हाथरस। दिल्ली पब्लिक स्कूल, हाथरस स्थापना के प्रथम वर्ष से ही समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता आया है और इसका उद्देश्य यही है कि हमारी संस्कृति और सभ्यता को जीवित रखा जा सके।
इसी कड़ी में आज विद्यालय में टीचर्स डे पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। इसके अन्तर्गत छात्र-छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ देते हुए सभी को अपनी ओर आकर्षित कर लिया। कार्यक्रम का प्रारम्भ ईश वन्दना से हुआ। तत्पश्चात छात्र-छात्राओं ने सुविचार एवं इस दिवस से संबंधित विविध तथ्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अगले चरण में छात्र-छात्राओं ने ‘टीचर्स डे’ के उपलक्ष्य में नृत्य, हास्य नाटक, आॅर्केस्टा वादन आदि प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। साथ ही अध्यापकों के लिए भी छात्र-छात्राओं द्वारा विविध खेलों का आयोजन किया गया जिसमें हर एक अध्यापक ने जमकर लुत्फ़ उठाया।
कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती नीना चक्कु जी ने सभी को इस दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि ‘गुरु बिनु होहि न ज्ञान’ अर्थात गुरु ही वह माध्यम है जो हमें अँधेरे रास्ते में हाथ पकड़ कर ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाता है।
इसी कड़ी में आज विद्यालय में टीचर्स डे पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। इसके अन्तर्गत छात्र-छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ देते हुए सभी को अपनी ओर आकर्षित कर लिया। कार्यक्रम का प्रारम्भ ईश वन्दना से हुआ। तत्पश्चात छात्र-छात्राओं ने सुविचार एवं इस दिवस से संबंधित विविध तथ्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अगले चरण में छात्र-छात्राओं ने ‘टीचर्स डे’ के उपलक्ष्य में नृत्य, हास्य नाटक, आॅर्केस्टा वादन आदि प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। साथ ही अध्यापकों के लिए भी छात्र-छात्राओं द्वारा विविध खेलों का आयोजन किया गया जिसमें हर एक अध्यापक ने जमकर लुत्फ़ उठाया।
कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती नीना चक्कु जी ने सभी को इस दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि ‘गुरु बिनु होहि न ज्ञान’ अर्थात गुरु ही वह माध्यम है जो हमें अँधेरे रास्ते में हाथ पकड़ कर ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाता है।


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