हाथरस। मधूगढ़ी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का लगभग 40 साल पुराना पार्क है, जिसकी चारों तरफ बाउन्ड्रीवाल थी, छायादार वृक्ष थे, हरियाली थी, शनैः-शनैः पालिका परिषद की उदासीनता के कारण पार्क की दुर्गति होती चली गई। कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गये। आवरा पशुओं की शरण स्थली बन गई। पशु बंधने लग गये। पार्क में केवल बापू की प्रतिमा गन्दगी के ढेर पर शेष रह गई और तभी भूमाफियों की नजर पार्क पर पड़ी तो अतिक्रमण शुरू होने लगा।
भूमाफियों द्वारा जगह को कब्जाने की मंशा से गांधी प्रतिमा को दो बार तुड़वाया गया, लेकिन कांग्रेसियों व बाल्मीकि बस्ती के लोगों के आक्रोश भरे आन्दोलनों से प्रशासन जागा। एकबार कांग्रेस के जिला प्रवक्ता डा. मुकेश चन्द्रा ने समाजसेवियों के सहयोग से गांधी प्रतिमा को लगवाया तो दूसरी बार प्रशासन ने गांधी मूर्ति पुनः लगवाई और पार्क की साफ सफाई कराई फलस्वरूप अतिक्रमणकारियों के मंसूबे धरे रह गये।
पार्क के पुराने स्वरूप को बहाल करने, सौन्दर्यीकरण कराने, बाउण्ड्रीवाल तथा साफ सफाई कराने हेतु कई बार पालिका परिषद, उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी को कांग्रेसजनों ने आन्दोलन कर अवगत कराया गया लेकिन ढाक के तीन पात रहे। पुनः 15 दिन पहले कांग्रेसजनों ने क्षेत्रीय जनता को साथ लेकर डा. मुकेश चन्द्रा के नेतृत्व में पालिका प्रशासन का पुतला दहन किया था जिसमें 15 दिन के अन्दर बाउण्ड्रीवाल कराने तथा पार्क की सफाई कराने की मांग की गई थी। सुनवाई न होने पर चरणबद्ध तरीके से आन्दोलन चलाने की चेतावनी दी गई थी।
कांग्रेसियों व क्षेत्रीय लोगों का संघर्ष रंग लाया और पालिका प्रशासन ने 15 दिन का अल्टीमेटम समाप्त होते ही पार्क में बाउण्ड्रीवाल कराने का कार्य प्रारम्भ कर दिया है। इस मौके पर पहुंचकर कांग्रेसियों ने बाउण्ड्रीवाल में प्रयोग हो रही भवन सामिग्री का निरीक्षण कर संतोष जताया तथा पालिका का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस मौके पर रज्जनलाल, जिला महामंत्री अशोक वाष्र्णेय, सोनू खान, रूपेश साहिल, लखन बाल्मीकि ने कहा कि जब तक पार्क अपने पुराने स्वरूप में नहीं आ जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। संघर्ष व आन्दोलनों के फलस्वरूप ही पार्क में नया इण्डिया मार्क हैण्डपम्प लगा है और पार्क में रात्रि को लाइट व्यवस्था प्रारम्भ हुई तथा वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण भी हुआ है।
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