यतेंद्र सेंगर, संवाददाता
सासनी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक प्रसूता की प्रसव के दौरान हालत बिगड गई। जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान प्रसूता की मौत हो गई जिससे मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया। गांव विलखौरा कलां निवासी फरीदा मोहम्मद की चैबीस वर्षीय पत्नी मदीना को प्रसव होना था। जिसे प्रवस के लिए ऐंबुलेंस द्वारा गांव बिलखौरा से सासनी सीएचसी लाया गया। इस दौरान सीएचसी में कोई भी एमबीबीएस महिला चिकित्सक न होने के कारण नर्स और दाई मां ने ही प्रसव कराना शुरू कर दिया। बताते हैं कि प्रसव होने के बाद अचानक प्रसूता की हालत बिगड गई। प्रसूता की हालत बिगडती देख स्टाफ में खलबली मच गई।
आनन-फानन मे मौजूद स्टाफ ने जिला अस्पताल के लिए रेफर स्लिप बनाकर महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान महिला ने दम तोड दिया। मदीना की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं परिजन मृतका के शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ही घर लेकर घर आ गये। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि मृतका के मायके पक्ष के लोग आ गये और शव को रखकर विलाप करते हुए मृतका का सही उपचार न कराने की शिकायत कोतवाली में करने की तैयारी में जुट गऐ। वहीं समाचार लिखे जाने तक मृतका का शव गांव में उसके घर पर रखा था। मृतका के परिजनों और मायके पक्ष में सुलह कराने के लिए सभ्रांत लोग प्रयासरत थे। मृतका के परिजनों का अरोप था कि चिकित्सकों की लापरवाही से मदीना की मौत हुई है।
-मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, पता चला है कि एक प्रसूता की जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हुई है। जिसे सीएचसी से रेफर किया गया था। -दलवीर सिंह रावत चिकित्सा प्रभारी सीएचसी सासनी
-अभी तक कोई भी शिकायत इस प्रकार कोतवाली में नहीं आई है। यदि शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।-प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सासनी



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