हाथरस। सांसद राजेश कुमार दिवाकर द्वारा जिलाधिकारी हाथरस को पत्र लिखकर केन्द्रीय विद्यालय के नये भवन के निर्माण हेतु आवंटित भूमि जल्द ही प्रदान किये जाने पर बल दिया।
सांसद ने जिलाधिकारी को अवगत कराते हुऐ बताया गया कि श्री प्रकाश जावड़ेकर जी, केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के संलग्न पत्र का अवलोकन करने का कष्ट करें, जोकि मेरे द्वारा प्रेषित पत्र (केन्द्रीय विद्यालय, हाथरस में 11वीं, 12वीं कक्षा प्रारम्भ किये जाने के सम्बन्ध में है) के उत्तर में भेजा गया है।
केन्द्रीय विद्यालय संगठन से जाॅच करवाई गई जिसके आधार पर सूचित किया है कि वर्तमान में जिस भवन में केन्द्रीय विद्यालय चल रहा है वह 113 वर्ष पुराना है तथा जीर्ण-षीर्ण अवस्था में है, जोकि छात्र-छात्राओं के लिये बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। नगर पालिका, हाथरस ने विद्यालय के हाॅल तथा बरामदे को असुरक्षित घोषित किया है। भूकम्प का जरा-सा झटका लगते ही यह भवन कभी-भी धराशायी हो सकता है। विद्यालय परिसर में ही चार अन्य विभाग बिक्रीकर, आंगनबाड़ी, पत्रकार संघ तथा सार्वजनिक शौचालय चल रहे हैं, जिसके कारण परिसर में पठन-पाठन का माहौल बाधित होता है। साथ ही इसी परिसर में प्रत्येक सप्ताह धरना प्रदर्शन एवं रैली आये दिन होने के कारण विद्यालय चलाना सम्भव नहीं हो पा रहा है।
बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए पूर्व जिलाधिकारी, हाथरस ने उसी प्रांगण में अतिरिक्त 9 कमरे देने का आश्वासन दिया था, परन्तु अभी तक वे कमरे विद्यालय को प्राप्त नही हुए हैं। यह विद्यालय 2010 से आरम्भ हुआ था, लेकिन विद्यालय को आवंटित 5 एकड़ भूमि भी जिला प्रशासन द्वारा अभी तक प्रदान नही की गई है।
उक्त मामले पर अतिशीघ्र विचार करते हुए, केन्द्रीय विद्यालय, हाथरस के निर्माण हेतु जल्द से जल्द भूमि आवंटित कराने का कष्ट करें, जिसमें केन्द्रीय विद्यालय के भवन का निर्माण हो सके, जिससे 12वीं तक की कक्षाऐं भी प्रारम्भ हो सके तथा इसमें पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को केन्द्रीय विद्यालय की नियमानुसार सुविधाऐं प्राप्त हो सके।
सांसद ने जिलाधिकारी को अवगत कराते हुऐ बताया गया कि श्री प्रकाश जावड़ेकर जी, केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के संलग्न पत्र का अवलोकन करने का कष्ट करें, जोकि मेरे द्वारा प्रेषित पत्र (केन्द्रीय विद्यालय, हाथरस में 11वीं, 12वीं कक्षा प्रारम्भ किये जाने के सम्बन्ध में है) के उत्तर में भेजा गया है।
केन्द्रीय विद्यालय संगठन से जाॅच करवाई गई जिसके आधार पर सूचित किया है कि वर्तमान में जिस भवन में केन्द्रीय विद्यालय चल रहा है वह 113 वर्ष पुराना है तथा जीर्ण-षीर्ण अवस्था में है, जोकि छात्र-छात्राओं के लिये बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। नगर पालिका, हाथरस ने विद्यालय के हाॅल तथा बरामदे को असुरक्षित घोषित किया है। भूकम्प का जरा-सा झटका लगते ही यह भवन कभी-भी धराशायी हो सकता है। विद्यालय परिसर में ही चार अन्य विभाग बिक्रीकर, आंगनबाड़ी, पत्रकार संघ तथा सार्वजनिक शौचालय चल रहे हैं, जिसके कारण परिसर में पठन-पाठन का माहौल बाधित होता है। साथ ही इसी परिसर में प्रत्येक सप्ताह धरना प्रदर्शन एवं रैली आये दिन होने के कारण विद्यालय चलाना सम्भव नहीं हो पा रहा है।
बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए पूर्व जिलाधिकारी, हाथरस ने उसी प्रांगण में अतिरिक्त 9 कमरे देने का आश्वासन दिया था, परन्तु अभी तक वे कमरे विद्यालय को प्राप्त नही हुए हैं। यह विद्यालय 2010 से आरम्भ हुआ था, लेकिन विद्यालय को आवंटित 5 एकड़ भूमि भी जिला प्रशासन द्वारा अभी तक प्रदान नही की गई है।
उक्त मामले पर अतिशीघ्र विचार करते हुए, केन्द्रीय विद्यालय, हाथरस के निर्माण हेतु जल्द से जल्द भूमि आवंटित कराने का कष्ट करें, जिसमें केन्द्रीय विद्यालय के भवन का निर्माण हो सके, जिससे 12वीं तक की कक्षाऐं भी प्रारम्भ हो सके तथा इसमें पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को केन्द्रीय विद्यालय की नियमानुसार सुविधाऐं प्राप्त हो सके।


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