाचार्या ममता उपाध्याय ने भी अपने विचार व्यक्त किये तथा महिला कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पात्रता के अनुसार लाभ लेने हेतु छात्राओं को प्रेरित किया साथ ही बाल विवाह न होने के लिये जागरूक किया।
प्रबंधक, वन स्टॉप सेंटर मनीषा भारद्वाज द्वारा कन्या सुमंगला योजना, वन स्टॉप सेंटर के बारे में जानकारी देने के साथ साथ सभी छात्राएं अपने आस-पास के लोगों को भी बाल विवाह के दुष्परिणामों के विषय में जानकारी देकर जागरूक करें और यदि कोई बाल विवाह होने की जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल हेल्पलाइन नम्बरों पर सूचना दें। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कुमुद शर्मा द्वारा किया गया
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षकाए नीलम दिनकर, चमन शर्मा ,साधना, रजनी, श्वेता, नीतू मोनिका वार्ष्णेय ,दीपिका , सीमा दिवाकर, मधु रानी शर्मा महिला कल्याण विभाग से केस वर्कर फारिहा नोशी एवं बंटी कुशवाह आदि उपस्थित रही ।


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