हाथरस। थाना सहपऊ क्षेत्र के गांव बछेपुर मे प्रातः नल का वोरिंग करते समय ग्यारह हजार की लाइन की चपेट मे आकर एक मिस्त्री को दर्दनाक मौत हो गई। मौत हो जाने के वाद गावं मे कोहराम मच गया। परिजनो ने प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई मगर कोई मदद करने को नही आया। थाने मे राजीनामा कराये जाने के प्रयास देर सांय तक जारी थे। बताया गया कि परिजनो ने बोरिंग कराने वाले पर लापरवाही को आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये थाने मे तहरीर दे दी थी, उसके वाद पुलिस म्रतक के शव को लेकर बागला अस्पताल आई थी।
मिली जानकारी के अनुसार थाना सहपऊ क्षेत्रा के गांव बछेपुर निवासी अनिल कुमार पुत्र देबेद्र सिंह प्रातः अपने तीन साथियो के साथ पास के ही गांव सलेमपुर मे एक किसान के यंहा हैंड पम्प लगाने के लिये गया हुआ था। लोगो की माने तो बोरिंग करने से पहले सड़क के ऊपर होकर गुजर रही ग्यारह हजार की विद्युत लाइन होने के कारण अनिल ने मना किया था, मगर खेत के मालिक ने एक नही मानी और बौरिंग करने की लिये जबरन लगा दिया। बौरिंग करते समय पाइप को ऊपर की ओर मजदूरो के साथ साथ अनिल खींचा तो उफपर से गुजर रही ग्यारह हजार की लाइन पाइप टच हो गई। बिजली का जोर दार झटका लगते ही और मजदूर तो दूर दूर जाकर गिर गये और अनिल पाइप से चिपका रहा जिसकी निकली चीखो को सुनकर किसी ने भी उसको बचाने का प्रयास नही किया, काफी समय वाद बिजली सप्लाई बंद कराने के वाद लोगो ने साहस दिखाते हुए उसको उठाया और सहपऊ के डाक्टर के पास ले गये। डाक्टर ने हालत को बिगड़ता देख हाथ खड़े कर दिये। उसके बाद हाथरस लेकर आये, यंहा डाक्टरो ने उसको उपचार देेने से पूर्ब म्रत घोषित कर दिया। परिजनो को मौत हो जाने की खबर मिली तो परिजनो के साथ पूरे गांव मे कोहराम मच गया। दर्जनो की संख्या लोग थाने आ गये और बौरिंग के स्बामी पर लापरवाही का अरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे। पुलिस ने शव को बागला अस्पताल आकर अपने कब्जे में ले लिया था। देर सांय तक पोस्ट मार्टम नही हुआ था। पूछे जाने पर पुलिस ने बताया कि मामले को लेकर पूरी सर्तकता बर्ती जा रही हैे। दोनो पक्षो मे समझोता वार्ता चल रही है। पुलिस अपना काम सही तरीके से कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार थाना सहपऊ क्षेत्रा के गांव बछेपुर निवासी अनिल कुमार पुत्र देबेद्र सिंह प्रातः अपने तीन साथियो के साथ पास के ही गांव सलेमपुर मे एक किसान के यंहा हैंड पम्प लगाने के लिये गया हुआ था। लोगो की माने तो बोरिंग करने से पहले सड़क के ऊपर होकर गुजर रही ग्यारह हजार की विद्युत लाइन होने के कारण अनिल ने मना किया था, मगर खेत के मालिक ने एक नही मानी और बौरिंग करने की लिये जबरन लगा दिया। बौरिंग करते समय पाइप को ऊपर की ओर मजदूरो के साथ साथ अनिल खींचा तो उफपर से गुजर रही ग्यारह हजार की लाइन पाइप टच हो गई। बिजली का जोर दार झटका लगते ही और मजदूर तो दूर दूर जाकर गिर गये और अनिल पाइप से चिपका रहा जिसकी निकली चीखो को सुनकर किसी ने भी उसको बचाने का प्रयास नही किया, काफी समय वाद बिजली सप्लाई बंद कराने के वाद लोगो ने साहस दिखाते हुए उसको उठाया और सहपऊ के डाक्टर के पास ले गये। डाक्टर ने हालत को बिगड़ता देख हाथ खड़े कर दिये। उसके बाद हाथरस लेकर आये, यंहा डाक्टरो ने उसको उपचार देेने से पूर्ब म्रत घोषित कर दिया। परिजनो को मौत हो जाने की खबर मिली तो परिजनो के साथ पूरे गांव मे कोहराम मच गया। दर्जनो की संख्या लोग थाने आ गये और बौरिंग के स्बामी पर लापरवाही का अरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे। पुलिस ने शव को बागला अस्पताल आकर अपने कब्जे में ले लिया था। देर सांय तक पोस्ट मार्टम नही हुआ था। पूछे जाने पर पुलिस ने बताया कि मामले को लेकर पूरी सर्तकता बर्ती जा रही हैे। दोनो पक्षो मे समझोता वार्ता चल रही है। पुलिस अपना काम सही तरीके से कर रही है।


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