विधिक साक्षरता शिविर का हुआ आयोजन

हाथरस। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हाथरस के तत्वाधान में प्राथमिक विद्यालय ग्राम वाद नगला अठवरिया जिला हाथरस में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन मध्यस्थता के लाभ व लोक अदालत पर श्रीमती शिव कुमारी, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हाथरस की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें श्री कमलेश कुमार गोयल, तहसीलदार, हाथरस तथा ग्राम प्रधान श्री हीरेन्द्र सिंह की उपस्थिति रहें। शिविर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उपस्थित जनता को मीडियेशन के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि जिला मीडियेशन सेन्टर, जनपद न्यायालय, हाथरस में स्थित है, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा पक्षकारों के मध्य सुलह समझौता कराया जाता है, इसमेें पति-पत्नी के विवाद, सिविल वाद तथा ऐसे सभी विवाद जो समझौते के माध्यम से निस्तारित किये जा सकते है, में मध्यस्थगण द्वारा सुलह समझौता कराया जाता है। समझौतें के उपरान्त उसकी आख्या सम्बन्धित न्यायालय को भेज दी जाती है। और मीडियेशन की रिपोर्ट के आधार पर मामले का निस्तारण कर दिया जाता है। इससे दोनो पक्षों के मध्य सामंजस्य बना रहता है।
   इसके अतिरिक्त उन्होने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डालते हुये बताया कि दिनांक 08 सितम्बर 2018 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा, जिसमें आप अपने छोटे-छोटे विवादों का निस्तारण कराकर लोक अदालत का लाभ उठाये उन्होने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों की अपील नहीं की जा सकती तथा सिविल मामलों में अदा की गई कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है। सचिव द्वारा बताया कि जिला प्राधिकरण का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति पैसे के अभाव में न्याय पाने से वंचित न रह जायें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में एक्ट में वार्णित श्रेणी के व्यक्तियों द्वारा विधिक सहायता के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देने पर प्राधिकरण द्वारा जांच उपरान्त निःशुल्क अधिवक्ता से परामर्श हेतु आदेश दिया जाता है।
   श्री कमलेश कुमार गोयल, तहसीलदार, हाथरस ने अपने वक्तव्य में शिविर में उपस्थित जनता को आय एवं जातीय प्रमाण बनवाने के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी तथा इसके साथ-साथ दाखिल खारिज के सम्बन्ध में एवं बटवारे के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सर्व दुर्घटना योजना के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि किसी किसान की आकस्मिक दुर्घटना में मुत्यु होने पर उसे 5,00,000/- रूपये शासन द्वारा दिये जाने का प्राविधान है, इसके लिये उस व्यक्ति को पोस्ट मार्टम कराया जाना आवश्यक है।
    विधिक साक्षरता शिविर का संचालन श्री हीरेन्द्र सिंह ग्राम प्रधान द्वारा किया गया तथा इसके अतिरिक्त उन्होने सरकारी योजना की जानकारी भी दी। इस अवसर पर ग्रामीण जनता उपस्थित रही। ग्रामीण जनता ने अपनी समस्यायें बताई, जिनके सम्बन्ध में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तहसीलदार व ग्राम प्रधान द्वारा परामर्श दिया गया। ग्राम प्रधान द्वारा सभी उपस्थित गणमान्य का धन्यवाद व्यक्त किया गया।

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