सासनी। कस्बा में स्थित पंजाब नेशनल बैंक में हंगामा हो गया। लाइन में लगे लोगों ने जमकर बैंक मैनेजर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बैंक का शटर गिरा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझा कर शांत किया।
बता दें कि आठ नवंबर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हजार और पांच सौ के नोट बंद का ऐलान करने के बाद लोगों में बेचैनी हो गई। सुबह से ही लोग लाइनों में आकर लग गये। और तब से आज तक बैंकों के बाहर लाइनें लगी हुई है। प्रतिदिन रोजाना दहाड़ी जुटाने वाले लोगों के सामने आर्थिक समस्या सुरसा का मुंह फाड़े खड़ी हो गई है। एक ओर बैंक कर्मचारी लोगों को रुपये नहीं दे रहे। सभी को कैश खत्म होने की बात कहकर भगा देते हैं, या फिर लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। पंजाब नेशनल बैंक में शनिवार की सुबह चार बजे से लोग लाइनों में खड़े थे। एक ओर महिलाएं भी खड़ी थीं, मगर गांव मुहरिया के पूर्व प्रधान भारत पाठक भी सुबह से रुपये लेने के लिए लाइन में खड़े थे। बताते हैं कि बैंक ने चार बजे कैश बांटना बंद कर दिया। पूर्व ग्राम प्रधान भारतीय दूर संचार निगम में कार्ररत हैं। उन्हें अपने वेतन का चैक कैश कराना था। मगर बैंक ने रुपये देने से इंकार कर दिया। इस पर भारत पाठक को गुस्सा आ गया। और बैंक में बैठे कर्मचारियों से नोंक झोंक हो गई। फिर क्या था, लाइन में लगे अन्य लोगों का भी आक्रोश फूट गया। बैंक के सामने जमकर नारेबाजी करने लगे। बैंक का शटर गिरा दिया, इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। और हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया। लोगों का अरोप था कि बड़े व्यापारी बैंक में प्रवेश कर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से साठ गांठ कर भारी मात्रा में रुपये निकाल ले जाते हैं। मध्यमवर्ग के लोग बैंक के बाहर खड़े रह जाते हैं। वहीं छात्राओं का आरोप था कि सोमवार को का प्रयोगात्मक परीक्षा है। जिसके लिए रुपयों की आवश्यकता है। मगर बैंक के बाहर खड़े पूरा दिन हो गया। मगर उन्हें शाम तक रुपया हीं मिला है। शाम को परिजनों की डांट और मिलती है। कि पूरा दिन कहां गुजारा। फिलहाल इस नोटबंदी को लेकर सभी परेशान हैं।
बता दें कि आठ नवंबर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हजार और पांच सौ के नोट बंद का ऐलान करने के बाद लोगों में बेचैनी हो गई। सुबह से ही लोग लाइनों में आकर लग गये। और तब से आज तक बैंकों के बाहर लाइनें लगी हुई है। प्रतिदिन रोजाना दहाड़ी जुटाने वाले लोगों के सामने आर्थिक समस्या सुरसा का मुंह फाड़े खड़ी हो गई है। एक ओर बैंक कर्मचारी लोगों को रुपये नहीं दे रहे। सभी को कैश खत्म होने की बात कहकर भगा देते हैं, या फिर लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। पंजाब नेशनल बैंक में शनिवार की सुबह चार बजे से लोग लाइनों में खड़े थे। एक ओर महिलाएं भी खड़ी थीं, मगर गांव मुहरिया के पूर्व प्रधान भारत पाठक भी सुबह से रुपये लेने के लिए लाइन में खड़े थे। बताते हैं कि बैंक ने चार बजे कैश बांटना बंद कर दिया। पूर्व ग्राम प्रधान भारतीय दूर संचार निगम में कार्ररत हैं। उन्हें अपने वेतन का चैक कैश कराना था। मगर बैंक ने रुपये देने से इंकार कर दिया। इस पर भारत पाठक को गुस्सा आ गया। और बैंक में बैठे कर्मचारियों से नोंक झोंक हो गई। फिर क्या था, लाइन में लगे अन्य लोगों का भी आक्रोश फूट गया। बैंक के सामने जमकर नारेबाजी करने लगे। बैंक का शटर गिरा दिया, इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। और हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया। लोगों का अरोप था कि बड़े व्यापारी बैंक में प्रवेश कर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से साठ गांठ कर भारी मात्रा में रुपये निकाल ले जाते हैं। मध्यमवर्ग के लोग बैंक के बाहर खड़े रह जाते हैं। वहीं छात्राओं का आरोप था कि सोमवार को का प्रयोगात्मक परीक्षा है। जिसके लिए रुपयों की आवश्यकता है। मगर बैंक के बाहर खड़े पूरा दिन हो गया। मगर उन्हें शाम तक रुपया हीं मिला है। शाम को परिजनों की डांट और मिलती है। कि पूरा दिन कहां गुजारा। फिलहाल इस नोटबंदी को लेकर सभी परेशान हैं।


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