हाथरस। घुटने वाला अनपढ गमार बना डाक्टर अस्पताल की नाक के नीचे बैच रहा है धड़ले से अंग्रेजी दवाईयों। अब तक कई लोग मौत के गाल में समा चुके है। मगर इसेके यहां दवा की ब्रिकी आज भी जारी है। महकमे के अधिकतर बाबू व स्वास्थ्यकर्मी दुकानदार से अच्छी तरह बाकिव है। अभी तक कोई कार्यवाही न होना स्वास्थ्य महकमे को संदेह के घेरे में खड़ा कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार के अनुसार जिला बागला अस्पताल के पीछे बीटीसी कालेज के सामने लालो परचून भंडार के नाम से दुकान खुली हुई है। जिसका स्वामी संचालक अनपढ गमार है, जो अंग्रेजी दवाओं के बारे में कोई जानकारी नही रखता बाबजूद इसके उसकी दुकान पर हर मर्ज की अंग्रेजी दवा खुलेआम धड़ल्ले से बैची जा रही है। ताजूब जब होता है, तब स्वास्थ्य महकमे में तैनात कर्मचाारियों के परिवार भी इसी दुकान से घरेलू सामान खरीददारी करते है। उनकी आंखों के सामने अंग्रेजी दवायें बैची जा रही है। जब स्वास्थ्य महकमा ही कुछ नही कर पा रहा तो एक आम शहरी की बिसात क्या है। लोगों की माने तो यह घुटने वाला लालों इताना दमदार है, कि जब इसकी कोई शिकायत करता है तो वह स्वयं तथा अपने गुन्डों से शिकायतकर्ता को पिटवाता है। लोगों ने बताया कि हम लोगों ने दर्जनों बार लिखित व मौखिक डीआईओ तथा सीएमओ से शिकायत की जा चुकी है। मगर दुकान पर छापा तो दूर की बात कोई आज तक झाका भी नही है। अगर महकमे में जल्द इस दुकान पर बिकने वाली दवाओं को बंद नही कराया तो वह दिन दूर नही है, जब महकमा अपने ही जाल में खुद फंस जायेगा। लोगों ने तो यह भी आरोप लगाये है कि लालों स्वास्थ्य महकमे के आलाधिकारियांे माहवार मोटी रकम देता है।
मिली जानकारी के अनुसार के अनुसार जिला बागला अस्पताल के पीछे बीटीसी कालेज के सामने लालो परचून भंडार के नाम से दुकान खुली हुई है। जिसका स्वामी संचालक अनपढ गमार है, जो अंग्रेजी दवाओं के बारे में कोई जानकारी नही रखता बाबजूद इसके उसकी दुकान पर हर मर्ज की अंग्रेजी दवा खुलेआम धड़ल्ले से बैची जा रही है। ताजूब जब होता है, तब स्वास्थ्य महकमे में तैनात कर्मचाारियों के परिवार भी इसी दुकान से घरेलू सामान खरीददारी करते है। उनकी आंखों के सामने अंग्रेजी दवायें बैची जा रही है। जब स्वास्थ्य महकमा ही कुछ नही कर पा रहा तो एक आम शहरी की बिसात क्या है। लोगों की माने तो यह घुटने वाला लालों इताना दमदार है, कि जब इसकी कोई शिकायत करता है तो वह स्वयं तथा अपने गुन्डों से शिकायतकर्ता को पिटवाता है। लोगों ने बताया कि हम लोगों ने दर्जनों बार लिखित व मौखिक डीआईओ तथा सीएमओ से शिकायत की जा चुकी है। मगर दुकान पर छापा तो दूर की बात कोई आज तक झाका भी नही है। अगर महकमे में जल्द इस दुकान पर बिकने वाली दवाओं को बंद नही कराया तो वह दिन दूर नही है, जब महकमा अपने ही जाल में खुद फंस जायेगा। लोगों ने तो यह भी आरोप लगाये है कि लालों स्वास्थ्य महकमे के आलाधिकारियांे माहवार मोटी रकम देता है।


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