हाथरस। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में अक्रूर इण्टर कालेज में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शिव कुमारी की अध्यक्षता में किया गया।
शिविर के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उपस्थित छात्र/छात्राओं को बेटी पढोओं बेटी बचाओं, पोक्सों अधिनियम, एंव शिक्षा का अधिकार के बारे में जानकारी देते बताया कि बेटियाॅं बेटों से किसी भी मायने में कम नही है। आज बेटियाॅ महत्वपूर्ण पदों पर विराजमान है चाहे व सेना हो या सिविल नौकरियों, राजस्व नौकरियों, में उच्च पदों पर कार्यरत है। बेटी और बेटें में कोई फर्क नही करना चाहिए। सभी छात्राओं से अनुरोध किया कि आप महनत से पढे और अपने परिवार का नाम रोशन करें, जिससे आपके माता-पिता आप पर गर्भ करें उन्होने कहा कि किसी भी व्यवस्था को चलाने के लिये नियम की आवश्यकता होती है। और सभी को नियमों का पालन करना चाहिए यदि हम नियमों का पालन करें तो घटनायें कम घटित होगी उन्होने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति को कानून की जानकारी करायी जाये, जिससे कोई भी व्यक्ति कानून की जानकारी के अभाव में न्याय पाने से वंचित न रह जाये। सचिव ने बच्चों से आग्रह किया कि स्कूल में जो भी अच्छी बतायी जाती है उन्हे अपने घर पर बताना चाहिए। संविधान के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि संविधान एक व्यवस्था है इसी से विधायिका न्याय पालिका इसी से चलते है। शिक्षा का अधिकार संविधान में दिया हुआ है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को अपने बच्चों को शिक्षित करना है, इसके लिये 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है इसका उद्देश्य कोई भी व्यक्ति अनपढ़ न रहे। इसके अतिरिक्त उन्होने पोक्सों अधिनियम के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि नावालिक बच्चे के अभद्र व्यवहार करने पर पोक्सो एक्ट लगाया जाता है, जिसमें सजा एवं दण्ड का प्राविधान है। इसके अलावा बताया कि कन्या भूण हत्या एक अपराध है, जिसमें भूण हत्या कराने वाला एवं करने वाला दोनो ही दोषी है, जिसके लिये कानून में दण्ड का प्राविधान है। इसके अतिरिक्त उन्होने मोबाईल का प्रयोग आवश्यकता होने पर ही करने की सलाह दी। सचिव ने कहा कि पढ़ने के लिये कोई उम्र निर्धारित नही होती है। उन्होने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चें द्वारा यदि कोई अपराध किया जाता है किशोर न्याय अधिनियम में उसे बाल अपचारी माना जाता है। उन्होने बच्चों से कहा कि पढ़ाई का टाइम टेविल बनाना चाहिए अन्य कार्यो के अतिरिक्त पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। प्रधानाचार्य रामतेज ने अपने वक्तव्य में उपस्थित सभी का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि इस शिविर में प्राप्त जानकारियों को अपने सगे सम्बन्धियों को भी दें।
विधिक साक्षरता शिविर का संचालन सहायक अध्यापक श्री राजाराम शर्मा, द्वारा किया गया। शिविर का संचालन करते हुये उन्होने उपस्थित छात्र/छात्राओं को महिला हैल्पलाईन, पुलिस हैल्पलाईन एवं दुर्घटना हैल्पलाईन नम्बरों के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये कहा कि जब भी कोई समस्या जिससे सम्बन्धित हो उसी नम्बर पर फोन करना चाहिए। इस अवसर पर सहायक अध्यापक श्री राजाराम शर्मा, श्री हीरेन्द्र कुमार गुप्ता, मौ0 सहूद आलम, श्री वीरेन्द्र सिंह, श्री रामवीर सिंह एवं श्री आर0एन0 सिंह सहित काफी संख्या में छात्रायें उपस्थित रही।
शिविर के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उपस्थित छात्र/छात्राओं को बेटी पढोओं बेटी बचाओं, पोक्सों अधिनियम, एंव शिक्षा का अधिकार के बारे में जानकारी देते बताया कि बेटियाॅं बेटों से किसी भी मायने में कम नही है। आज बेटियाॅ महत्वपूर्ण पदों पर विराजमान है चाहे व सेना हो या सिविल नौकरियों, राजस्व नौकरियों, में उच्च पदों पर कार्यरत है। बेटी और बेटें में कोई फर्क नही करना चाहिए। सभी छात्राओं से अनुरोध किया कि आप महनत से पढे और अपने परिवार का नाम रोशन करें, जिससे आपके माता-पिता आप पर गर्भ करें उन्होने कहा कि किसी भी व्यवस्था को चलाने के लिये नियम की आवश्यकता होती है। और सभी को नियमों का पालन करना चाहिए यदि हम नियमों का पालन करें तो घटनायें कम घटित होगी उन्होने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति को कानून की जानकारी करायी जाये, जिससे कोई भी व्यक्ति कानून की जानकारी के अभाव में न्याय पाने से वंचित न रह जाये। सचिव ने बच्चों से आग्रह किया कि स्कूल में जो भी अच्छी बतायी जाती है उन्हे अपने घर पर बताना चाहिए। संविधान के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि संविधान एक व्यवस्था है इसी से विधायिका न्याय पालिका इसी से चलते है। शिक्षा का अधिकार संविधान में दिया हुआ है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को अपने बच्चों को शिक्षित करना है, इसके लिये 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है इसका उद्देश्य कोई भी व्यक्ति अनपढ़ न रहे। इसके अतिरिक्त उन्होने पोक्सों अधिनियम के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि नावालिक बच्चे के अभद्र व्यवहार करने पर पोक्सो एक्ट लगाया जाता है, जिसमें सजा एवं दण्ड का प्राविधान है। इसके अलावा बताया कि कन्या भूण हत्या एक अपराध है, जिसमें भूण हत्या कराने वाला एवं करने वाला दोनो ही दोषी है, जिसके लिये कानून में दण्ड का प्राविधान है। इसके अतिरिक्त उन्होने मोबाईल का प्रयोग आवश्यकता होने पर ही करने की सलाह दी। सचिव ने कहा कि पढ़ने के लिये कोई उम्र निर्धारित नही होती है। उन्होने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चें द्वारा यदि कोई अपराध किया जाता है किशोर न्याय अधिनियम में उसे बाल अपचारी माना जाता है। उन्होने बच्चों से कहा कि पढ़ाई का टाइम टेविल बनाना चाहिए अन्य कार्यो के अतिरिक्त पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। प्रधानाचार्य रामतेज ने अपने वक्तव्य में उपस्थित सभी का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि इस शिविर में प्राप्त जानकारियों को अपने सगे सम्बन्धियों को भी दें।
विधिक साक्षरता शिविर का संचालन सहायक अध्यापक श्री राजाराम शर्मा, द्वारा किया गया। शिविर का संचालन करते हुये उन्होने उपस्थित छात्र/छात्राओं को महिला हैल्पलाईन, पुलिस हैल्पलाईन एवं दुर्घटना हैल्पलाईन नम्बरों के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये कहा कि जब भी कोई समस्या जिससे सम्बन्धित हो उसी नम्बर पर फोन करना चाहिए। इस अवसर पर सहायक अध्यापक श्री राजाराम शर्मा, श्री हीरेन्द्र कुमार गुप्ता, मौ0 सहूद आलम, श्री वीरेन्द्र सिंह, श्री रामवीर सिंह एवं श्री आर0एन0 सिंह सहित काफी संख्या में छात्रायें उपस्थित रही।



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