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गरीब को योग नहीं भोग की जरूरत है, शांतिपूर्वक रोटी कमाकर पेट भरना ही सबसे बड़ा योग- - लवानियाँ

हाथरस/सासनी। भूख इंसान को गद्दार बना देती है अगर किसी का दिल जीतना हो तो उसका पेट पहले  भरना होगा उसकी तकलीफो से उसका ध्यान हटाने के लिए योग का झुनझुना देने के बजाय प्रदेश के हर गरीब को वक्त पर भोजन उपलब्ध कराया जाए आजके परिवेश में योग से कहीं ज्यादा आदमी के लिए स्वास्थ्यवर्धक भोज और मुट्ठी भर अनाज  की  जरूरत है ये विचार कांग्रेस की जिला महामंत्री जीवन किशोर लवानियाँ ने किए उन्होने कहा की देश का किसान कर्ज की मार से त्रस्त  है आलू की उचित दाम भी उसे नहीं मिल पा रहे है ऐसी दुरुह परिस्थ्ति से जूझते किसान आत्महत्या कर रहे वही देश के रहनुमा योग दिवस मनाने में जुटे है  जन सुविधा केंद्र ,अस्पताल,बैंक हर जगह लंबी लंबी कतारो में लगा गरीब किसान राशन कार्ड ,आधार कार्ड ,पैन कार्ड आदि अनेक प्रकार के आनलाइन हेतु अपना कीमती समय नष्ट कर रहा है उधर प्रदेश के रहनुमा योग दिवस मनाने की बात कर गरीब आदमी  का ध्यान उस की मुख्य समस्या से भटकने का कार्य कर रहे है हर रोज नई घोषणा वादे इरादे के साथ सिर्फ वक्त गुजारने वाले रहनुमा कब तक भोली जनता को धोखा देते  रहेंगे ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा फिलहाल तो गरीब आदमी को योग की नहीं पेट भर भोजन की तलाश है जिसके लिए उसे रोजगार की जरूरत है । दो वक्त की रोटी कमाकर शांति पूर्वक पेट भरना ही उसका सबसे बड़ा योग है श्री लवानियां शनिवार  को किसानो की कर्जमाफी को लेकर किसानो एवं कार्यकर्ताओ से सीधा संवाद कर रहे थे । उनके साथ सुरेश मल्ल,अजय बाबा,धीरेश दीक्षित,नरेश पांडे सुभाष चंद्र आजाद ,पूरन चंद्र माणिक चंद्र, बनवारी लाल, राकेश कुमार शर्मा आदि अनेक कॉंग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

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