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हाथरस- रक्षक ही बना गया भक्षक, यूनीवर्सल ह्रमेन राइट्स ने की सासनी इन्सपेक्टर के खिलाफ कार्यवाही की मांग, गठित कमेटी से कराई जाये जांच

हाथरस। रक्षक ही बना भक्षक जनपद के एक कोतवाली में तैनात इस्पेक्टर ने अपने ही थाने की एक महिला पुलिसकर्मी को विगत दिन आवास पर किसी काम के बहाने बुलाया और उसने कौन सी ऐसी बात कही की महिला पुलिसकर्मी इस्पेक्टर के आवास के बाहर कोतवाली परिसर में फूट-फूट कर रो पड़ी। जब रोती महिला पुलिसकर्मी से अन्य पुलिसकर्मियों ने उससे पूछा उसने अपनी पीड़ा को बताया और इस मामले की शिकायत एसपी से कीं। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुये जांच सीओ सासनी मनीषा सिंह को सौपी है।
इस प्रकरण को लेकर चर्चायें शुरू हुई अखबारों में समाचार प्रकाशित हुये उसके बाद अधिकतर लोग आरोपी कोतवाल के विरूद्व कठोर कार्यवाही के पक्ष में मांग कर रहे है। वही यूनीवर्सल हूयमेन राइटस काउसिल के पदाधिकारियों पीड़ित सिपाही के संम्बध में इस्पेक्टर की शिकायत पुलिस अधीक्षक, डीआईजी, आईजी, और डीजीपी को पत्र के मध्यम से की गई है। जहां उन्होने कहा कि इस्पेक्टर द्वारा महिला सिपाही को बदनीयती से अपने कमरे में बुलाकर बदसूलकी कर मानवता की सारी हदें पार कर दी जो कि सभ्य समाज व पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला है। महिला के आत्म सम्मान की प्रतिष्ठा को चोट पहुचाने वाला है। साथ ही साथ कार्य स्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडन की परिधि मे आता है। वहीं महासचिव प्रवीन वाष्र्णेय ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट, महिला आयोग, मानव अधिकार आयोग के निर्देशानुसार कार्य स्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडन रोकने सम्बन्धी कमेटियों का गठन प्रत्येक विभाग मे होता है। जहां महिलायें कार्य करती है इस कमेटी का गठन पुलिस विभाग मे भी है। जिसका मै स्वंय सदस्य हूॅ। चूकिं यह पूरा प्रकरण की जांचं इस कमेटी से ही कराई जाये। इस प्रकरण की विभागीय जांच से पीडिता को न्याय नहीं मिल जायेगा। और विभागीय दबाब मे पीडिता पर दववा बनाकर प्रकरण को रफा दफा कर दवाने का प्रयास किया जा सकता है। उन्होने मांग की है कि इस प्रकरण की जांच कार्य स्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडन रोकने सम्बन्धी कमेटी से कराकर पीडिता को न्याय दिलाकर उसके आत्म सम्मान की रक्षा, उसके समानता के अधिकार, मौलिक अधिकार की रक्षा कर जांच मे दोषी पाये जाने पर इन्सपेक्टर को उसके कृत्य की सजा दी जाये।

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