हाथरस। मुख्य विकास अधिकारी एस0 पी0 सिंह ने जिले में विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की। जिसके दौरान उन्होने कार्यो में तेजी लाने हेतु विभागीय अधिकारियों को कडे निर्देश दिये हैं। उन्होने जोर देकर कहा कि प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं में शामिल योजनाओं सहित जनपद के निर्माण कार्य, जनकल्याणकारी, गरीबी उन्मूलन एवं रोजगारपरक योजनाओं एवं विभागीय कार्यो को गुणवत्ता सहित समय से पूरा करने के लिये तबज्जो दी जाये।
उन्होंने विकास एवं निर्माण कार्यो की वित्तीय एवं भौतिक कार्यप्रगति की विभागवार समीक्षा के दौरान सभी स्वीकृत परियोजनाओं का प्रभावी अनुश्रवण करने के बारे में विभागीय अधिकारियों को कडे़ निर्देश दिये। उन्होंने आगाह किया कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार विकास एवं निर्माण कार्यो की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाये। उन्होने कहा कि मिशन अन्त्योदय के अन्तर्गत सभी विभागीय अधिकारी अपने अपने विभाग से सम्बन्धित कार्ययोजना पोर्टल पर एक हफ्ते में आनलाइन फीड करा दे अन्यथा की स्थिति में वेतन रोकने सम्बन्धी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
उन्होने पंचायती राज विभाग के द्वारा रिबोर करायें गये हैण्डपम्पों के बारे में जानकारी ली। पंचायती राज अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 1912 हैण्डपम्प रिबोर कराये गये है। मुख्य विकास अधिकारी ने रिबोर किये गये हैण्डपाइपों से निकले पाइपों का उपयोग अस्थायी गौशाला निर्माण में लाने के लिये कहा। उन्होने पीडब्लूडी द्वारा नई सडकों के निर्माण के बारे में जानकारी ली। उन्होने जनपद में हो रहे निर्माण कार्यो को मानक के अनुसार करने को कहा। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्वेटर वितरण के प्रगति के बारे में जानकारी करने पर पूर्ण स्वेटर वितरण की जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी से जनपद में खाद, बीज वितरण, पारदर्शी किसान योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण तथा अन्य योजनाओं की समीक्षा की। उन्होने बताया कि जनपद में खाद, बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होने फसल बीमा योजना के अन्तर्गत काटी जाने वाली प्रीमियम धनिराशि के बारे में एलडीएम को सुनिश्चित करने के साथ ही उसकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही बैंको द्वारा कितना प्रीमियम काटा गया है और कितने का भुगतान बीमा ऐजेन्सियों का किया गया है। उसकी पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दियें।
बैठक के दौरान परियोजना निदेशक चन्द्रशेखर शुक्ला ने कहा कि जिन विभागों को मनरेगा के माध्यम से बजट की आवश्यकता हो उसकी सूचना शीघ्र भिजवा दे। यदि बजट की आवश्कता नही है तो शून्य की रिपोर्ट शीघ्र भिजवा दें। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना के तहत चिन्हित किये गये गांव को सभी विभागीय अधिकारी प्राथमिता के आधार पर ले। साथ ही सभी योजनाओं से सन्तृप्त करें।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बृजेश राठौर, जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी सुरेन्द यादव, जिला अर्थ एवं साख्यिकी अधिकारी देवेन्द्र सिंह, जिला द्विव्याग जन एवं सश्क्तीकरण अधिकारी प्रतिभा पाल, जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक सुनील कुमार, पीओं डूडा अंजू सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, एलडीएम, सहित पीडब्लूडी, विद्युत, आरईडी, जल निगम, नलकूप, सिंचाई, आदि विभागों के अभियन्ता तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
उन्होंने विकास एवं निर्माण कार्यो की वित्तीय एवं भौतिक कार्यप्रगति की विभागवार समीक्षा के दौरान सभी स्वीकृत परियोजनाओं का प्रभावी अनुश्रवण करने के बारे में विभागीय अधिकारियों को कडे़ निर्देश दिये। उन्होंने आगाह किया कि शासन की प्राथमिकता के अनुसार विकास एवं निर्माण कार्यो की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाये। उन्होने कहा कि मिशन अन्त्योदय के अन्तर्गत सभी विभागीय अधिकारी अपने अपने विभाग से सम्बन्धित कार्ययोजना पोर्टल पर एक हफ्ते में आनलाइन फीड करा दे अन्यथा की स्थिति में वेतन रोकने सम्बन्धी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
उन्होने पंचायती राज विभाग के द्वारा रिबोर करायें गये हैण्डपम्पों के बारे में जानकारी ली। पंचायती राज अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 1912 हैण्डपम्प रिबोर कराये गये है। मुख्य विकास अधिकारी ने रिबोर किये गये हैण्डपाइपों से निकले पाइपों का उपयोग अस्थायी गौशाला निर्माण में लाने के लिये कहा। उन्होने पीडब्लूडी द्वारा नई सडकों के निर्माण के बारे में जानकारी ली। उन्होने जनपद में हो रहे निर्माण कार्यो को मानक के अनुसार करने को कहा। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्वेटर वितरण के प्रगति के बारे में जानकारी करने पर पूर्ण स्वेटर वितरण की जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी से जनपद में खाद, बीज वितरण, पारदर्शी किसान योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण तथा अन्य योजनाओं की समीक्षा की। उन्होने बताया कि जनपद में खाद, बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होने फसल बीमा योजना के अन्तर्गत काटी जाने वाली प्रीमियम धनिराशि के बारे में एलडीएम को सुनिश्चित करने के साथ ही उसकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही बैंको द्वारा कितना प्रीमियम काटा गया है और कितने का भुगतान बीमा ऐजेन्सियों का किया गया है। उसकी पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दियें।
बैठक के दौरान परियोजना निदेशक चन्द्रशेखर शुक्ला ने कहा कि जिन विभागों को मनरेगा के माध्यम से बजट की आवश्यकता हो उसकी सूचना शीघ्र भिजवा दे। यदि बजट की आवश्कता नही है तो शून्य की रिपोर्ट शीघ्र भिजवा दें। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना के तहत चिन्हित किये गये गांव को सभी विभागीय अधिकारी प्राथमिता के आधार पर ले। साथ ही सभी योजनाओं से सन्तृप्त करें।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बृजेश राठौर, जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी सुरेन्द यादव, जिला अर्थ एवं साख्यिकी अधिकारी देवेन्द्र सिंह, जिला द्विव्याग जन एवं सश्क्तीकरण अधिकारी प्रतिभा पाल, जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक सुनील कुमार, पीओं डूडा अंजू सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, एलडीएम, सहित पीडब्लूडी, विद्युत, आरईडी, जल निगम, नलकूप, सिंचाई, आदि विभागों के अभियन्ता तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।


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